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 एसडीआरएफ  के  18 पेरामेडिक्स ने भी ली एंटीजन टेस्टिंग ट्रेंनिग, अब होम आएसोलेशन में रह रहे संक्रमितों से भी लगातार  सम्पर्क  में एसडीआरएफ  जवान





संपूर्ण कोरोना संकटकाल के दौरान राज्य आपदा प्रतिवादन बल द्वारा कोरोना प्रसार को रोकने हेतु एवं आम जनमानस के सहायतार्थ अनेक प्रकार के प्रयास किए गए जिस क्रम में  सर्वप्रथम अन्य राज्यों में फंसे हुए छात्रों एवं अन्य उत्तराखंड नागरिकों को लाने हेतु कोटा राजस्थान, चंडीगढ़ आदि राज्यों से लाने हेतु व्यापक अभियान चलाए गए तत्पश्चात अन्य राज्यों से भी उत्तराखंड नागरिकों को उत्तराखंड वापस लाया गया लगभग 6,00000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित गृह राज्य लाने में उत्तराखंड लाने में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया गया।

        कोविड संक्रमण  और लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड पुलिस गरीब ,बेसहारा, लाचार और जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों के लिए एक देवदूत के रूप में सामने आई है संपूर्ण प्रदेश में एसडीआरएफ द्वारा लगभग 80000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाया गया एवं राशन पैकेट वितरण किए गए अनेक अवसरों में एसडीआरएफ ने स्वयं सेवक संस्थाओं के माध्यम से फूड पैकेट वितरण  किये एवं भोजन बनाने और उसे वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचाने में सहायता की इसके साथ ही सामान्य परिवहन एवं सामान्य रोजगार व्यवसाय के प्रतिबंधित होने की दशा में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्राप्त सूचना एवं जानकारी के आधार पर जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री एवं राशन की होम डिलीवरी की गई , राशन पैकेट में एक सामान्य परिवार के 1 सप्ताह हेतु राशन सामग्री का समावेश किया गया था । कोरोना सनकर्मनके फैलाव को रोकने में  मास्क एवम सैनिटाइजर की अत्यंत उपयोगिता को देखते हुए सम्पूर्ण राज्य में एसडीआरएफ द्वारा लॉक डाउन अवधि के दौरान लगभग 80600 मास्क का  व लगभग 12000 बोतल सेनेटाइज का वितरण किया गया ।  अनेक अवसरों पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल के द्वारा राज्य के ग्रामीण  एवमं सीमांत क्षेत्रों में बीमार एवं बुजुर्गों को अति आवश्यक दवाइयों की आवश्यकता होने पर अति अल्प समय में जरूरतमंद तक दवाइयां भी पहुंचाई गई।

                    संपूर्ण देश में लॉक डाउन के दौरान उत्तराखंड नागरिकों को सुरक्षित लाने के साथ ही पंजीकरण जैसी समस्याओं के निराकरण एवं आवश्यक संदेश, नियम प्रेषण हेतु राज्य आपदा प्रतिवादन बल के द्वारा 15 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए ,जारी किए गए नंबरों पर संपूर्ण देश से लगभग 99300 कॉलरों द्वारा अपनी समस्याओं को बताया गया जिसमें सभी कॉलरों की समस्याओं का निस्तारण किया गया। वर्तमान समय तक लगभग छह लाख से ज्यादा नागरिकों का आवागमन राज्य में हुआ है जिनके होम एवं संस्थागत क्वॉरेंटाइन को प्रभावी बनाने एवं  कोरोना पॉजिटिव के कांटेक्ट  को ट्रेड करते हुए  उनके आधार पर हाई रिस्क एवं लो रिस्क व्यक्तियों को चिन्हित करके संक्रमण को रोकने तथा एसओपी का अनुपालन कराते हुए क्वारन्टीन/ आइसोलेशन सुनिश्चित कराने में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई । कांटेक्ट ट्रेसिंग कंट्रोल रुम में नियुक्त एसडीआरएफ जवानों के द्वारा प्रतिदिन लगभग 10,000 से अधिक उत्तराखंड पहुँचे लोगों से संपर्क किया जाता है वर्तमान समय तक 405196 कॉल्स के माध्यम से 366512 नागरिकों से संपर्क किया गया है।


