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देहरादून :


  कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में युमना काॅलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में लोक निर्माण विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 



उन्होने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सड़क सीमा संगठन इत्यादि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सड़क निर्माण से सम्बन्धित किये गये कार्यों, किये जा रहे निर्माण कार्यों तथा आगामी प्रस्तावित कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा व्यय किये गए बजट और आगामी प्रस्तावित बजट और आगामी प्रस्तावित बजट खर्च इत्यादि पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए केन्द्रीय मद राज्य मद तथा बाह्य सहायतित योजनाओं  के कार्यों की समीक्षा की गई। 

समीक्षा के दौरान उन्होमे चारधाम आॅलवेदर रोड, भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत किये गये कार्यों, राष्ट्रीय राजमार्ग के अन्तर्गत निर्माण कार्यों, प्रस्तावित प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों रिंग रोड, बाईपास रोड, मोटर मार्ग इत्यादि की प्रगति की जानकारी लेते हुए विभागीय अधिकारियों को सभी परियोजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता को बरकरार रखते हएु प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण, सुधारीकरण, डामरीकरण और सुरक्षात्मक इत्यादि सभी कार्यों को निर्धारित समय से पूरा करें। 

उन्होंने निर्देश दिये कि जिन परियोजनाओं के कार्य अभी अधूरे हैं उनको तेजी से पूरा करें और जिसमें निविदा इत्यादि की प्रक्रिया पूरी की जानी हैं ।

उनको भी समय से पूरा करें। उन्होंने निर्देश दिये कि सड़क निर्माण के दौरान जिन कार्यों में वन विभाग की क्लीयरेंस मिल गयी हो।

 उसके पश्चात सभी औपचारिकताएं एक ही चरण में पूरी करें, जिससे सड़क निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलम्ब ना हो। कहा कि शहरों में रिंग रोड और बाईपास रोड़ के निर्माण के दौरान वहां पर भविष्य में आबादी के अनुरूप निर्माण कार्य करें। 

उन्होमे निर्देश दिये कि चारधाम रूट पर मुख्य स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साफ-सुथरी शौचालय, पर्यटकों द्वारा थोड़े समय स्टे करने की स्थिति में बच्चों हेतु छोटे-छोटे क्रीड़ा स्थल विकरित करें। उन्होंने मुख्य सड़क मार्गों पर बीच-बीच में आवश्यकतानुसार आकर्षक और स्पष्ट नजर आने वाले साइनेज लगाने के निर्देश देते हुए कि साइनेज यदि पेड़-पत्तों और झाड़ियों से ढक गये हों तो वहां पर उनकी लाॅपिंग करवायें।


 साथ ही विभिन्न स्थानों के दूरी संकेतकों में सही दूरी दर्शायें और स्थानों की सही लोकेशन और कनैक्टिविटी स्पष्ट रूप से अंकित करायें।  इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रत्येक रूट पर सभी सड़के गड्डामुक्त बनाने को कहा। माननीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य के विभिन्न स्थानों पर जितने भी मुआवजे के प्रकरण लम्बित है उनका शीघ्रता से निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने चारधाम रूट और पहाड़ के मुख्य सड़क मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुरक्षा दीवार निर्मित करने, ज inहां पर सड़क और नालियों में कूड़ा अथवा घास उग आई हो उनको हटाने के निर्देश दिये ताकि बरसात के दौरान बरसाती पानी की सुगम निकासी भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सुगम यातायात हेतु संकरे मोड़ व सड़क स्थलों को चैड़ा करने और विभिन्न निर्माणकारी एजेंसियों के मध्य कामकाज और गुणवत्ता की एकरूपता बनाये रखने के निर्देश दिये। 

उन्होमे विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि जो अधिकारी बजट को तय समय में उचित गुणवत्तापूर्ण कार्यों में व्यय नहीं कर पायेगे उनको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी। इसके अतिरिक्त उन्होेेनें सभी कार्यदायी एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को बेहतर सामंजस्य से सड़क निर्माण से सम्बन्धित कार्यों को बेहतरीन तरीके से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार विश्व की सबसे अद्यतन तकनीक का उपयोग करते हुए विकास कार्यों को पूरा करना चाहती है तथा विकास कार्यों में बजट की कोई भी कमी नहीं होने दी जायेगी। 

