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 अपर मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों में कोविड-19 राहत पैकेज एवं इससे सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव द्वारा की जा रही है मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा।

 


अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों में कोविड-19 राहत पैकेज एवं इससे सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की। इसमें मुख्य रूप से पर्यटन, परिवहन, शहरी विकास, सिंचाई, ऊर्जा, विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला बाल विकास, आयुष, राजस्व, युवा कल्याण, गृह, पेयजल, संस्कृति व चिकित्सा शिक्षा विभाग आदि शामिल थे। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द वर्द्धन द्वारा मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा की जा रही है। 

     अपर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से किया जाये। 


*विद्यालयी शिक्षा*


ऑनलाईन शिक्षा को और अधिक सुगम बनाने के लिये विद्यालयी शिक्षा के अन्तर्गत राज्य के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट प्रदान करने सम्बन्धी घोषणा को उन्होंने 30 नवम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। 


*पर्यटन विभाग*


     बैठक में बताया गया कि पर्यटन विभाग के अन्तर्गत पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में संलग्न लगभग 50,000 व्यक्तियों को धनराशि रू0 2000 प्रतिमाह की दर से 06 माह हेतु आर्थिक सहायता सम्बन्घी घोषणा के क्रम में स्वीकृत 6000 लाख के सापेक्ष 1500 लाख (लगभग 25 प्रतिशत) धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। 11813 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 440.54 लाख डाला चुका है। 655 पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टुअर आपरेटरों को 10,000 प्रति की दर से सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 208 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 20.80 लाख डाला जा चुका है। 630 पंजीकृत रिवर गाईड को 10,000 प्रति की दर से सहायता उपलब्ध कराया जाना सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 209 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 20.90 लाख डाला जा चुका है। टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 वोट संचालकों को रू० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 86 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 8.60 लाख डाला जा चुका है। बताया गया कि पर्यटन विभाग में पंजीकृत लाईसेन्स नवीनीकरण शुल्क में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में इस प्रयोजन हेतु 06 लाख रूपये स्वीकृत किया जा चुका है। पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरोस्पेस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनकरण में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में रूपये 65 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 98 वोट संचालकों को वर्ष 2021-22 में नवीनीकरण शुल्क में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 98 लाभार्थियों के लिये रूपये 58 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली दीनदयाल होम स्टे योजना ऋण पर 06 माह के ब्याज़ की प्रतिपूर्ति सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। 


*परिवहन विभाग*


      परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के लगभग 1,03,235 चालकों/परिचालकों/क्लीनर्स को 6 माह हेतु रूपये 2000 प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 32486 लाभार्थियों के लिये रूपये 2381.70 लाख स्वीकृत कर जिलाधिकारी के अवमुक्त किया जा चुका है।


*शहरी विकास*


      शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनीताल में पंजीकृत कुल 549 वोट संचालको को रूपये 10,000 प्रति की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 415 लाभार्थियों के लिये रूपये 41.50 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। नैनी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 671 वोट संचालकों के वित्तीय वर्ष 2021-22 में लाइसेंस नवीनकरण में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। 


*संस्कृति विभाग*


      संस्कृति विभाग के अन्तर्गत  सांस्कृतिक कलाकारों एवं ढोल वादकों को 2000 की दर से 05 माह हेतु प्रोत्साहन सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 57 लाभार्थियों के लिये रूपये 1.14 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। 


*वन*

      वन एवं पर्यावरण विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान किये जाना सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। 


*सिंचाई*


      सिंचाई विभाग के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सड़ियाताल के अन्तर्गत वोट नवीनीकरण में शुल्क में छूट हेतु सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। 


*राजस्व*


राजस्व विभाग के अन्तर्गत पटवारी/लेखपाल/राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों व सेवाओं हेतु रूपये 10,000 की एकमुश्त प्रोस्साहन राशि दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम में बताया गया कि शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। रूपये 137.20 लाख आयुक्त, राजस्व परिषद के निवर्तन पर रख दिया गया है। 


