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उत्तराखंड में आज कोरोना पॉजिटिव के 630  मामले आए हैं। जिसे मिलाकर उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कुल मामले अब 52959 हो गए हैं। जिसमें सक्रिय केसों की संख्या 8367 है, आज 663 लोग ठीक हो चुके है, रिकवर मामलों की संख्या 43631 है।

अभी तक 688 लोगों मृत्यु हो चुकी है, आज 12947 लोगों के सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव पाए गए हैं। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के ठीक होने की दर 82.39 % हो गयी है। उत्तराखंड में कंटेनमेंट जोन 229 है।

रुद्रप्रयाग  में 01, चंपावत मे 02, देहरादून में 65, उत्तरकाशी में 14, टिहरी में 02, हरिद्वार में 96 और नैनीताल में 46, पौड़ी में 03 कंटेंटमेंट जोन है।

आज 11 कोरोना संक्रमितों  की मृत्यु हुई है, जिसमे एचएनबी अस्पताल श्रीनगर से 01 ,सुशीला तिवारी अस्पताल  से 03, दून  मेडिकल  कॉलेज से 03,हिमालयन अस्पताल से 04  है।


स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट देहरादून और ग्लोबल हैल्थ एलायंस, यूनाईटेड किंगडम के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए
बुधवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे की उपस्थिति में आनलाईन आयोजित कार्यक्रम में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट देहरादून और ग्लोबल हैल्थ एलायंस, यूनाईटेड किंगडम के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। 
 
ग्लोबल हैल्थ एलायंस, विभिन्न कोर्सेज के माध्यम से मेडिकल स्टाफ विशेष तौर पर पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ को क्वालिटी प्रशिक्षण देगा। इसी प्रकार मोटर बाईक पैरामेडिकल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों संस्थाओं के मध्य इस समझौते से स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को काफी लाभ होगा। मोटर बाईक पैरामेडिक से पर्वतीय क्षेत्रों में मौके पर जाकर मरीजों को त्वरित चिकित्सा दी जा सकेगी। विश्व स्तरीय संस्था ग्लोबल हैल्थ एलायंस के द्वारा डिजाइन किये गये पाठ्यक्रमों से यहां के मेडिकल और पैरामेडिकल छात्रों का कौशल विकास होगा।  रोजगार की दृष्टि से भी युवाओं को लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है।  ह्रदय रोग और डायबिटीज के ईलाज की सुविधा पर विशेष ध्यान देना होगा। 

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ विजय धस्माना ने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधा बढाना पहली प्राथमिकता है। इस एमओयू से पैरामेडिकल स्टाफ की गुणवत्ता बढेगी। 

इस अवसर पर नई दिल्ली में ब्रिटिश हाईकमिश्नर सुश्री जेन थाम्पसन, ग्लोबल हैल्थ एलायंस के डाॅ राजे नारायण, भारत में यूएनडीपी के मुख्य सलाहकार डा राकेश कुमार, उत्तराखण्ड शासन में सचिव श्री अमित नेगी, एसआरएचयू के कुलसचिव डाॅ विनीत महरोत्रा, डीन डाॅ मुश्ताक अहमद उपस्थित थे।

 

 

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