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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण* 

jamrani dam project CM Dhami


 *प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति देकर दी गई ऐतिहासिक सौगात* 


 *परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश* 


 *उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा परियोजना का सीधा लाभ* 

 *जमरानी बांध सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा – मुख्यमंत्री* 

 *रोजगार, पर्यटन और समग्र क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।



मुख्यमंत्री ने परियोजना की समयबद्धता, गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली।



मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पर्यावरणीय एवं तकनीकी बाधाओं का समाधान किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शब्दों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन या धनराशि की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य में कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं रहेगी, सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है। यह परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। बांध के निर्माण से जहां एक ओर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केन्द्र सरकार से वार्ता की जाएगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक श्री महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह के डायवर्जन हेतु कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात आगामी मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्य, श्री नवीन वर्मा, श्री दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, श्री के.डी. रूबाली, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



धामी सरकार ने प्रति माह औसत 518 युवाओं को दी सरकारी नौकरी* 

*साढ़े चार साल के कार्यकाल में 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस तरह प्रति माह औसत 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम होने से अब युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में हो रहा है। वहीं सरकार ने युवाओं को स्किल डेवलमेंपमेंट के जरिए विदेश में तक रोजगार देने की व्यवस्था की।

धामी सरकार के कार्यकाल में युवा वर्ग सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। 04 जुलाई 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद, धामी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्किल प्रदान करने पर विशेष तौर पर फोकस किया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर अब मुख्यमंत्री का कार्यकाल 54 महीने का हो चुका है। इस दौरान लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया गया। यानि प्रति माह 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के जरिए, रिकॉर्ड संख्या में भर्तियां सम्पन्न की जाएंगी। इस तरह यह आंकड़ा बढ़ना तय है।  

*पारदर्शिता कायम होने से बढ़े मौके*

सरकारी भर्तियों में सक्रिय नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया। इसके बाद से उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं। पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था, अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। साथ ही प्रतिभाशाली युवा एक से अधिक परीक्षा में चयनित हो रहे हैं।

*विदेश में रोजगार के मौके* 

मौजूदा सरकार ने साल 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरु की है, इसके लिए युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए जर्मनी और जापान में रोजगार प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 37 को जापान में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।   


*हमारी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड संख्या में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई, वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया। साथ ही सरकार कौशल विकास ओर स्वरोजगार योजनाओं के जरिए भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।* 

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* 

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण


 *प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति देकर दी गई ऐतिहासिक सौगात* 

 *परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश* 

 *उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा परियोजना का सीधा लाभ* 

 *जमरानी बांध सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा – मुख्यमंत्री* 

 *रोजगार, पर्यटन और समग्र क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।



मुख्यमंत्री ने परियोजना की समयबद्धता, गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली।



मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पर्यावरणीय एवं तकनीकी बाधाओं का समाधान किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शब्दों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन या धनराशि की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य में कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं रहेगी, सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है। यह परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। बांध के निर्माण से जहां एक ओर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केन्द्र सरकार से वार्ता की जाएगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक श्री महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह के डायवर्जन हेतु कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात आगामी मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्य, श्री नवीन वर्मा, श्री दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, श्री के.डी. रूबाली, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गढ़वाल और कुमाऊँ में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 


 *देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी परिसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित शिव कथा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज ज्योति पूजन में सम्मिलित होकर 108 थाली ज्योति का प्रज्ज्वलन किया तथा प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।



मुख्यमंत्री ने शिव कथा का श्रवण करते हुए उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से आयोजित इस पावन शिव कथा में सहभागी बनना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इस पुण्य अवसर पर महादेव के श्रीचरणों में शीश नवाने का अवसर प्राप्त होना आत्मिक अनुभूति से भर देने वाला है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान समाज में नकारात्मक सोच को सकारात्मक दिशा में परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक, दिव्य गुरु परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी कृपा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा ने असंख्य लोगों को धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर निरंतर प्रेरित किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण कुमाऊँ अंचल सदियों से धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यह भूमि तप, साधना और शिवभक्ति की जीवंत एवं अक्षुण्ण परंपरा को आज भी संजोए हुए है। हमारे प्राचीन ग्रंथों, पुराणों और ऐतिहासिक संदर्भों में इस क्षेत्र के मंदिरों, शिवालयों, धार्मिक स्थलों और पवित्र जल स्रोतों का उल्लेख मिलता है, जो इस बात का प्रमाण है कि यह भूमि युगों-युगों से सनातन और शैव परंपरा की साधना भूमि रही है। ऐसे में इस पुण्य धरा पर शिव कथा का आयोजन इसे और अधिक दिव्य बनाता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति आज संपूर्ण विश्व में अपनी पहचान स्थापित कर रही है और वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध भाव से निरंतर कार्य कर रही है |



मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन कॉरिडोर के माध्यम से कुमाऊँ क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को नई पहचान दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शिवालयों और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं विकास का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इसके साथ ही हरिपुर-कालसी में यमुना तीर्थ के पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं इतिहास के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने हेतु दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना की गई है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुदृढ़ बौद्धिक एवं सांस्कृतिक आधार तैयार किया जा सके। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार के कठोर निर्णयों और साहसिक कदमों में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के बच्चों को सुरक्षित भविष्य और एक सशक्त उत्तराखंड देने के उद्देश्य से आवश्यक स्थानों पर दृढ़ एवं निर्णायक कदम उठाए गए हैं तथा प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से समाज को विभाजित करने वाली प्रवृत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प-रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए सरकार पूरी दृढ़ता और निष्ठा के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मंजूनाथ टी.सी., संस्थान के पदाधिकारी, शिवभक्तगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान बना सुशासन का सशक्त मॉडल* 


*“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से 5.62 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ* 

 *मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 562 शिविरों के माध्यम से 2.45 लाख से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित* 

 *शिकायत निस्तारण से लेकर प्रमाण-पत्र वितरण तक, शासन-प्रशासन पहुँचा जनता के द्वार



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने जनसेवा, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता तक पहुँचाने का संकल्प धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है।



प्रदेश के सभी 13 जनपदों में आयोजित 562 जनसेवा शिविरों के माध्यम से अब तक 4,42,301 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इन शिविरों में आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनते हुए त्वरित समाधान किया गया, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 43,507 शिकायतें एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 29,363 शिकायतों का मौके पर अथवा समयबद्ध रूप से निस्तारण किया गया। यह आंकड़े सरकार की जवाबदेही, संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।



इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा 82,234 प्रमाण-पत्रों (जैसे आय, जाति, निवास आदि) के लिए आवेदन प्राप्त किए गए, जिन पर तेजी से कार्रवाई की गई। वहीं, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 2,45,073 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचना सुनिश्चित हुआ।



केवल 4 फरवरी 2026 को ही प्रदेश में 7 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,910 नागरिकों ने सहभागिता की। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार निरंतर सक्रियता के साथ जनसेवा में लगी हुई है।



यह अभियान न केवल शिकायत निस्तारण का माध्यम बना है, बल्कि यह आमजन के लिए शासन से संवाद का एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप अधिकारी स्वयं गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे सुशासन, पारदर्शिता और विश्वास की त्रिवेणी स्थापित हो रही है।


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“ *‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारी सरकार का संकल्प है कि शासन की प्रत्येक योजना और सेवा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। हम कागजों पर नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं। जब तक प्रदेश का हर नागरिक संतुष्ट और सशक्त नहीं होगा, तब तक हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।”*


 *मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी*

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