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 देहरादून :

  •  समस्त उप जिलाधिकारियों को कहा कि स्वामित्व योजना के तहत् सत्यापन उपरान्त सभी नक्शे वापस भी करें: जिलाधिकारी 
  • समाज कल्याण अधिकारी को दिव्यांगों के आधार कार्ड बनाये जाने की व्यवस्था में सुधार लाये जाने तथा नेत्रहीन दिव्यांगों के आधार हेतु अन्यंत्र व्यवस्था  अपनाकर कार्ड बनाने में तेजी लाये
  • वन गुर्जरों की गणना  और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं 



 ‘‘कोविड संक्रमण की रोकथाम हेतु जारी गाईडलाइन्स का पालन ना करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाय’’ यह बात जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने वीडियोकान्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित कोविड-19 की समीक्षा बैठक में कही।

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा राज्य के पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों को  COVID Appropriate Behaviour  का अनुपालन  कराने निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा शासन के निर्देशों के दृष्टिगत मसूरी में केवल उन्ही पर्यटकों को जाने की अनुमति होगी, जिनके पास देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर आॅनलाईन रजिस्टेªशन  व अधिकतम 72 घण्टे पूर्व की कोविड नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट  एवं होटल में की गयी बुकिंग के साक्ष्य उपलब्ध होगा। जिन पर्यटकों द्वारा देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर आॅनलाईन रजिस्टेªशन, कोविड नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट एवं बुकिंग का साक्ष्य नही दिया जायेगा, उन्हें मसूरी जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर आये वीडियो के माध्यम से संज्ञान में आया है कि पर्यटक स्थलों पर लोग मास्क एवं सामाजिक दूरी का पालन नही कर रहे हैं, यह स्थिति चिंताजनक है। 

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांें में पर्यटन स्थलों पर पुलिस, होमगार्ड एवं पीआरडी जवान तैनात करते हुए मास्क एवं सामाजिक दूरी का पालन करवाये। उन्होंने कहा मसूरी, सहस्त्रधारा, ऋषिकेश त्रिवेणीघाट सहित अन्य स्थानों जहां पर लोग स्नान के लिए एकत्रित होते हैं ऐसे जगहों पर कड़ी निगरानी करते हुए गाईडलाईन्स का अनुपालन करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने उप जिलाधिकारी मसूरी, ऋषिकेश एवं उप जिलाधिकारी सदर को अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों पर पैनी नजर बनाये रखते हुए नियमों का पालन करवाने को कहा साथ विभिन्न होटल, लाॅज एवं धर्मशालाओं में भी नियमित निरीक्षण करते हुए आने वाले पर्यटकों की स्थिति पर नजर रखें।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सीमा चैक पोस्ट पर अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों/व्यक्तियों की संख्या तथा आने वाले व्यक्तियों की यात्रा का पूर्ण विवरण का भी निरीक्षण करते रहें। उन्होंने कहा जनपद आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की अनिवार्यतः सैम्पलिंग की जाए, जिन व्यक्तियों के पास कोविड रिपोर्ट है तो यह जांच लिया जाय कि रिपोर्ट 72 घण्टे पूर्व की ही हो। उन्होंने एयरपोर्ट, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, आदि स्थानों पर भी निरंतर निगरानी के साथ ही आने वाले व्यक्तियों की सैम्पलिंग एवं पूर्ण यात्रा विवरण रखने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को टीकाकरण सहित समस्त एमओआईसी को टीकाकरण की योजनाबद्ध तरीके प्रगति बढ़ाते हुए अधिक-अधिक लोगों का टीकाकरण करने कहा। उन्होंने समस्त एमओआईसी को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जिन ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की दूसरी डोज लगनी है वहां पर टीकाकरण की योजनाबनाकर मोबाईल टीम भेजकर टीकाकरण करवाने को कहा।  
जिलाधिकारी डाॅं0 आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत प्राप्त हुई रिपोर्ट में 13 व्यक्तियों की रिपोर्ट पाॅजिटिव प्राप्त होने के फलस्वरूप जनपद में आतिथि तक कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 111655 हो गयी है, 
जिनमें कुल 107100 व्यक्ति उपचार के उपरान्त स्वस्थ हो गये हैं। वर्तमान में जनपद में 474 व्यक्ति उपचाररत हैं। आज जांच हेतु कुल 8917 सैम्पल भेजे गए।

 आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा आज 4618 व्यक्तियों का सर्विलांस किया गया जिनमें किसी भी व्यक्ति में कोविड संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। जनपद में जिला प्रशासन द्वारा 04 तथा विभिन्न विकासखण्डों में 05 होम आयशोलेशन किट का वितरण किया गया। इसी प्रकार आज कोविड कन्ट्रोलरूम से होमआयशोलेशन में रह रहे 89 व्यक्तियों से सम्पर्क कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।



जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने वीडियाकान्फे्रसिंग के माध्यम से राजस्व, वन समाज कल्याण विभागो के अधिकारियों के साथ वन गुर्जरों के पुनर्वास एवं गणना आदि के सम्बन्ध में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय में राज्य के वन गुर्जरों के पुनर्वास के सम्बन्ध में याचिकाओं के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि वन गुर्जरों की गणना एवं एफआरए प्रदत्त आधिकारों हेतु उप जिलाधिकारियों से समन्वय कर ग्रामीण स्तरीय समिति का गठन करने को कहा ताकि  वन गुर्जरों की गणना कार्य में तेजी आ सके। उन्होंने कहा कि राजाजी टाइगर पार्क, कालसी, आशारोड़ी, चकराता आदि स्थानों पर निर्वासित वन गुर्जरों की गणना करते हुए गुर्जर पुनर्वास योजना के  अन्तर्गत पुनर्वासित किया जाय। बताया गया  कि वर्तमान में आशारोड़ी में गुर्जर परिवार निवासरत है, जिसे पुर्नवासित करने हेतु सम्पर्क कर लिया जाय।
उन्होंने बताया कि जनपद में निवासरत् वन गुर्जरों का डाटाबेस शीघ्रता से तैयार करते हुए पुनर्वास व वनाधिकार  अधिनियम 2006 एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न नियम/निर्देश के अन्तर्गत पुनर्वास  हेतु दावे प्राप्त किए जाय। इस हेतु सभी उप जिलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्वासित वन गुर्जरों के सम्बन्ध में आगामी 15 दिनों के भीतर सम्बन्धित सूचना उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। इस हेतु वन गुर्जरों के क्षेत्रों का पुनः सर्वेक्षण कराये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कुछ वन गुर्जर  स्थाई रूप से जंगलों में रह रहे हैं  तथा कुछ सीजनल गुर्जर समय-समय पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते  रहते हैं। इन लोगों से वार्ता समन्वय कर सहमति से शिफ्ट करने की कार्यवाही की जाय। बैठक के दौरान देहरादून, मसूरी , चकराता, कालसी के वनाधिकारियों द्वारा वन गुर्जरों की गणना एवं वनाधिकार के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियों एवं सुझाव दिये गये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि/रा गिरीश चन्द्र गुणवंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पाण्डेय,  शासकीय अधिवक्ता समेत सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रबन्धन समिति की वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई, जिसके तहत् जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र सम्बन्धी गतिविधियों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बैठक में समाज कल्याण अधिकारी को दिव्यांगों के आधार कार्ड बनाये जाने की व्यवस्था में सुधार लाये जाने तथा नेत्रहीन दिव्यांगों के आधार हेतु अन्यंत्र व्यवस्था  अपनाकर कार्ड बनाने में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के परीक्षण  हेतु कोरोनेशन अस्पताल में प्रत्येक वृहस्पतिवार को शिविर आयोजित कर प्रमाण पत्र निर्गत किये जाय। उन्होंने दिव्यांगों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत् स्वरोजगार योजनाओं के तहत् प्रशिक्षण दिया जाय।  साथ ही ध्यान रखा जाय कि खासकर जहां घुमना चलना आदि न हो। बैठक में दिव्यांगो हेतु सेल्टर होम निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा कोरोनेशन  अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को शिविर के दिन डीडीआरसी के सदस्य की बैठने की व्यवस्था कराये जाने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों के बीच जाकर उनके हित सम्बन्धी योजनाओ , दिव्यागों के पुनर्वास, कृत्रिम अंग नाप, दिव्यांगजनों के हितार्थ कार्य कर रहीं स्वंयसेवी संस्थाओं से समन्वय, चैरिटेबल संस्थाओं  के माध्यम से आवश्यक उपचार कराये जाने हेतु विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि मुनीशाभा सेवासदन  पुनर्वास संस्थान द्वारा डीडीआरसी का संचालन किया जा रहा है तथा  संगठन द्वारा कालसी, चकराता, त्यूनी के दिव्यांगजनों को हरबर्टपुर संस्थान के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। स्वयंसेवी  संस्था द्वारा जिलाधिकारी को दिव्यागों के हितार्थ चलाये जा रही कार्ययोजना की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी  ने दिव्यांगजन कार्ययोजना एवं अन्य विभागों मुख्यतः बाल विकास, पंचायतीराज, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की भूमिका सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध कराई गई।


 जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में  राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय से वीडियो कान्फे्रसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। उन्होने  उप जिलाधिकारियों को सचेत किया  कि आगामी 15 अगस्त तक स्वतंत्रता दिवस तक स्वामित्व प्रमाण पत्र निर्गत किये जा रहे है ऐसे में तत्काल सर्व सम्बन्धितों को तेजी से कार्य किये जाने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को कहा कि स्वामित्व योजना के तहत् सत्यापन उपरान्त सभी नक्शे वापस भी करें। इस दौरान चकराता, विकासनगर, डोईवाला, ऋषिकेश, कालसी व सदर उप जिलाधिकारियों द्वारा स्वामित्व योजना के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने वीडियोकान्फ्रेसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना के तहत् विकासनगर की स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्राथमिक नक्शों के सत्यापन कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों के प्राप्त नक्शों  का 2 सप्ताह के भीतर सत्यापन की कार्यवाही करें। उन्होनंे बताया कि स्वामित्व योजना की भारत सरकार द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। इसलिए व्यक्तिगत रूचि लेकर समयबद्धता के साथ कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। वीडियोकान्फ्रेसिंग  में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गिरीश चन्द्र गुणवंत, ऋषिकेश मनीष कुमार, नगर मजिस्टेªट कुश्म चैहान, सदर गोपालराम बिनवाल, कालसी संगीता कन्नोजिया, डोईवाला लक्ष्मीराज चैहान, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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