Halloween party ideas 2015

  •  शांतिकुंज ने मनाई इको फ्रेण्डली दिवाली 
  • उत्साहपूर्वक मना गोवर्धन पूजा, गौवंश बचाने का लिया संकल्प

हरिद्वार:

 




गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में इको फ्रेंडली दिवाली मनाई गयी। शांतिकुंज व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिसर को प्राकृतिक रंग एवं गुलाल से आर्कषक ढंग से सजाया गया था, तो वहीं पर्व का मुख्य कार्यक्रम दिव्य दीपमहायज्ञ के साथ सम्पन्न हुआ। जहाँ गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैल दीदी ने बही खाता का पूजन किया।

इस अवसर पर अपने संदेश में गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि दिवाली के अवसर पर प्रज्वलित होने वाला दीपक हम सभी को प्रकाशित होने का संदेश देता है। वे अपने अंदर के तेल (स्नेह) की एक-एक बंूद जलाकर जग को प्रकाशित करते हैं। उन्होंने कहा कि उसी मनुष्य का जीवन धन्य है, जिसका तन, मन, धन केवल अपने लिए ही नहीं, वरन् सारे समाज को प्रेरणा प्रकाश देने में लग जाये। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि बाहर व भीतर से पवित्र (सफाई) होने पर लक्ष्मी विराजती है। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि खर्चीलेपन की आदत को मिटाने के संकल्प के साथ दीपोत्सव मनाये।

इससे पूर्व संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैल दीदी व श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने पर्व पूजन किया तथा वेदमाता गायत्री ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं लेखा विभाग प्रभारी श्री हरीशभाई ठक्कर ने बही खातों का पूजन किया। इस अवसर पर वैदिक कर्मकाण्ड श्री उदयकिशोर मिश्र ने सम्पन्न कराया।

वहीं शांतिकुंज में गोवर्धन पूजा का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने गाय के संवर्धन एवं गौ उत्पाद को बढ़ाने पर बल दिया।

वही चेतना दिवस के रूप में मना युवा उत्प्ररेक डॉ पण्ड्या का जन्मदिन

हरिद्वार :

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख व देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या का ७१वाँ जन्मदिन सादगी के साथ मनाया गया। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी सहित शांतिकुंज के अंतेवासी, देसंविवि, गायत्री विद्यापीठ परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। विद्यापीठ के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने भी गुलदस्ता भेंटकर आशीष लिया, तो वहीं योगगुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिन्मयानन्द, साध्वी ऋतंभरा दीदी, जैनमुनि स्वामी लोकेन्द्र जी, प्रसिद्ध कथावाचक भूपेन्द्रभाई पण्ड्या, स्वामी निखिलानंद सरस्वति, कथावाचक किरिट भाई, जॉन राम सहित भारत, आस्ट्रेलिया, दुबई, कनाडा, अमेरिका आदि देशों के राजनैतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के अनेक नामचीन लोगों ने भी शुभकामनाएँ दी।

एमडी (मेडीसिन) में स्वर्ण पदक प्राप्त युवा उत्प्रेरक डॉ. पण्ड्या ने प्रारंभ के २५ वर्ष अपने शिक्षण कार्य में बिताने के बाद शेष जीवन अपने गुरु को सौंप दिया। उन्होंने कठपुतली की भाँति सद्गुरु-आराध्यदेव के निर्देशों के पालन में लगा दिया। देश-विदेश में युवाओं का मार्गदर्शन, भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार, देसंविवि के संचालन, साहित्य लेखन-संपादन, विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय में शोध कार्य जैसे अनेक विशिष्ट कार्यों में डॉ. पण्ड्या ने अपना जीवन होम दिया है। सादा जीवन उच्च विचार को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने वाले डॉ. पण्ड्या का जीवन राष्ट्र व भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित है।

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