Halloween party ideas 2015

 



सुप्रसिद्ध झंडे जी के मेले में सुख पवित्र ध्वज दंड का आरोहण आज दरबार गुरु राम राय परिसर में हजारों श्रद्धालुओं व संगतो की उपस्थिति में हुआ . महंत देवेंद्र दास के निर्देशन में दोपहर 2:12 पर झंडे जी का आयोजन किया गया. हालांकि इस बार संगत काफी कम संख्या में मौजूद थी. झंडा मेला की आयोजन समिति ने विभिन्न माध्यमों के जरिए कोविड काल के कारण ध्वजारोहण में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को आने की अपील की थी। शुक्रवार सुबह 7:00 बजे पुराने झंडे जी को उतारा गया। उसके पश्चात संगत सीमित संख्या में झंडे जी के नीचे एकत्रित हो गई और नए झंडे जी पर विशेष पूजा अर्चना की गई ।

दूध, घी ,शहद ,गंगाजल , पंचगव्य द्वारा झंडे जी को स्नान कराया गया।86 फीट ऊंचे झंडे जी पर पहले सादे और शनि के गिलास चढ़ाने के पश्चात उसको जमीन पर नहीं रखने दिया गया। संगतो ने अपने हाथों पर ही झंडे जी को थामे रखा और 12:40 तक यह प्रक्रिया चलने के पश्चात 1:00 बजे के करीब झंडे जी प्रदर्शनी गिलाफ चढ़ाया गया और आरोहण की प्रक्रिया शुरू की गई। दोपहर 2:00 बजे नए मखमली वस्त्र और सुनहरे गोटे से सजा हुआ झंडे जी का आरोहण की प्रक्रिया शुरू हुई और 2:12 पर महंत देवेंद्र दास की अगुवाई में झंडे जी का आरोहण पूर्ण किया गया  

श्रद्धालुओं ने  झंडे जी की परिक्रमा की। झंडारोहण के समय बाज की चमत्कारी उपस्थिति को हर साल दर्ज किया जाता है।। महंत देवेंद्र दास ने देश व प्रदेश वासियों को झंडे जी के मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दी ।

झंडे जी का मेला प्रेम सद्भावना आपसी भाईचारा सौहार्द उल्लास का मंचन का संदेश देता है ।उन्होंने कहा यहां भक्तों की सारी मन्नते पूरी होती हैं और यही कारण है कि झंडे जी के प्रति आस्था बढ़ती ही जा रही है पंजाब से आई युवा संगत ने इस बार पीले रंग का वस्त्र पहना जो कि आकर्षण का केंद्र बना रहा।

 श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब सहित पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। झंडारोहण के दौरान पुलिस प्रशासन की टीमें दरबार साहिब परिसर में मौजूद रहे और सहारनपुर चौक से भंडारी चौक तक सभी पुलिसकर्मी डटे रहे।

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