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ऋषिकेश :




इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में 25 जून को लगाये गए आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा। यह बात आपातकाल की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित विधानसभा स्तर के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कही। इस मोके पर आंदोलन में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया।


रविवार को तिलक रोड स्थित आरएसएस कार्यालय में आपातकालीन की बरसी पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।


डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उनके परिवार ने भी अनेक यातनाएं सही और जेल की हवा भी खाई। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।


डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।


डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।


इस मौके पर प्रान्त प्रचारक श्री युदवीर जी ने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय को आने वाली को बताना होगा। इसके लिए सरकार से मांग की जाएगी कि इसको राजकीय पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। इससे हमारे युवाओं को उस कठिन दौर में हुई स्थिति का पता चल सकेगा। 


इस मौके पर 40 लोकतंत्र सैनानियों व उनके आश्रितों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।  आयोजन को राकेश ओबराय , प्रभाकर उनियाल,विनय गोयल,प्रेम बडाकोटी , दयाराम, राजकुमार टांक,रविदेव आनंद ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन योगेश अग्रवाल ने किया।


इस मौके पर प्रान्त प्रचारक युदवीर, प्रेम बड़ाकोटी , रविदेव आनंद , प्रभाकर उनियाल , आयोजन के संयोजक एवं  अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल सभा योगेश अग्रवाल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अग्रवाल सभा रोशन लाल अग्रवाल, तारा चंद गुप्ता, विनय गोयल, गायक पीयूष निगम, सचिन गुप्ता, पार्षद राकेश पंडित, नविता गुप्ता, मीनाक्षी गुप्ता, तनवीर सिंह, मोती दीवान जी, अश्वनी खंडूजा, अभिलाष गुप्ता, अरविंद रौथाण सहित लोकतंत्र सेनानियों के आश्रित मौजूद रहे।

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