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मुख्यमंत्री ने हाल ही में कोरोना महामारी को देखते हुए 18 मई को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी ब्लॉक प्रमुखों से सुझाव मांगे थे की विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों से संबंधित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने तथा कोविड समस्या के समाधान हेतु अपने सुझाव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के लिए आग्रह किया था।

. जिसमे प्रमुख प्रतापनगर ने सुझाव भेजें है की कोरोनावायरस की संभावित तीसरी लहर जिसमें बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है को देखते हुए समय पर प्रत्येक विकास खंड के 1 मुख्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए या रोटेशन के आधार पर तैनाती की जाए, तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में महिला चिकित्सा अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्भवती माता व जन्म जात शिशु का कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सके। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों व भविष्य को देखते हुए आने वाले समय में प्रत्येक विकासखंड के अंतर्गत एक मॉडल अस्पताल का निर्माण किया जाय, जिसमे सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो, क्योंकि मुख्यता पहाड़ी क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तथा वर्तमान में प्रत्येक विकासखंड के न्याय पंचायत स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस व ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। और विकासखंड स्तर पर एक जन औषधि केंद्र की स्थापना की जाए जिसमे समस्त प्रकार की दवाइयां की व्यवस्था हो, एवं विकासखंड के अंतर्गत किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में x-ray टेक्निशियन व लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति हो, ताकि एक्सरे व रक्त जांच आदि की सुविधा विकासखंड स्तर पर ही समस्त आम जनमानस को मिल सके। इसके अतरिक्त विकासखंड में दो से तीन ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त एम्बुलेंस होनी आवश्यक है। इसके अलवा पर्वतीय क्षेत्रों के विकास खंडों की भौगोलिक परिस्थितियां विषम होने के कारण ग्राम पंचायतों में मेडिकल टीम का समय पर पहुंचना संभव नहीं हो पाता है। ऐसी परिस्थितियों में उचित होगा कि पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती विकासखंड के मुख्य स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में हो।

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