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 उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2020

  •  श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में देवस्थानम बोर्ड ने न्यासियों/ हकूकधारियों/ मंदिर समिति के सहयोग हेतु  देवस्थानम बोर्ड के स्टाफ की तैनाती की गयी - रविनाथ रमन .
  • अभी तक 22 हजार से अधिक तीर्थयात्री चार धाम के दर्शन कर चुके हैं।

 देहरादून/ गोपेश्वर/उत्तरकाशी:

  उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड द्वारा प्रदेश के लोगों के लिए चार धाम यात्रा का 1 जुलाई से शुभारंभ हुआ  जबकि 25 जुलाई से कुछ प्रावधानों के साथ चार धाम यात्रा सभी के लिए शुरू हुई इसी क्रम में हाल ही में देवस्थानम बोर्ड द्वारा गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में अधिकारियों/ कर्मचारियों की तैनाती की गयी है जोकि श्री यमुनोत्री धाम एवं श्री गंगोत्री धाम में न्यासियों/ हक हकूकधारियों/ मंदिर समिति को सहयोग करेंगे।

चार धाम तीर्थयात्रा हेतु उत्तराखंड से बाहर के तीर्थ यात्री 72 घंटे पूर्व की  इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर)  से प्रमाणित लैब से कोरोना जांच की नैगेटिव रिपोर्ट अथवा क्वारंटीन अवधि का प्रमाण एवं स्वास्थ्य मानको का पालन कर देवस्थानम बोर्ड से ई- पास बनाकर चारधाम यात्रा कर सकेंगे। आज उत्तराखंड देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट www.badrinath-kedarnath.gov. in से 227 लोगों ने चार धामों हेतु ई -पास बुक कराये हैं।
जिसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए  68 श्री केदारनाथ धाम के लिए 107 श्री गंगोत्री धाम हेतु 27 श्री यमुनोत्री धाम हेतु 25 लोगों ने ई पास बुक कराये है।
आयुक्त गढ़वाल/उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने यह जानकारी दी है कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री यमुनोत्री धाम एवं गंगोत्री धाम में न्यासियों/ हकूकधारियों के सहयोग हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की तैनाती की है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के तहत हक हकूकधारियों के सभी हित सुरक्षित हैं।

कहा कि  देवस्थानम द्वारा अब प्रदेश से बाहर  लोगों को कुछ शर्तों के साथ  चार धाम यात्रा की अनुमति  है। चार धामों में तीर्थयात्रियों को मंदिरों में दर्शन हो रहे है जिसमें किसी तरह का कोई अवरोध नहीं है।
चारधाम यात्रा के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन के पश्चात ही मंदिरों में तीर्थ यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा है।मास्क  पहनना अनिवार्य किया गया है शोसियल डिसटेंसिंग का ध्यान रखा जा रहा है। यात्रा मार्ग पर देवस्थानम बोर्ड के यात्री विश्राम गृहों को तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु खोला जा चुका है।

तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि अति आवश्यक होने पर ही धामों में रूके। यह कोशिश रहे कि दर्शन के पश्चात तीर्थ यात्री निकटवर्ती स्टेशनों तक वापस आ जाये। मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी रखें। सड़को की स्थति अब सामान्य है। बरसात के बावजूद यात्रा मार्ग खुले हुए हैं।

प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके। अब उत्तराखंड से बाहर के लोग भी चारधाम यात्रा हेतु ई पास बनाकर एवं स्वास्थ्य संबंधी मानक पूरे कर यात्रा कर सकते हैं।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह   ने बताया कि   देवस्थानम बोर्ड द्वारा  1 जुलाई से   4 सितंबर   तक 38075 ई -पास जारी किये जा चुके हैं। ई पास तीर्थ यात्रियों को उनके द्वारा सुझाई गयी तिथियों हेतु जारी किये गये है। ई पास लेकर  तीर्थयात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि अभी तक 22 हजार से अधिक तीर्थ यात्री चार धाम दर्शन हेतु पहुंच गये है। यात्रा सतत रूप से चल रही है।
पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के अनुसार   ई- पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है तथा यात्रियों को उचित मार्गदर्शन किया जा रहा है।

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