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देहरादून ;



सड़क सुरक्षा सम्बन्धी कार्यो में लापरवाही ना बरतें’’ यह निर्देश जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कलेक्टेªट सभागार में ‘‘सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में समिति से जुडे़ विभागों और सदस्यों को दिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग अथवा किसी अधिकारी की व्यक्तिगत लापरवाही से सड़क दुर्घटना घटती है तो उस दशा में सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय करते हुए सम्बन्धित पर कार्यवाही की जाएगी। अतः  सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का भली-भांति अनुपालन करें और सड़क दुर्घटना रोकने के लिए जो कार्य किए जाने हैं उनको समय से और बेहतर तरीके से सम्पादित करें, इसमें किसी भी तरह की ढिलाई ना बरतें। उन्होंने यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि सामान्य उल्लंघन के मुकाबले ऐसे मामलों में एन्फोर्समेंट की कार्यवाही पर फोकस करें, जिसके उल्लंघन से दुर्घटनाएं घटती हैं। उन्होंने ओवर स्पीडिंग, बिना हैलमेंट के वाहन चलाना, नशे की हालत में वाहन चलाना आदि पर विशेष ध्यान देते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने को कहा। उन्होंने ओवर स्पीडिंग पर न केवल शहरी क्षेत्रों में वरन देहात क्षेत्र में भी इस पर सख्त नियंत्रण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने समिति से जुड़े  सदस्यों और विभागों को इस बात का भी सटिक विशलेषण करने को कहा जिन विभिन्न कारणों से दुर्घटनाएं घटती हैं, न कवेल इन्फ्रास्ट्रक्चरल, एनफोर्समेंट बल्कि मोडिफाई किए जाने वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं का भी अलग-अलग डाटा कलैक्ट करते हुए तद्नुसार दुर्घटना रोकने से सम्बन्धित कार्यवाही करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को भी सख्ती से निर्देशित किया कि विभिन्न स्थानों पर ब्लैक स्पाॅट में अवशेष सुधारात्मक कार्यों को तत्काल पूर्ण करें, साथ ही इस बात का भी अवलोकन करें कि ब्लैक स्पाॅट ठीक करने के बाद भी क्या वह क्षेत्र दुर्घटना जोखिम बना रहता है या नही। उन्होंने सड़क सुधार व मरम्मत  के कार्यों को समय-समय पर न केवल तत्काल पूरे करने के निर्देश दिए बल्कि विभिन्न स्थानों पर जेब्रा क्रासिंग ठीक करने, रोड़ की यथानुसार मार्किंग करने व लोगों को अवेयर करने तथा  जरूरी जानकारी देने के लिए शहरी व पर्वतीय  दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकृति के अनुरूप साइनेज-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। 

उन्होंने सड़क सुधार से सम्बन्धित डीपीआर व प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम से सम्बन्धित शासन स्तर पर अथवा केन्द्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के स्तर पर लम्बित डी.पी.आर प्रस्तावों पर तीव्र स्वीकृति हेतु जरूरी पहल करने के भी निर्देश दिए।  इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने समिति से जुड़े सदस्यों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए बेहतर परिणाम हासिल करने, लोगों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा के मानकों के सम्बन्ध में विभिन्न माध्यमों से जागरूक करने, दुर्घटनाओं  से सम्बन्धित आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से कलेक्ट करते हुए तद्नुसार प्रभावी व कारगर प्लान बनाने के निर्देश दिए। 

इस दौरान कलेक्टेªट सभागार में बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरविन्द पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक यातायात प्रकाश चन्द्र, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द पाण्डेय, स्वास्थ्य विभाग से डाॅ संजीव दत्त सहित लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सम्बन्धित अधिकारी व कार्मिक उपस्थित थे। 


देहरादून :


‘‘मास्क ना पहनने वालों तथा सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाए’’ यह निर्देश  जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अपर जिलाधिकारियों, नगर मजिस्टेªट तथा समस्त उप जिलाधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कुछ लोगों द्वारा भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क ना पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने की बात को गंभीरता से लेते हुए सभी इन्फोर्समेंट से जुड़े सभी  अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों-बाजारों में बिना लाव लस्कर के औचक निरीक्षण करें तथा इस दौरान कोई भी दुकानदार व सामान्य नागरिक ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का ना पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो निसंकोच सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में दुकानदारों को भी इन्टिमेट करें कि वे स्वयं भी मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तथा दुकानों पर आने वाले उपभोक्ताओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें सोशल डिस्टेंिसंग के पालन हेतु दुकानों के आगे गोले बनाए। 

