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चार धाम यात्रा में बर्फबारी के कारण जहां यात्रियों के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न हुए हैं वहीं यात्रा ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के लिए यात्रियों के स्वास्थ्य सुरक्षा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
 चार धाम यात्रा के बारे में राज्य मुख्यालय पर प्राप्त सूचना के अनुसार 25 मई 2022 को केदारनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों को विस्तार दिया गया है।
 जिसमें 7 यात्रियों को रेफर किया गया जिसमें 3 यात्रियों को द्वारा निकाला गया इस यात्रा में 2273 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई .

 सीएमओ ने बताया कि केदारघाटी में बारिश और बर्फबारी के कारण अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज गंभीर रूप से पीड़ित यात्रियों के लिए हैं यात्रियों को हेतु किया गया है.
 खराब मौसम के कारण स्थिति बनी हुई है परंतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग-अलग स्थानों पर यात्रियों को स्क्रीनिंग की गई और 4 यात्रियों को आगे की यात्रा से वापस भेजा गया .
इस यात्रा में कल 52 मरीजों को उपचार दिया गया बद्रीनाथ धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान यात्रियों पर यात्रियों को बचाया गया .
जबकि सात यात्रियों को रेफर किया गया है चार धाम यात्रा के जनपदों से प्राप्त सूचना के अनुसार अभी तक सभी धर्मों में जाने वाले 116957 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है

हेल्थ बुलेटिन
एम्स ऋषिकेश,
                                                तबियत बिगड़ने की वजह से बुधवार को केदारनाथ धाम से 3 तीर्थयात्रियों को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। हेली एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स लाए गए इन तीनों यात्रियों के स्वास्थ्य में अब सुधार है, सभी लोग अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किए गए हैं। 

                                           ऑक्सीजन की कमी के चलते केेदारनाथ क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खासतौर से पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम जाने वाले यात्री इस समस्या से ज्यादा परेशान हैं।                              गौरतलब है कि बीते मंगलवार की शाम अलग-अलग स्थानों से केदारनाथ धाम के दर्शन को जा रहे 3 यात्रियों की यात्रा मार्ग में अचानक तबियत बिगड़ गई। गौरीकुण्ड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर सांस फूलने और घबराहट बढ़ने से तीनों लोग गंभीररूप से अस्वस्थ हो गए। बीती शाम लिनचोली स्थित स्वामी विवेकानन्द चेेरिटेबल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों यात्रियों को बुधवार को हेली एम्बुलेंस द्वारा एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया।                                                      एम्स की इमरजेंसी में उपचार हेतु भर्ती किए इन यात्रियों के परिजनों ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान केदारनाथ से कुछ पहले पैदल चलते समय उन्हें ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगी। इनमें कुछ लोगों को सांस फूलने पर बेहोशी की शिकायत हुई और उन लोगों की स्थिति गंभीर हो गई।                                 लिहाजा सभी को रात्रि समय लिनचोली के समीप स्थित अस्पताल में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया गया। जबकि बुधवार को जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें  हेली एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स पहुंचाया गया है। 

इस बाबत जानकारी देते हुए एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि दो अलग- अलग उड़ानों द्वारा एम्स ऋषिकेश लाए गए यात्रियों में नागपुर, महाराष्ट्र निवासी 65 वर्षीय ताराचंद और जिला भिंड, मध्य प्रदेश निवासी 49 साल की मुन्नी देवी को दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे तथा  ग्वालियर, मध्य प्रदेश की 60 वर्षीया तीर्थ यात्री सावित्री देवी को दूसरी हेली एम्बुलेंस  से लगभग डेढ़ बजे एम्स ऋषिकेश लाया गया।

Patient bring from kedar dhaam to aiims rishikesh by hello ambulanve



      उन्होंने बताया कि इन लोगों को सांस लेने में कठिनाई, घबराहट और बेचैनी आदि की शिकायत थी।                उन्होंने बताया कि उचित उपचार हेतु तीनों यात्रियों को एम्स की मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार है,इमरजेंसी विभाग के चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं।                      उल्लेखनीय है कि बीती 12 मई से अब तब केदारनाथ से कुल 7 तीर्थयात्रियों को हेली एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश लाया जा चुका है।

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