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 उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2020


  • जानकी चट्टी - यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भूस्खलन जोन चिह्नितकर वैकल्पिक  मार्ग  का जिला प्रशासन ने त्वरित गति से निर्माण कराया।
  • देवस्थानम बोर्ड द्वारा आज    15 अक्टूबर  तक 1739 ई -पास  जारी। कुल डेढ़ लाख से अधिक ई-पास जारी हुए।
  • चारधाम यात्रा हेतु कोरोना  निगेटिव जांच रिपोर्ट की बाध्यता समाप्त होने के बाद  ई -पास की संख्या बढ़ी, चार धाम   में अधिक तीर्थ यात्री पहुंचे।
  • लोगों में चारधाम यात्रा के प्रति  उत्साह।
  • अभी तक एक लाख पंद्रह हजार से अधिक तीर्थयात्री चार धाम के दर्शन कर चुके हैं।
  • कोरोना बचाव मानकों का पालन सौशियल डिस्टेंसिग बनाये रखने हेतु  निर्धारित दूरी से ही हो रहे देव दर्शन।


देहरादून:



15 अक्टूबर।प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड द्वारा प्रदेश के लोगों के लिए चार धाम यात्रा का 1 जुलाई से शुभारंभ हुआ  जबकि 25 जुलाई से कुछ प्रावधानों के साथ चार धाम यात्रा सभी के लिए शुरू हुई। ज्ञातब्य है कि प्रदेश के मुख्य सचिव ओमप्रकाश  एवं पर्यटन-  सचिव दिलीप जावलकर ने चारधाम यात्रा को सुचारू किये जाने हेतु सरकार के निर्णयों का बेहतर कार्यान्वयन किया है।

 उल्लेखनीय है कि विगत दिनों देवस्थानम बोर्ड द्वारा चार धाम तीर्थयात्रा हेतु उत्तराखंड से बाहर के तीर्थ यात्री 72 घंटे पूर्व की  इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर)  से प्रमाणित लैब से कोरोना जांच की नैगेटिव रिपोर्ट अथवा क्वारंटीन अवधि का प्रमाण  के मानक को समाप्त कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य मानको का पालन कर देवस्थानम बोर्ड  की वेबसाइट से देश के अन्य प्रांतों के लोग आसानी से चारधाम यात्रा ई पास बना रहे है।  आज शाम तक उत्तराखंड देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट www.badrinath-kedarnath.gov. in से  1739 लोगों ने चार धामों हेतु ई -पास बुक कराये हैं।

जिसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 420 श्री केदारनाथ धाम के लिए 1123 श्री गंगोत्री धाम हेतु 114 श्री यमुनोत्री धाम हेतु 82 लोगों ने ई पास बुक कराये है।

आयुक्त गढ़वाल/उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने यह जानकारी दी है कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री यमुनोत्री धाम एवं गंगोत्री धाम में न्यासियों/ हकूकधारियों के सहयोग हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की तैनाती की है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के तहत हक हकूकधारियों के सभी हित सुरक्षित हैं।

कहा कि  देवस्थानम द्वारा अब प्रदेश से बाहर  लोगों को कोरोना  निगेटिव जांच  रिपोर्ट एवं क्वारंटीन की शर्तों को हटा दिया गया है। जिससे ई पास की संख्या बढ़ी है। इसी के मद्देनजर चमोली, रूद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर चारों धामों में अधिक   तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति दी गयी है। इसी अनुसार तीर्थयात्रियों हेतु स्वास्थ्य,आवास,भोजन, परिवहन सहित आवश्यक सुविधाएं जुटायी गयी हैं।

अब श्री बदरीनाथ धाम हेतु 3000 (तीन हजार) श्री केदारनाथ हेतु 3000 (तीन हजार)श्री गंगोत्री 900  (नौ सौ)तथा श्री यमुनोत्री 700 (सात सौ) तीर्थयात्री प्रति दिन दर्शन को पहुंच सकते है। इस तरह 7600 (सात हजार छह सौ) तीर्थयात्री चार धाम  दर्शन हेतु आ सकेंगे। इसमें हेलीकॉप्टर से आनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या शामिल नहीं है।पहले यह संख्या  चारों धामों  हेतु 3000 ( तीन हजार ) मात्र थी।


