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प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें पूर्ण रूप से ध्वस्त। प्रदेश की भाजपा सरकार जनता के स्वास्थ्य के प्रति उदासीन: विजय सारस्वत

देहरादून:


प्रदेश की बिगडती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बयान जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री विजय सारस्वत ने कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी अपने चरम पर है तथा प्रदेश में रोज सैकडों मामले बढ़ते जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राजकीय दून मेडिकल काॅलेज तथा एम्स को कोविड हास्पिटल बनाया गया है। परन्तु एम्स चिकित्सालय में कोरोना ग्रसित मरीजों का डायलिसिस तक नहीं हो पा रहा है और अन्य कहीं डायलिसिस की कोई व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है जिस कारण कोरोना ग्रसित मरीजों की मौत के आंकडे बढते जा रहे हैं।


 राज्य में पूरी तरह से ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चलते तथा चिकित्सालयों के खस्ताहाल, डाॅक्टरों की कमी की वजह से मात्र शक्ति को सड़कों पर तथा शौचालयों में प्रसव करने को मजबूर होना पड़ा रहा है।


विजय सारस्वत ने कहा कि एम्स चिकित्सालय, राजकीय दून चिकित्सालय में गम्भीर बीमारियों में प्रयोग किये जाने हेतु एक्स.रे मशीन, सी.टी स्कैन मशीन तथा अन्य उपकरण कई महीनों से कोरोना मरीजों के भर्ती होने के कारण बंद पड़े हैं जिसके चलते मरीजों को जगह- जगह धक्के खाने पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पाॅजिटिव मरीजों को बिना इलाज के घर भेजा जा रहा है जिस कारण कोरोना गांवों की ओर तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में पंजीकृत छोटे बडे चिकित्सकों की ओ.पी.डी खुलवाई जानी चाहिए ताकि लोगों को कम दरों पर कोरोना, डेंगू टेस्ट व इलाज कराने की सुविधा मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी चिकित्सालयों में डाॅक्टरों, चिकित्सा कर्मियों व सफाई र्कमचारियों की समुचित तैनाती की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजकीय दून चिकित्सालय मे कोरोना मरीजों को समय पर खाना नहीं मिल पा रहा है तथा ठंडा खाना दिया जा रहा है जिससे मरीजों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में सफाई की व्यवस्था सुचारू नहीं हो पा रही है तथा जगह जगह गंदगी फैली हुई है। अधिकांश मरीजों को चिकित्सालयों में दवाईयां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है उन्हें बाहर से दवाईयां खरीदनी पड़ रही है।
विजय सारस्वत ने राज्य सरकार से मांग की कि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था सुचारू की जाय तथा चिकित्सालयों में आवश्यक चिकित्सक, चिकित्सकीय उपकरण, डालेसिस की सुविधा तथा दवावों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

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