Halloween party ideas 2015

 


खटीमा ;



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति के अवसर पर ब्रह्मदेव मंदिर, लोहिया पुल, खटीमा पहुँचकर भगवान शिव एवं हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की व प्रसाद ग्रहण किया।


इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री ने लाल कोठी पहुंचकर उत्तरायणी मेले का फीता काटकर शुभारम्भ भी किया।


इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा,

राम सिंह जेठी, नवीन बोरा, महेंद्र सिंह दिगारी, मन्नू मेहर, पूरन जोशी, नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे आदि उपस्थित थे।


नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में उत्तराखंड अव्वल

*छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान, मुख्यमंत्री धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि*


नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यातोन्मुख नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का परिणाम मानी जा रही है।


*सीएम धामी ने दी प्रदेशवासियों को बधाई*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह हमारी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था और सशक्त हो।


नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होती है, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलती है।

उत्तराखंड का यह शीर्ष स्थान राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।

 *लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग में बोले मुख्यमंत्री धामी: संस्कृति, विकास और विरासत के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड* 



 *उत्तरायणी कौथिग बना ‘वोकल फॉर लोकल’ और एक भारत–श्रेष्ठ भारत की सशक्त मिसाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 

 *उत्तराखंड आज संभावनाओं से उपलब्धियों की ओर: 26 गुना बढ़ी अर्थव्यवस्था, 44% रिवर्स पलायन* 

 *देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और विकास से कोई समझौता नहीं: सीएम धामी* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग में सम्मिलित हुए |


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उत्तरायणी, मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों एवं युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने उत्तर प्रदेश में रह रहे हजारों उत्तराखंडवासियों को एक सूत्र में बांधकर उनकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का उल्लेखनीय कार्य किया है। रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करना संस्था की तपस्या और समर्पण का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने लखनऊ से अपने भावनात्मक संबंधों को साझा करते हुए कहा कि यह शहर उनकी कर्मभूमि रहा है, जहाँ से उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में लखनऊ आना उनके लिए अपनी कर्मभूमि को नमन करने के समान है।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आस्था और सभ्यता को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसे ऐतिहासिक कार्य इसी दृष्टि का परिणाम हैं। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ अभियान ने देश की विविध संस्कृति को एक सूत्र में पिरोया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी विज़न के अनुरूप उत्तराखंड सरकार देवभूमि के विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है। केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान, केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोलू जी, विवेकानंद एवं शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति को नई भव्यता मिल रही है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखा गया है। नई नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर हब और फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। ‘वेड इन उत्तराखंड’ और शीतकालीन पर्यटन अभियानों से पर्यटन एवं आर्थिकी को नया बल मिला है।


ग्राम्य विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि होम-स्टे योजना, लखपति दीदी, सौर स्वरोजगार योजना, एक जनपद–दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयासों से गांवों की खुशहाली सुनिश्चित की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय की तुलना में आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ चुकी है। प्रतिव्यक्ति आय 17 गुना बढ़कर ₹2,74,064 तक पहुंच गई है। राज्य का बजट ₹4,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ के पार हो गया है। बिजली उत्पादन 4 गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और 10 सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। मातृ मृत्यु दर में 12% की कमी आई है।


उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत अब तक 1 लाख 68 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 44% रिवर्स पलायन हुआ है। किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने में उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सख्त धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई हुई है। 250 से अधिक अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 500 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए हैं। 1 जुलाई 2026 के बाद केवल सरकारी सिलेबस वाले मदरसे ही संचालित होंगे।


उन्होंने कहा कि सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल विरोधी कानून से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यही नया उत्तराखंड है—जहाँ विकास, विश्वास और अवसर साथ-साथ हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए सभी से सहयोग और आशीर्वाद की अपील की। 


 कार्यक्रम में पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी वह स्थानीय लोग उपस्थित रहे |


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”  कार्यक्रम शासन और जनता के बीच सेतु बनकर जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।


 संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिनांक 14 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 328 कैम्प लगाए गए, जिनमें 2 नए कैम्प आज आयोजित किए गए। इन शिविरों में अब तक 2,54,137 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें आज के दिन 2,730 नागरिकों की सहभागिता रही।


 *प्राप्त प्रार्थना पत्र एवं शिकायतें* 


 संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों में कुल 26,814 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 26,722 प्रार्थना पत्र पूर्व दिवस तक और आज 92 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 18,166 प्रार्थना पत्र शिकायत श्रेणी के रहे, जबकि आज 43 नई शिकायतें दर्ज की गईं।


 *निस्तारण की स्थिति* 


 अब तक 36,753 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जा चुका है, जिनमें 71 प्रकरणों का निस्तारण आज के दिन किया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनपदों में 1,38,011 व्यक्तियों को योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया गया, जिनमें 370 लाभार्थी आज सम्मिलित हुए।


 *जनपदवार प्रमुख उपलब्धियाँ* 


- हरिद्वार जनपद में सर्वाधिक 52,930 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 10,846 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।


- उधम सिंह नगर में 25,193 नागरिकों की सहभागिता के साथ 3,624 मामलों का निस्तारण हुआ।


- नैनीताल में 8,943 नागरिकों ने सहभागिता की और 1,825 प्रकरण निस्तारित किए गए।


- देहरादून में 35,893 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 1,638 प्रकरणों का समाधान किया गया।


- अल्मोड़ा में 31,741 नागरिकों ने शिविरों में भाग लिया और 5,307 प्रकरणों का निस्तारण हुआ।


- पिथौरागढ़ में 11,503 नागरिकों की सहभागिता के साथ 2,790 मामलों का निस्तारण किया गया।


- चमोली में 7,431 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 1,029 मामलों का समाधान हुआ।


- उत्तरकाशी में 20,059 नागरिकों ने सहभागिता की और 3,468 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।


- बागेश्वर, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग सहित अन्य जनपदों में भी बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी नागरिक अपनी समस्या को लेकर भटकने को मजबूर न हो, और शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित शिकायतों के निस्तारण में और अधिक तेजी लाई जाए तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान आगे भी प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करता रहेगा।

एक टिप्पणी भेजें

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.