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*-एसआरएचयू में नए सत्र से मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री की होगी पढ़ाई, प्रवेश शुरू

*-एकेडमिक काउंसिल ने मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री कोर्स में प्रवेश की दी अनुमति




डोईवाला- उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी अब उन्हें मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) में नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 से दो वर्षीय मास्टर कोर्स बी.ऑप्टोम का संचालन किया जाएगा।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना का अध्यक्षता में आयोजित एकेडमिक काउंसिलिंग की बैठक में मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री को अनुमति दी गई। कुलसचिव डॉ.विनीत महरोत्रा ने बताया कि लंबे समय से छात्र-छात्राओं की मांग व स्वास्थ्य सेवा को ध्यान में रखते हुए एसआरएचयू में मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री शुरू किया जा रहा है। प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कोर्स में सीमित 10 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

शैक्षिक योग्यता-

 मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ ऑप्टोमैट्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य

मास्टर ऑफ ऑप्टोमैट्री के करियर ऑप्शन-

 कम्प्यूटर और टीवी लगातार देखने से युवाओं की ही नहीं बल्कि बच्चों की आँखें भी प्रभावित हो रही हैं। इन सभी के उपचार में ऑप्टोमेट्रिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि इन दिनों भारत में प्रशिक्षित ऑप्टोमेट्रिस्ट की माँग बढ़ती जा रही है।  कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स प्रमुख रूप से तीन तरह से रोजगार पा सकते हैं। जैसे स्वयं की प्रैक्टिस करना जैसे आई सर्जन करते हैं। ऑप्टोमेट्रिस्ट के रुप में किसी शोरूम में काम कर सकते हैं और तीसरा, आई हास्पिटल में काम कर सकते हैं।

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