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ऋषिकेश:

 

एम्स ऋषिकेश के स्त्री वरदान कार्यक्रम को आवाज़ देने के लिए पहुंचे उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी और हंस फाउंडेशन की मंगला माता।

एम्स ऋषिकेश में स्त्री वरदान कार्यक्रम को आशीर्वाद और सम्मान देने पहुंचे उत्तराखंड के राज्यपाल, संत शिरोमणि जूना अखाड़ा के पुज्यपाद स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज, स्वामी विजय कौशल जी , स्वामी देवानंद सरस्वती जी, हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता श्री मंगला जी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन  के संस्थापक आशीष गौतम और यमकेश्वर की विधायक   श्री मति रितु खंडूरी  । साथ ही शामिल हुईं उत्तराखंड की महापौर श्रीमति अनिता ममगैन और अन्य कई गण्यमान्य   अतिथि ।




अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग के तत्वावधान में स्त्री वरदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने एम्स ऋषिकेश की इस पहल की सराहना की, उन्होंने कहा कि अपने निजी स्वास्थ्य के प्रति गांव देहात की महिलाएं अभी भी जागरुक नहीं हैं। लिहाजा ऐसी महिलाओं को स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपने निजी स्वास्थ्य के प्रति चुप्पी तोड़कर जागरुक होना होगा। इस दौरान एम्स ऋषिकेश की पहल पर आयोजित स्त्री वरदान "चुप्पी तोड़ो, स्त्रीत्व से नाता जोड़ो" अभियान में सहभागिता के लिए उपस्थित जनसमुदाय ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने का सामुहिक संकल्प लिया। 


 राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं के स्वस्थ होने से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है, लिहाजा अब समय आ गया है कि महिलाओं को अपने निजी स्वास्थ्य के प्रति चुप्पी ताेड़ने के लिए आगे आना होगा। राज्यपाल ने एम्स की ओर से स्त्रियों के स्वास्थ्य को लेकर शुरू किए गए स्त्री वरदान: चुप्पी ताेड़ो स्त्रीत्व से नाता जोड़ो अभियान को राज्य व देश की महिलाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से नई पहल बताई और एम्स की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि महिलाओं में होने वाली बीमारियां 15 फीसदी समस्याएं पुरुष जनित हैं।  निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि महिलाओं की निजी स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों को लेकर एम्स में रिकंस्ट्रेक्टिव एवं कॉस्मेटिक गाइनेकोलॉजी विभाग की स्थापना की गई है। जहां महिलाओं की निजी समस्याओं का विश्वस्तरीय उपचार सुलभ कराया गया है। जो कि भारत ही नहीं बल्कि विश्व में अपनी तरह का ऐसा पहला विभाग है। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने देश में कुपोषण की वजह से महिलाओं के स्वास्थ्य पर चिंता जताई। ऐसी स्थिति में उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर की गई इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि एम्स ऋषिकेश की यह शुरुआत महिलाओं के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी। मौजूद यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी जी ने कहा कि महिलाओं को निजी समस्याओं से निजात पाने के लिए संकोच मिटाकर आगे आना होगा, तभी महिलाएं स्वस्थ रह सकती हैं। हंस फाउंडेशन की प्रमुख माता मंगला जी ने एम्स ऋषिकेश की इस पहल को काविलेगौर बताया, कहा कि घर की नारी के स्वस्थ रहने पर ही परिवार स्वस्थ रह सकता है। लिहाजा महिलाओं को एम्स की इस शुरुआत व शुरू की गई मुहिम से जुड़ना होगा। आई.बी.सी.सी. की प्रमुख वरिष्ठ शल्य चिकित्सक सीनियर प्रोफेसर बीना रवि जी ने कहा कि शिक्षित महिलाओं व युवतियों को ब्रेस्ट कैंसर तथा अन्य तरह की निजी स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को लेकर खुलकर चर्चा करनी चाहिए और अन्य महिलाओं को भी जागरुक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम महिलाएं एम्स द्वारा शुरू किए गए इस अभियान से जुड़कर संपूर्ण समाज का भला कर सकती हैं। संस्थान के रिकंस्ट्रेक्टिव एवं कॉस्मेटिक्स गाइनोकोलाजी विभाग के अध्यक्ष एवं स्त्री वरदान कार्यक्रम के निदेशक डा. नवनीत मग्गो ने एम्स के इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी। डा. विनोद व डा. मानवी के संयुक्त संचालन में आयोजित कार्यक्रम को जूना अखाड़े के महासचिव स्वामी देवानंद सरस्वती जी महाराज, मानस कथावक्ता स्वामी विजय कौशल जी महाराज, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक श्री आशीष गौतम जी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने स्त्री वरदान कार्यक्रम को हर घर की महिला तक पहुंचाने का डॉक्टर नवनीत मग्गो जी के आवाहन में सामुहिक संकल्प लिया गया। समारोह में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने महामहिम राज्यपाल बेबी रानी मौर्य सहित सभी अतिथियों को संस्थान की ओर से स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। जबकि एम्स की इस विश्वव्यापी पहल के लिए राज्यपाल बेबीरानी मौर्य जी व जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज की ओर से निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी व स्त्री वरदान कार्यक्रम के संयोजक डा. नवनीत मग्गो जी को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।  राज्यपाल ने, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर पूज्यपाद अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने, हंस फाउंडेशन की मंगला माता ने, विजय कौशल जी महाराज ने, स्वामी देवानंद सरस्वती जी महाराज ने, श्रीमती रितु खंडूरी और आशीष गैतम जी ने स्त्री वरदान कार्यक्रम के संस्थापक डॉक्टर नवनीत मग्गो की इस सोच की बहुत सराहना की और स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि आज वह दिन आ गया है जब डॉक्टर नवनीत मग्गो द्वारा देखा गया यह स्वप्न सच होने जा रहा है और मंच पर उपस्थित लोगो को और खचाखच भरे स्त्री वरदान कार्यकर्ताओं के विशाल जनसमुदाओ को देखकर ऐसा लगता है कि हर कोई इससे जुड़ना चाहता है।  

  कार्यक्रम में समाजसेवी प्रदीप मौर्य जी, डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डा. जया चतुर्वेदी जी, प्रो. शालिनी राव जी, प्रो. प्रशांत पाटिल जी, प्रो. वीके बस्तिया जी, प्रो. सत्यावती राना जी, डा. गौरव चिकारा जी, डा.पूर्वी कुलश्रेष्ठा, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल जी आदि मौजूद थे।

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