*विकास खण्ड रायपुर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित, विभिन्न विभागों को त्वरित निस्तारण के निर्देश*
देहरादून :
उत्तराखण्ड शासन के कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के विशेष कार्याधिकारी श्री संजीव कुमार शर्मा द्वारा शुक्रवार को विकास खण्ड रायपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ासीग्रान्ट, न्याय पंचायत थानों में पूर्वाह्न 11 बजे से जनसंवाद एवं क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आयोजित बैठक में खण्ड विकास अधिकारी रायपुर, सहायक खण्ड विकास अधिकारी रायपुर, सहायक कृषि अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक, जल निगम, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण विभाग, राजस्व विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधान बड़ासीग्रान्ट, जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि तथा ग्राम पंचायत के लगभग 80 ग्रामीणजन भी बैठक में सम्मिलित हुए।
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। जिनका संज्ञान लेते हुए विशेष कार्याधिकारी द्वारा संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क, मनरेगा के अंतर्गत संचालित कार्यों तथा पंचायत भवन का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया।
तत्पश्चात विशेष कार्याधिकारी ने जूनियर हाई स्कूल, अखण्डवाली भिलंग में द्वितीय जनसंवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्ववत समस्त विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को पत्र अग्रसारित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शासन की प्राथमिकता जनसुनवाई के माध्यम से समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।
रोड़ कटिंग शर्तों मानकों के उल्लंघन पर विधिक एक्शन तय; मा0 प्रभारी मंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
निर्माण साईटों पर सुपर विजन हेतु अनिवार्यता उपस्थित रहे जूनि0 अभियंताः प्रभारी मंत्री
देहरादून दिनांक 27 फरवरी 2026, (सूवि), मा0 प्रभारी मंत्री देहरादून सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में रोड कटिंग कार्यों की समीक्षा एवं नए रोड कटिंग कार्यों की अनुमति के संबंध में मंथन सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। मा0 मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि माह अपै्रल तक सभी संचालित निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए। जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाओं/निर्माण एजेंसियों को सशर्त अनुमति जारी करते हुए निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन करवाया जाए तथा मानकों के अनुरूप कार्य न करने वाली एजेंसियों के विरूद्ध भारी अर्थदंड रोपित करते हुए आरसी के माध्यम से वसूली की जाए। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अनुमति के समय सम्बन्धित एजेंसियों से शर्तों का पालन तथा समयावधि में कार्य पूर्ण करने सम्बन्धी शपथ पत्र ले लिया जाए। मानको का उल्लंघन होने पर मुकदमा दर्ज करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।
बैठक में मा0 प्रभारी मंत्री ने सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग आपसी समन्वय एवं इन्टिग्रेटेड प्लान के साथ कार्य करते हुए संचालित विकास कार्यों को जनमानस की सुरक्षा एवं सुविधा के दृष्टिगत निर्धारित मानकों के अन्तर्गत समयबद्ध पूर्ण करें ताकि निर्माण कार्यों के लिए बार-बार सड़क न खोदनी पड़े। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न स्थानों पर गतिमान निर्माण कार्यों की प्रभावी मॉनिटिरिंग की जाए तथा निर्माण स्थल पर सुपरविजन हेतु जूनियर अभियंता अनिवार्यरूप से उपस्थित रहे। रोड खराब होने की शिकायत पर मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के उपरान्त सड़क को निर्धारित मानक के अनुसार कम्प्रेस किया जाए। साथ ही निर्देशित किया कि जो एजेंसी निर्धारित मानक एवं रोड़ कटिंग की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं तो ऐसी एजेंसियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी पैनल्टी लगाई जाए।
मा0 मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं लोनिवि, यूपीसीएल, पिटकुल, जल संस्थान, पेयजल निगम, स्मार्ट सिटी लि0 आदि विभागों को आपसी से अपने-अपने विभागों से सम्बधिन्त योजना तैयार करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि निर्माण कार्यों हेतु बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े।
बैठक में गैल की गैस पाईपलाईन विछाने एवं घरों में गैस पाईपलाईन से कनैक्शन देने की जानकारी लेने पर गैल के प्रतिनिधियों ने बताया कि 65 हजार किमी नेटवर्क पर कार्य हो रहा है। शुरूआती चरण में 38 हजार घरों को कनैक्ट करना है तथा 2500 घरों को कनैक्ट कर लिया गया है। गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर कार्य चल रहा है। इसी प्रकार विद्युत लाईन अंडग्राउंड करने, सीवर, पेयजल आदि कार्य गतिमान हैं, जिस पर मा0 प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन स्थानों पर कार्य चल रहा है वहां पर अपै्रल तक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
