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ऋषिकेश : एम्स ऋषिकेश के कारनामे आये दिन सुर्खियों मे बने है ।जहां अब एम्स 

ऋषिकेश में एक  14 दिन  नवजात शिशु  को कर्मचारियों  ने यह कहकर उपचार देने से मना कर दिया कि संबंधित बीमारी का हमारे यहां चिकित्सक नहीं है। जिसके बाद नवजात को उसके परिजन  देहरादून ले गये ।  उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस मामले में नवजात के मामा  ने प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की है।

शगुन प्लाजा श्यामपुर ऋषिकेश निवासी पवन सिंह लिंगवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजकर एम्स ऋषिकेश  पर 14 दिन के  नवजात शिशु को उपचार ना देने और बाद में उसकी मृत्यु होने की शिकायत की है। पवन सिंह ने बताया की  28 फरवरी को हिमालयन हास्पिटल में उनकी बहन  ने एक शिशु को जन्म दिया। शिशु को निमोनिया, पीलिया की शिकायत थी। बाद में चिकित्सकों ने बताया कि उसको हार्ट की भी समस्या है। शिशु को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। जिसके बाद वह उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले गए। वहां वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं थी। जिसके बाद वह शिशु को लेकर 14 मार्च को एम्स ऋषिकेश लेकर आए। इमरजेंसी में शिशु को दिखाया गया, वहां उपस्थित स्टाफ और चिकित्सक ने यह कहकर उपचार देने से मना कर दिया कि संबंधित बीमारी का चिकित्सक हमारे यहां नहीं है।

 शिकायत पत्र में उन्होंने बताया कि उसके बाद वहां शिशु को लेकर देहरादून के कई चिकित्सालय के चक्कर काटते रहे। बाद में शिशु ने रास्ते में दम तोड़ दिया।शिशु के मामा ने  पवन सिंह ने प्रधानमंत्री से इस मामले में जांच कर  दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।



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