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देहरादून :

 

CM Dhaani  after election in BJP office

 उत्तराखंड में भाजपा के प्रचंड बहुमत के बाद कल सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत मंत्रिपरिषद के सदस्यों का इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया गया है ।

राज्यपाल ने सिर्फ उस वक्त स्वीकार करते हुए उन्हें सरकार के गठन होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का आदेश दिया है।

जहां सीएम पुष्कर धामी की हार के चलते भाजपा पसोपेश में हैं कि किस को मुख्यमंत्री बनाया जाए नहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान को अब यह में जिम्मेदारी दी गई है पर्यवेक्षकों की भूमिका निभाते हुए उन्हें तय करना होगा कि उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

फिर भी भाजपा की सरकार अभी उत्तराखंड में नहीं बन सकती है क्योंकि होलाष्टक होने के कारण शुभ मुहूर्त नजर नहीं आ रहा है.

अतः भाजपा की सरकार बनने में देरी हो सकती है. इसीलिए यह माना जा रहा है कि सी एम एस के लिए कद्दावर नेताओं के दिल्ली तक दौड़ अभी कोई परिणाम सामने नही लाएगी।

हांलाकि सियासी हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि भाजपा पुष्कर सिंह धामी को ही सत्ता की कमान सौंप सकती है। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव हारने के मिथक को नहीं तोड़ पाए। हालांकि उनके चेहरे पर लड़े गए इस चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत हासिल करने में कामयाब रही। यही तर्क धामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना के पक्ष में गढ़ा जा रहा है।

महाराज और धन सिंह के नामों की चर्चा सीएम पद के लिए सिर्फ धामी का ही नाम गूंज रहा हो, ऐसा नहीं है। नव निर्वाचित विधायकों में से जिन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, उनमें एक नाम वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज हैं। पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल से दूसरी बार चुनाव जीते महाराज गढ़वाल से सांसद रहे हैं और केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। 

दूसरा नाम श्रीनगर गढ़वाल से चुनाव जीते डॉ. धन सिंह रावत का है। 

चर्चाओं में ब्राह्मण चेहरे वरिष्ठ विधायकों में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर मदन कौशिक, गणेश जोशी और सुबोध उनियाल, विनोद चमोली के नामों की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुमाऊं से बंशीधर भगत और अरविंद पांडेय के नाम भी चर्चाओं में है।

पुष्कर सिंह धामी, सतपाल महाराज और धनसिंह के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल के नाम भी चर्चाओं में है।


गैर विधायकों में निशंक और भट्ट के नाम

भाजपा के हलकों में यह चर्चा भी गरमाती रही कि यदि केंद्रीय नेतृत्व ने गैर विधायकों में से किसी चेहरे पर दांव लगाया तो वह इन सियासी दिग्गजों में से हो सकता है। इनमें सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का नाम चर्चाओं में है। निशंक केंद्र में मंत्री व प्रदेश मुख्यमंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट का नाम चर्चाओं में है। चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नाम की भी शुरू हो गई। हालांकि शुक्रवार को उन्होंने कहा इस संभावना से साफ इनकार किया।

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