*चिकित्सा एवं स्वास्थ्य*


      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत आशा वर्करों इत्यादि को रूपये 2000 की प्रोत्साहन राशि पांच माह तक दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। जनपद हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ के मेडिकल कालेज हेतु 70-70 करोड़ की धनराशि दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम मे शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। एएनएम/एमएलएचपी को टैबलेट दिया जायेगा सम्बन्धी घोषणा के क्रम में समस्त 1913 एएनएम एवं समस्त 732 एमएलएचपी को टेबलेट उपलब्ध कराया जा चुका है। 


समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु टाईमलाइन निर्धारित करते हुये अवशेष घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जिन घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए शासनादेश निर्गत कर दिया गया है,  विभाग द्वारा निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय। निर्धारित प्रारूप के अनुसार विभागीय स्तर पर भी समय-समय पर समीक्षा की जाय।


मुख्यमंत्री ने दिये उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

सभी संबंधित विभागों को 10 अक्टूबर तक अपने विभागों से सम्बन्धित लंबित प्रकरणों की कार्य योजना तैयार करने के दिये निर्देश।*

इस सम्बन्ध में अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के मुख्य सचिवों की होगी वार्ता।


        मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी सम्बन्धित विभाग इस सम्बन्ध में पूरा होमवर्क तैयार कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें ताकि उच्चस्तर पर होने वाली बैठकों में संबंधित विषयों पर मजबूती से राज्य का पक्ष रखा जा सके।

       मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य पुनर्गठन द्वारा आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपनी कार्ययोजना 10 अक्टूबर तक तैयार कराना सुनिश्चित करें ताकि उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के मुख्य सचिवों की आयोजित होने वाली बैठक में इन पर नीतिगत निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में आपसी सहमति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिवों की बैठक में होने  वाले विचार विमर्श के बाद संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में वे स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्बे समय से लंबित प्रकरणों का निस्तारण राज्य हित में जरूरी है। अतः सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के विषयों का स्पष्ट विवरण भी तैयार करें ताकि आगामी बैठकों में इन पर निर्णय लिये जाने में सुविधा हो। उन्होंने भारत सरकार के स्तर पर लिये जाने वाले निर्णयों तथा मा. उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों की प्रभावी पैरवी किये जाने के भी निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में सचिव ऊर्जा के साथ शासन के किसी उच्चाधिकारी को नामित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश सरकार की अंशपूजी उत्तराखण्ड को हस्तांतरित किये जाने का जो प्रकरण वर्तमान मा. उच्चतम न्यायालय में लम्बित है उसके लिये भी प्रभावी पैरवी कर मजबूती के साथ राज्य का पक्ष रखा जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के वाजिब हितों के लिये सभी स्तरों पर प्रभावी कार्यवाही की जानी चाहिए।

       सचिव पुनर्गठन डॉ. रणजीत सिन्हा ने इस सम्बन्ध में अब तक हुई प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड को जनपद उधमसिंह नगर हरिद्वार एवं चम्पावत में कुल 379.385 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण, जनपद हरिद्वार में आवासीय/अनावासीय भवनों का हस्तांतरण गंग नहर से 665 क्यूसेक जल उपलब्ध कराने, जनपद उधमसिंह नगर तथा हरिद्वार की नहरों को राज्य को दिये जाने, नानक सागर, धौरा तथा बेंगुल जलाशय को पर्यटन एवं जल क्रीड़ा हेतु उपलब्ध कराये जाने के साथ टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश की अंश पूंजी  उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने, मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना हेतु लिये गये ऋण के समाधान के साथ परिवहन, वित्त, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति वन कृषि से सम्बन्धित कतिपय विषयों पर निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।

           बैठक में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्र. सचिव श्री एस मनराल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल श्री उमेश नारायण पाण्डेय, प्रबन्ध निदेशक यूजेवीएनएल श्री मुकेश सिंघल, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम डॉ. जे.के. शर्मा आदि उपस्थित थे।



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