ज्ञातब्य है कि वर्तमान में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन-यूयूएसडीए तथा जल निगम भूमिगत विद्युत केबल-यूपीसीएल एडीबी तथा पिटकुल, गैस पाइपलाइन परियोजना-गैल गैस लि0 पेयजल पाइपलाइन-जल संस्थान एवं जल निगम दूरसंचार जिओ-एयरटेल तथा अन्य ऑप्टिकल फाइबर आदि कार्य गतिमान है। बैठक में सामने आया कि विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा नियमित एवं प्रभावी निगरानी का अभाव के साथ ही अनुमति आदेश में उल्लिखित शर्तों बैरिकेडिंग की कमी चेतावनी संकेतक/रिफ्लेक्टर आदि सुरक्षा मानकों का पालन न होने से समस्याएं उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा शहर में निर्माण कार्यों हेतु पूर्व में जारी सभी अनुमतियां निरस्त कर रखी है।
बैठक में जिलाधिकारी सविन बसंल ने रोड़ कटिंग समीक्षा बैठक में मा0 प्रभारी मंत्री, विधायकगणों द्वारा मार्गदर्शन करने पर आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में रोड़ कटिंग अनुमति एवं अनुमति शर्तों, मानकों का कड़ाई से परिपालन कराया जाएगा।
बैठक में मा0 विधायक राजपुर खजानदास, रायपुर उमेश शर्मा काऊ, देहरादून कैन्ट सविता कपूर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। *
*प्रत्येक जनपद पलायन रोकने तथा स्वरोजगार को बढावा देने हेतु वृहद रणनीति तैयार करें- गर्ब्याल*
देहरादून :
सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट, देहरादून में ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता में जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ ग्राम्य विकास कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में एनआरएलएम, महात्मा गांधी नरेगा, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण अवस्थापना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम, और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना आदि केन्द्र तथा राज्य पोषित योजनाओं के साथ ही वाह्य सहायतित योजना-ग्रामोत्थान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे श्रम, कौशल विकास, और आजीविका के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।
सचिव गर्ब्याल ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लखपति दीदी तैयार करने हेतु रणनीतियाँ बनाने और शत-प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति के लिए निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से एनआरएलएम के समूह सदस्यों को तकनीकी समर्थन प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही समूहों के कृषि आधारित उत्पादों के विपणन में नेशनल ऑर्गेनिक प्रोडक्ट (एनओपी) और नेशनल प्रोडक्ट ऑफ ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (एनपीओपी) प्रमाणन की प्रक्रिया मे सुधार करने का निर्देश दिया।
बैठक में आरसेटी (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका प्रशिक्षण संस्थान) और डी.डी.यू.जी.के.वाई. (दीन दयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना) के तहत युवाओं के कौशल विकास के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उन्हें प्रेरित करने के निर्देश दिये गये। सभी मुख्य विकास अधिकारियो अपने जनपदों में इच्छुक युवाओं को चिन्हांकन करने तथा राज्य के अन्दर इन्डस्ट्रीज में अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु रिकल गैप एनालिसिस कराया जाने के निर्देश दिये गये।
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की समीक्षा के बाद, सभी जनपदों को स्वरोजगार हेतु इच्छुक युवाओं का अधिकतम चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बताया कि पलायन को रोकने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना अनिवार्य है। इसके अलावा, विकास खंड स्तर पर वार्षिक लाभार्थियों की सूची तैयार करने की आवश्यकता भी बताई गई, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
राज्य के विकास के लिए ग्रोथ सेंटरों को सशक्त करने और इन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पुनः स्थापित करने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। बैठक में विभिन्न जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र में विकास कार्यक्रमों की बेस्ट प्रैक्टिस और सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत की। खास तौर पर, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से सामुदायिक संगठनों द्वारा तैयार प्रीमियम उत्पादों के विपणन पर चर्चा की गई, जिसमें सचिव ने इस ब्रांड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किसानों के उत्पादक समूहों की आय बढ़ाना और उन उत्पादों की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग में सुधार करना बताया।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम की समीक्षा उपरांत सभी मुख्य विकास अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए कि 25 मार्च 2026 तक मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजनाएँ तैयार करें, तथा राज्य को स्वीकृति हेतु प्रेषित करना सुनिश्चित करे।
इस बैठक में अपर सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास श्रीमती अनुराधा पाल, अपर सचिव सुश्री झरना कमठान एवं अन्य उच्च स्तरीय राज्य अधिकारी उपस्थित थे, जो विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे
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