Halloween party ideas 2015



कल , 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाएगी.
 वैसे तो गणेशोत्सव गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है .कल के दिन गणपति को अपने घर में स्थापित किया जाता है. प्रतिदिन उनकी पूजा-अर्चना और भोग लगाकर सेवा की जाती है. सुख समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है और फिर अनंत चतुर्दशी के दिन  गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन कर दिया जाता है . गणपति बप्पा का उत्सव भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. परंतु कोरोना काल के कारण बड़े-बड़े निकलने वाले जुलूस और झांकियों पर इस बार रोक लगा दी गई है .

इतना अवश्य है कि लोग गणपति को अपने घर में स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना कर सकते हैं गणेश जी को प्रथम पूज्य माना जाता है .

इस बार अगर आपको गणपति की मूर्ति अपने घर में स्थापित करने के लिए लानी है तो एक बार अवश्य डोईवाला में सॉन्ग नदी के पुल से पहले गुरुद्वारा के बाहर स्थित गंगा राम की कुटिया पर अवश्य जाइए वहां आपको अनेक प्रकार की विभिन्न विभिन्न मुद्राओं की गणपति की आकर्षक मूर्तियां देखने को मिल जाएंगी .
विभिन्न अवसरों पर मूर्तियां बनाने वाले गंगाराम ने कई महीने पहले से ही इन मूर्तियों को बनाना शुरू कर दिया था .
अपने छोटे से कच्चे मकान में रहकर बड़ी श्रद्धा भावना से उसका परिवार सुंदर मूर्तियां बनाता है .
आपको बता दें कि गंगाराम केशव बस्ती में पिछले 30 सालों से रहता था ,कुछ वर्ष पूर्व केशव बस्ती की तरफ सॉन्ग नदी में बाढ़ आने पर उसके घर का सारा सामान और उसके सारे कागजात यहां तक कि राशन कार्ड भी उस में बह गया था .तब से आज तक विभिन्न प्रकार से उसने उपाय किए .परंतु अभी तक ना तो उसके पास राशन कार्ड है और ना ही आधार कार्ड और ना ही अन्य परिचय उसके पास है .उसने कई सरकारी विभागों के चक्कर काटे लेकिन उसका कार्य पूरा नहीं हो सका फिर भी विषम परिस्थितियों से लड़ते हुए आज भी गणपति और अनेक भगवान की मूर्तियां  श्रद्धा से बनाता आ रहा है .आपसे निवेदन है कि गणपति की स्थापना के लिए वहां से मूर्ति अवश्य लेकर आएं.

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