 अब कोरोना रिपोर्ट की ई पास हैतु जरूरत नहीं है। देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट से ई -पास बनाकर सभी प्रदेशों के श्रद्धालुओं को कोरोना बचाव  स्वास्थ्य मानकों के साथ  चार धाम यात्रा की अनुमति  है। चार धामों में तीर्थयात्रियों को मंदिरों में दर्शन हो रहे है जिसमें किसी तरह का कोई अवरोध नहीं है।

चारधाम यात्रा के अच्छे परिणाम  आये हैं। कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम हेतु थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन के पश्चात ही मंदिरों में तीर्थ यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा है। मास्क  पहनना अनिवार्य किया गया है अभी मंदिरों में निर्धारित दूरी से देव दर्शन हो रहे हैं ताकि शोसियल डिस्टेंसिंग बनी रहे तथा कोरोना बचाव के मानकों का पालन हो सके। यात्रा मार्ग पर देवस्थानम बोर्ड के यात्री विश्राम गृहों को तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु खोला जा चुका है।  

आवास के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, जन सुविधाओं आदि की व्यवस्थायें चाकचौबंद की गयी है। तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि अति आवश्यक होने पर ही धामों में रूके। यह कोशिश रहे कि दर्शन के पश्चात तीर्थ यात्री निकटवर्ती स्टेशनों तक वापस आ जाये। मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी रखें। सड़को की स्थितिअब सामान्य है। यात्रा मार्ग खुले हुए हैं।   भूस्खलन से बाधित जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग को वेकल्पिक रूप से ठीक कर दिया गया है।  अब यात्रा सुचारू हो गयी है।

प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके। अब उत्तराखंड से बाहर के लोग भी  बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के चारधाम यात्रा हेतु ई पास बनाकर एवं स्वास्थ्य संबंधी मानक पूरे कर यात्रा कर सकते हैं। केवल कोरोना के लक्षणवाले लोगों के पाज़िटिव रिपोर्ट आने पर चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं होगी जब तक कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। सामान्य जांच में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर   संबंधित जिला प्रशासन यात्री का कोविड-19 आरटी पीसीआर टेस्ट करवायेंगे। हेली काप्टर से आने वाले तीर्थयात्रियों को ई पास से छूट दी गयी है तथा हेली से दर्शन को पहुंचनेवाले तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य जांच हेतु संबंधित हेली कंपनियों को निर्देशित किया गया है।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह   ने बताया कि   देवस्थानम बोर्ड द्वारा  1 जुलाई से   15  अक्टूबर शाम तक 152886 ई -पास जारी किये जा चुके हैं। ई पास तीर्थ यात्रियों को उनके द्वारा सुझाई गयी तिथियों हेतु जारी किये गये है। ई पास लेकर  तीर्थयात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं। दर्शनार्थियों की प्रतिदिन की संख्या बढायी  दी गयी है जिससे अधिक तीर्थ यात्री चारधाम पहुंच रहे हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि अभी तक  एक लाख पंद्रह हजार से अधिक तीर्थ यात्री चार धाम दर्शन हेतु पहुंच गये है। कोरोना बचाव मानकों का पालन हो रहा है तथा चारधामों मे श्री बदरीनाथ-केदारनाथ एवं गंगोत्री धाम यात्रा  सतत चल रही है।   यमुनोत्री धाम यात्रा  को बहाल कर दिया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि  जानकीचट्टी- यमुनोत्री   वैकल्पिक पैदल मार्ग   पीडब्ल्यूडी उत्तरकाशी द्वारा  तैयार किया जा चुका है। अत: यमुनोत्री धाम यात्रा सुचारू हो गयी है। अध्यक्ष मंदिर समिति यमुनोत्री/ उपजिलाधिकारी बड़कोट चतर सिंह चौहान  एवं अधिशासी अभियंता सुनील गर्ग ने  कल दिनांक 14 अक्टूबर से  यात्रा मार्ग सुचारू होने की पुष्टि की है।

पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के अनुसार   ई- पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है तथा यात्रियों जी को उचित मार्गदर्शन किया जा रहा है।

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