               अपनी स्थापना के पश्चात से एसडीआरएफ उत्तराखंड द्वारा सम्पूर्ण राज्य में आपदा से बचाव सम्बन्धित जन जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है ।वर्तमान समय में एसडीआरएफ आपके द्वारा कोविड 19  संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए शहर से लेकर दुरस्त ग्रामीण क्षेत्रों  तक व्यापक स्तर पर प्रदेशवासियों को जागरुक करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया जा रहा है। जिस क्रम में एसडीआरएफ द्वारा विभिन माध्यमों से 32000 से अधिक ग्रामीण छात्र  छात्राओं, पुलिस प्रांतीय रक्षक दल, होम गार्ड सहित अनेक हितदायी सस्थाओं  को जागरुक एवम प्रशिक्षण  किया  प्रशिक्षण हेतु पेम्पलेट,बेनर , व्याख्यान कैप्सूल वीडियो किल्प का सहारा लिया गया, साथ ही  सोशल डिस्टेंस को देखते हुए डिजिटल माध्यम से भी प्रशिक्षण दिया गया ।प्रशिक्षण को गति देने के लिए एवं जानकारी को उपयोगी रुप से संकलित करने के सहायतार्थ  एसडीआरएफ के द्वारा एक कोरोना वारियर्स  एप का निर्माण भी किया गया , जिसके माध्यम से स्टेकहोल्डर्स आंगनवाडी कार्यकर्ता, फैक्ट्री  /होटल वर्कर एवम सामान्य जनजनमानस को खेल खेल में रोचक पूर्ण तरीके से कोविड संबंधित जानकारियों को प्रदान किया जा रहा है 

               राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के बेहतर इलाज एवं बेहतर रख रखा हैतु राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देहरादून एवं इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गौलापार हल्द्वानी को कोविड  केयर सेंटर के रूप में व्यवस्थित किया गया। उपरोक्त दोनों  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को कोविड केयर सेंटर के रूप में  व्यवस्थित किये जाने में राज्य आपदा प्रतिवादन  बल द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग किया गया। इस कोविड   केयर  सेंटर में एक समय में लगभग 1000 कोरोना संक्रमितों   को रखा जा सकता है तथा आवश्यकता के अनुरूप इसकी क्षमता को 4000 तक बढ़ाया जा सकता है वर्तमान में प्रदेश भर में 30,000 से अधिक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। चिकित्सा के दौरान सभी को विभिन्न जनपदों में है आइसोलेशन वार्ड में रखा गया हैै।

 15 मार्च को कोरोना के प्रथम संक्रमित व्यक्ति के साथ ही राज्य के विभिन्न कोविड केयर सेंटर एवं हॉस्पिटल में कोविड- संक्रमित व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु राज्य आपदा प्रति वादन बल के जवानों के द्वारा समस्त जनपदों में 24 घंटे पूर्ण सुरक्षा उपकरणों के साथ अत्यधिक संवेदनशील आइसोलेशन ड्यूटी का निर्वहन किया जा रहा हैै।

 वर्तमान के कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को देखते हुए राज्य आपदा प्रति वादन बल के 18 पैरामेडिक्स को भी स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड के माध्यम से वीरांगना तीलू रौतेली कोविड केयर सेंटर में दो चरणों में 1-1 दिवसीय कोविड  रैपिड एंटीजन टेस्ट प्रशिक्षण प्रदान कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आकस्मिक परिस्थितियों में एसडीआरएफ एवं पुलिस जवानों के कोविड एंटीजन टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है ।

इस हेतु सभी पैरामेडिक्सों को पीपीई किट, फेसकवर शील्ड , मास्क और रैपिड एंटीजन टेस्ट किट प्रदान कराया गया है ै।इसके साथ साथ राज्य आपदा प्रतिवेदन बल द्वारा को कोविड कांटेक्ट ट्रेसिंग के  माध्यम से होम आइसोलेशन मरीजों से  संपर्क स्थापित किया जा रहा है।

 सेंटर में नियुक्त जवानों के द्वारा प्रतिदिन होम आइसोलेशन संक्रमित लोगों को बेहतर रखरखाव स्वच्छता क्या करे क्या न करें ?जैसे अनेक तथ्यों से अवगत कराया जा रहा है। जैसा कि ज्ञातव्य है कि विशेष नियमो ओर शर्तों के साथ राज्य सरकार ने एसिमटोमेटिक कोविड  संक्रमितों को होम आएसोलेशन की अनुमति प्रदान की है। उन सभी आसोलेट  संक्रमितों  एवमं परिवार जनों से एसडीआरएफ   जवान फोन के माध्यम से सम्पर्क में रख कर अनेक समस्याओं और शंकाओं के समाधान के साथ ,कोविड प्रसार  की रोक थाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैै।

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