जिलाधिकारी ने विगत कुछ दिनों से कोविड-19 के सैम्पलिंग में आशा जनक प्रगति ना पाए जाने पर असतंुष्टि व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरहाल में सैम्पलिंग की प्रगति को बढाएं। सैम्पलिंग की प्रगति बढाने के लिए जो भी प्रयास किए जाने चाहिए उनको तेजी से अमल में लाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जिन निजी अस्पतालों द्वारा अपने यहां तैनात किए गए चिकित्सक व स्टाॅफ का ब्यौरा प्रस्तुत नही किया गया है उनको तत्काल सम्बन्धित विवरण प्रस्तुत करने को निर्देशित करें। यदि कोई निजी अस्पताल अपने स्टाॅफ का विवरण देने में आनाकानी करता है तथा भविष्य में वैक्सीन के आने पर कोविड-19 से सम्बन्धित वैक्सीन और दवाईयों को देने को मौखिक रूप से मना करता है ऐसे अस्पतालों से इस बात का लिखित विवरण प्राप्त कर लें कि कोरोना वैक्सीन आने के उपरान्त उनके अस्पताल से सम्बन्धित यदि किसी चिकित्सक अथवा स्टाॅफ को कोरोना के चलते कोई अनहोनी होती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी सम्बन्धित अस्पताल की होगी।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी अस्पतालों से कोविड-19 से सम्बन्धित लगातार प्राॅपर माध्यम से अद्यतन विवरण और फीडबैक प्राप्त करते रहने तथा आॅनलाईन पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली सूचनाओं को भी लगातार अपडेट करते रहने के भी निर्देश दिए। उन्होनें विभिन्न माध्यमों से लगातार कोरोना से बचाव से सम्बन्धित सूचनाओं को लोगों तक पंहुचाने के भी निर्देश दिए। 

जनपद में लाॅकडाउन के बाद जनपद में संचालित 166 राजकीय हाई स्कूल एवं इन्टर काॅलेज में से 156, सहायता प्राप्त आशासकीय विद्यालय 57 में से 52, सी0बी0एस0सी0 द्वारा संचालित केन्द्रीय विद्यालय 60 में से 48 तथा विभिन्न बोर्डों के द्वारा मान्यता प्राप्त निजी 219 विद्यालयों में से 58 द्वारा पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ कर दिया है। 

जिलाधिकारी डाॅं0 आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत प्राप्त हुई रिपोर्ट में 84 व्यक्तियों की रिपोर्ट पाॅजिटिव प्राप्त होने के फलस्वरूप जनपद में आतिथि तक कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 17378 हो गयी है, जिनमें कुल 15878 व्यक्ति उपचार के उपरान्त स्वस्थ हो गये हैं। वर्तमान में जनपद में  741 व्यक्ति उपचाररत हैं। इसके अतिरिक्त जनपद में आज जांच हेतु कुल 2032 सैम्पल भेजे गये।



देहरादून :


जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून ने अवगत कराया है कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण के बचाव  से जुडे़ समस्त दिशा-निर्देशों का परिपालन करवाते हुए जनकल्याण जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारम्भ 29 अक्टूबर 2020 को कचटा (कालसी) से किया गया है। 

उन्होंने अवगत कराया कि आयोजित शिविरों में समाज कल्याण विभाग की पेंशन शिकायतों का निस्तारण, दिव्यांगजनों के यूडीआईडी  कार्ड का पंजीकरण, चिकित्सकीय टीम द्वारा दिव्यांग चिकित्सा प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 03 नवम्बर 2020 को साहिया (कालसी), 07 नवम्बर 2020 को कोटी कालोनी (कालसी), 09 नवम्बर 2020 को धर्मावाला (विकासनगर), 10 नवम्बर 2020 को लांघा (विकासनगर) तथा 12 नवम्बर 2020 को विकासखण्ड रायपुर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। 




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