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प्रकृति और पर्यावरण के पावन पर्व हरेला के अवसर पर प्रदेश में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। सभी 13 जिलों में  रिकार्ड 3060315  पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने  प्रदेशवासियों से हरेला पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाने का आह्वान किया था। प्रदेशभर में वन, उद्यान, प्रशासन के साथ ही  आमजन ने भी इसमें भागीदारी की। खास बात यह भी रही कि कोरोना के कारण विगत वर्षों की भांति वृक्षारोपण के बङे आयोजन नहीं किये गये फिर भी 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।  मुख्यमंत्री ने इस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब इन लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।

*प्रधान एवं क्षेत्रवासी पौधों को गोद लेंः मुख्यमंत्री*
*एक घंटे में लगभग 3 लाख 50 हजार पौधों का किया गया रोपण*



मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को हरेला पर्व के अवसर पर अस्थल, रायपुर, देहरादून में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोकगायक स्वर्गीय जीत सिंह नेगी जी की पुण्य स्मृति में पौधा लगा कर स्मृति वन का उद्घाटन किया। प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी से अनुरोध किया कि वे अपने दिवंगत परिजनों और मित्रों की स्मृति एवं किसी भी शुभअवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि हमें न केवल पौधे लगाने हैं बल्कि इनकी उचित देखभाल भी सुनिश्चित करनी है।
मुख्यमंत्री ने धाद संस्था को उत्तराखण्ड से सम्बन्धित ऐसे लोगों की स्मृति में, स्मृति वन लगाने पर बधाई दी, जिन्होंने उत्तराखण्ड की आंचलिक संस्कृति, बोली भाषाओं के संरक्षण एवं इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन वृक्षों को सुरक्षित रखना हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने गाँव के प्रधान एवं क्षेत्रवासियों से इन पौधों के संरक्षण के लिए एक-एक, दो-दो पौधे गोद लेने का भी आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही पौधे कम लगाए जाएं परन्तु जितने भी लगाए जाएं उनको जीवित रखने का हर सम्भव प्रयास किया जाना चाहिए। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इससे जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण का संकल्प लिया गया था। उसके बाद हरेला के पर्व के अवसर अल्मोड़ा जिले की कोसी नदी की घाटी में 1 घंटे में 1 लाख 67 हजार पौधे लगाए गए थे। अगले वर्ष उसी नदी के किनारे 2 लाख 67 हजार पौधे लगाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हरेला के लिए हमने बहुत बड़ा लक्ष्य रखा था परन्तु कोरोना महामारी के कारण, सामाजिक दूरी बनाए रखने के कारण यह सम्भव नहीं हो पाया। फिर भी इस वर्ष देहरादून जिले में 2 लाख 75 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें आज लगभग 3 लाख 50 हजार पौधे लगाए गए हैं। इसमें 60 हजार से अधिक फलदार पौधे हैं। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून, उनकी टीम एवं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को भी बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने प्रदेश को हराभरा बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में नींबू, अमरूद और पपीता के पौधे अवश्य लगाने जाने चाहिए। यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होते हैं।
विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इन पौधों की देखभाल करने का अनुरोध किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री श्री हरक सिंह रावत, प्रमुख वन संरक्षक श्री जयराज ने मुख्यमंत्री आवास में रूद्राक्ष सहित अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए।

उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव और सचिव स्वास्थ्य के साथ विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि हर सम्भव उपाय पर पूरी गहनता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। जरूरी समझे जाने पर राज्य की सीमाएं सील करने पर और साथ ही पूरे प्रदेश में शनिवार और रविवार को पूरी तरह से लॉकडाउन करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।   जिन लोगों की होटलों में बुकिंग है उन्हें कुछ शर्तों के साथ आने की छूट रहे , साथ ही जरूरी कार्य से उत्तराखंड आ रहे लोगों को भी आने की इजाजत मिले।


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