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 देहरादून :

  •     मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने लोनिवि एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
  •     मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु  ने सभी जनपदों से सीडीओ के साथ बैठक की। मुख्य विकास अधिकारियों ने अपने एक्सपीरियंस और सुझाव शेयर किए।

  मुख्य सचिव ने कहा कि पॉजिटिव एटिट्यूड के साथ रिफॉर्म्स पर फोकस किया जाना चाहिए। काम करते हुए उत्साह में कमी नहीं लानी चाहिए। कोई भी काम आपके लिए छोटा हो सकता है, पर उस जरूरतमंद के बारे में सोचिए जिसकी एक छोटी सी सहायता से उसका जीवन बदल जायेगा।

 मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों से अपनी सेवा के दौरान के अनुभव एवं सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बैठकें लगातार आयोजित की जानी चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान बनाते समय सभी संबंधित विभागों द्वारा आपसी सामंजस्य के साथ प्लान तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाई जानी चाहिए, ताकि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ अर्जित किया जा सके।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार भी उपस्थित थीं।


मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई द्वारा कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए। कार्यों में गति एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट्स की लगातार मॉनीटरिंग की जानी चाहिए।

         मुख्य सचिव ने कहा कि नई सड़कों के निर्माण के साथ ही पुरानी सड़कों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने, नए डामरीकरण पर भी फोकस किया जाना चाहिए। उन्होंने एनएचएआई द्वारा विभिन्न सड़कों के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा हेतु प्रत्येक माह मुख्य सचिव स्तर पर मीटिंग कराने के भी निर्देश दिए।


प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु ने बताया कि चारधाम परियोजना के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग(394.98 किमी), पी.आई.यू. मोर्थ (21.43 किमी), बी.आर.ओ.(151.76 किमी) एवं एन.एच.आई.डी.सी.एल.(102.24 किमी) द्वारा कुल 670.41 कि.मी. सड़क का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि लोनिवि द्वारा 341.38 किमी (92 प्रतिशत), पी.आई.यू. मोर्थ द्वारा 21.43 किमी (100 प्रतिशत), बी.आर.ओ. द्वारा 116.13 किमी (76 प्रतिशत) एवं एन.एच.आई.डी.सी.एल. 83.61 किमी (81 प्रतिशत) द्वारा कुल 562.55 किमी (84 प्रतिशत) सड़क का निर्माण किया जा चुका है।



  प्रमुख सचिव श्री सुधांशु ने कहा कि लोनिवि द्वारा कुछ आई.टी. इनीशिएटिव भी लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम (एम.आई.एस) पर सभी कार्यों की समीक्षा की जाती है। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सभी सड़कों एवं पुलों की जी.आई.एस. डाटा सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है। 

उन्होंने कहा कि इसमें फॉरेस्ट प्रपोजल एवं बैंक गारन्टी की वैलिडिटी जैसे गम्भीर मुद्दों पर सम्बन्धित अधिकारी को ऑटो एलर्ट करने जैसे कार्य शामिल हैं।

 इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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