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ऋषिकेश :  





बागेश्वर से एम्स में नौकरी के नाम पर आया एक युवक ऋषिकेश से चार सितंबर से रहस्यमय हालात में लापता हो गया।वही युवक के परिजन  उसकी तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। शनिवार देर शाम युवक के भाई ने ऋषिकेश कोतवाली पुलिस से जल्द भाई को ढूढ़ने की गुहार लगाई है। वहीं ऋषिकेश कोतवाल शीशपाल सिंह नेगी का कहना है कि मामले की जांच करने के साथ ही युवक की तलाश की जा रही है।


ग्राम बिनखोली, तहसील गरुड़, बागेश्वर निवासी योगेश पुरी गोस्वामी (26 वर्ष) पुत्र स्व. महेश पुरी पिछले चार सितंबर से ऋषिकेश से लापता हैं। इस मामले में योगेश के छोटे भाई मुकेश पुरी ने थाना बैजनाथ में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज करायी है। भाई की तलाश में मुकेश पुरी व अन्य लोग ऋषिकेश में जहाँ तहाँ अपने स्तर से  खोजबीन कर रहे हैं ।मुकेश ने बताया कि योगेश को ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने एम्स में नौकरी दिलाने के लिए ऋषिकेश बुलाया था। योगेश 29 अगस्त को बागेश्वर स्थित घर से ऋषिकेश के लिए निकला था। तीन सितंबर की रात्रि नौ बजे उनकी योगेश से आखरी बार बात हुई थी। तब योगेश ने बताया कि वह ऋषिकेश में है ।  चार सितंबर को नौकरी दिलाने वाले व्यक्ति से मिलने जायेगा। मगर  चार सितंबर को दोपहर बाद योगेश का मोबाइल स्विच आफ हो गया। काफी कोशिश के बाद भी जब योगेश से कोई संपर्क नहीं हुआ । तब  परिजनों ने थाना बैजनाथ में उसकी गुमशुदगी दर्ज करायी ।जहां पुलिस ने जब योगेश के मोबाइल की लोकेशन निकाली ।तो मामले पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं । दरअसल घर से निकलने के बाद योगेश की मोबाइल लोकेशन 30 अगस्त को रुद्रपुर, 31 अगस्त को दिल्ली, एक सितंबर को मुंबई, तीन सितंबर को दिल्ली और चार सितंबर को आखिरी लोकेशन दो बजे दोपहर को ऋषिकेश में मिली। परिजन इस पूरे मामले को संदेह की नजर से देख रहे हैं। और जांच की मांग कर रहे हैं । उनका कहना है कि योगेश घर से मात्र दो हजार रुपये लेकर चला था ।फिर वह इतने कम खर्च में हल्द्वानी से दिल्ली, मुंबई, दिल्ली और ऋषिकेश कैसे पहुंचा। वह यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि घर से निकलने के बाद जब भी उनकी योगेश से बात हुयी ।  तब योगेश उन्हें ऋषिकेश में ही होने की बात बताता रहा। जबकि उसकी लोकेशन लगातार अलग-अलग जगह आ रही है। पिछले तीन दिनों से योगेश का छोटा भाई मुकेश व दोस्त व अन्य सकी तलाश में ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र की खोज बीन में लगे हुए हैं ।मगर अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।


वहीँ मुकेश ने बताया कि योगेश ने दो साल पहले भी ऋषिकेश एम्स में आउटसोर्स के माध्यम से स्टाफ नर्स के रूप में काम किया था। पंद्रह माह बाद कांट्रेक्ट खत्म होने पर उसे हटा दिया गया था। उन्होंने बताया कि इस बार एक व्यक्ति ने एम्स में पक्की नौकरी लगाने के नाम पर योगेश से चौदह लाख रुपये मांगे थे । जिसमें  नौ लाख रुपये भी दे चुके थे। शेष रकम नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई थी। मुकेश का कहना है पुलिस  से उक्त व्यक्ति को भी जांच के दायरे में लेने की मांग की है। वही योगेश उस व्यक्ति  के घर में किरायेदार था । जहां  स्कूटी भी उसी ब्यक्ति के घर में मिली है ।लेकिन पुलिस रिकवर नहीं कर रही है । न ही उससे पूछताछ कर रही है |

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