इस दौरान प्र्रमुख सचिव आर.के सुधांशु ने मा0 मंत्री को विश्वास दिलाया कि सभी विभागीय अधिकारी मा0मंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों और मार्गदर्शन के अुनरूप विकास कार्यों को अंजाम देंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न निर्माण कार्यों को तेजी से और बेहतर गुणवत्ता से पूर्ण किया जायेगा। 

इस दौरान बैठक में प्रभारी सचिव विजय यादव, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता अयाज अहमद, आशोक कुमार व प्रमोद कुमार, एमडी ब्रिडकुल त्रिलोक सिंह नेगी, वित्त नियंत्रक डी.सी लोहानी, अनुसचिव श्री पुनेठा सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी व कार्मिक उपस्थित थे। 

 


देहरादून :



  पर्यावरण एवं वन मंत्री डाॅ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक आयोति की गयी, जिसमें विभागीय अधिकारियों द्वारा विभाग के ढांचे, मैनपावर, पदोन्नति  तथा वन पंचायतों, जैव विविधता बोर्ड, जायका, कैम्पा और वन विभाग के अन्तर्गत संचालित की जा रही योजनाओं और कार्यों तथा बजट के प्रावधानों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

मा मंत्री ने प्रदेश में स्थित सभी सक्रिय वन पंचायतों और सक्रिय इको समितियों के वन संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्य जीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम और जल प्रबन्धन इत्यादि में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनके खातों में न्यूनतम 1 लाख रूपये तथा अधिकतम 5 लाख रूपये की धनराशि निर्गत करने के निर्देश दिये। ये वन पंचायतें और इको समितियां वन विभाग द्वारा सौंपे गये कार्यों और स्थानीय स्तर पर वृक्षारोपण वन व वन्यजीव संरक्षण तथा जल संरक्षण में इस धनराशि का उपयोग करेंगे। इससे एक ओर जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे दूसरी ओर लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकेंगे और लोग वन संपदा को बचाने के लिए अधिक प्रेरित होंगे। 

 उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोगों को स्थानीय स्तर पर सूखी लकड़ी और चारापत्ती इत्यादि को उठाने की अनुमति  दी जाय तथा जो कार्मिक स्थानीय लोगों के हक-हकूक देने में आनाकानी करेगा उसको प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी।

 उन्होंने जंगल में ड्यूटी के दौरान वन्यजीवों से संघर्ष अथवा ड्यूटी के दौरान मृतक व्यक्ति के परिजनों को 15 लाख रूपये की धनराशि तथा घायलों को तद्नुसार अनिवार्य रूप से मुआवजा 15 दिन के भीतर देने के निर्देश दिये। मा0 मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को विभाग में हरहाल में मैनपावर को बढ़ाने के लिए नियमावली में आवश्यकतानुसार संशोधन करने, पद्दोन्नति  प्रक्रिया में शिथलीकरण बरतने तथा वन विभाग में रिक्तियों को तेजी से भरने  हेतु व्यापक अभियान चलाने के निर्देश देते हुए वन कार्मिकों की भर्ती हेुत पृथक से वन अधीनस्थ चयन आयोग के गठन का प्रस्ताव  बनाने को कहा। 

उन्होंने वन विभाग, वन निगम, वन पंचायतों, इको समिति, जैव विविधता बोर्ड इत्यादि सभी को एकीकृत टीम के रूप में कार्य करते हुए वन विभाग को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का आह्वान  किया, जिससे मैनपावर का अधिकतम सदुपयोग  संभव हो सके।

 उन्होमे ।6 विभिन्न सड़कों के  किनारे पर वृक्षारोपण  करते समय सड़क के भविष्य में 2 लेन अथवा 4 लेन बनने की संभावना को ध्यान में रखते हुए दूरदृष्टि अपनाते हुए 

व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये ताकि सड़क चैड़ीकरण के समय वृक्षों का कटान ना करना पड़े। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को रोपित किये गये वृ़क्षों की सुरक्षा और सर्वाइव हेतु वर्षभर माॅनिटिरिंग करते रहने के  भी निर्देश दिये। 

इस दौरान बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) राजीव भर्तहरी सचिव वन विजय यादव, पीसीसीएफ व चैयरमैन जैव विविधता बोर्ड विनोद कुमार, पीसीसीएफ वन पंचायत ज्योत्सना सितलिंग, एम.डी वन निगम डी.जे.के शर्मा, मुख्य वाईल्ड लाइफ वार्डन व एपीसीसीएफ जे.एस सुहाग सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक उपस्थित थे। 



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