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 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के लिए राशन की व्यवस्था हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है। ऐसे लोग जिनके पास किसी भी राज्य का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का कार्ड है, उनको वन नेशन वन कार्ड योजना के अंतर्गत 'सफेद' व 'गुलाबी' कार्ड की भांति लाभ दिया जाएगा।

ऐसे लोग जिनके पास कोई कार्ड नही है, उन्हें भी "आत्मनिर्भर भारत योजना" के अंतर्गत प्रति यूनिट 5 किग्रा चावल और 1 किग्रा दाल निशुल्क लाभ दिया जाएगा। जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को वापस आए प्रवासियों और उनके कार्ड संबंधी विवरण संकलित करने के निर्देश दिये हैं।


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा  कल तीसरी बार
की गई घोषणाओं से भारत में कृषि, पशुपालन, मत्स्य व अन्य संबंधित क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। किसानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए स्थाई फ्रेमवर्क बनाया गया है। कृषि के क्षेत्र में किए गए सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हुए आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य, मधुमक्खी पालन के साथ ही हर्बल खेती के लिए किए गए प्रावधानों से उत्तराखण्ड को काफी फायदा होने जा रहा है। इससे विशेष तौर पर हमारी पर्वतीय क्षेत्रों की इकोनोमी व स्थानीय आजीविका में परिवर्तन आएगा। पर्वतीय खेती का विकास, राज्य सरकार की नीति का प्रमुख अंग रहा है। उत्तराखण्ड राज्य, जड़ी बूटी का प्रमुख केंद्र है। हर्बल खेती के लिए 4 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की जा रही है। इसमें मुख्यतः गंगा नदी के किनारे हर्बल कोरिडोर विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की गई घोषणाओं से राज्य में भी कृषिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। कोल्डस्टोरेज, कृषि उत्पादों की मार्केटिंग से हमारे उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी। राज्य में पशुपालन और मत्स्य पालन को भी सपोर्ट मिलेगा। निश्चित तौर पर हमारे युवाओं के लिए कृषि व संबद्ध व्यवसायों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं से अपील की है कि वे कृषि, पशुपालन, हर्बल खेती, मत्स्य, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे आएं और राज्य के विकास में सहभागिता करें। राज्य सरकार द्वारा उन्हें हर तरह का सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा देश में कृषिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है। असंगठित माइका्रे खाद्य उपक्रमों के तकनीकी सुदृढिकरण, ब्राण्डिंग और मार्केटिंग सुधार के लिए 10 हजार करोड़ की योजना लाई गई है। 20 हजार करोड़ रूपए से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना लाई जा रही है, इससे मत्स्यपालकों की आय में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना से पशुओं का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। 15 हजार करोड़ रूपए से पशुपालन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कोष स्थापित किया जा रहा है। इससे डेरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इससे लगभग 2 लाख मधुमक्खीपालकों की आय बढ़ेगी। किसानों को उनकी उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए आवश्यक वस्तु एक्ट में जरूरी सुधार किया जाएगा। इसी तरह से किसानों के हक में कृषि विपणन सुधार भी किए जाएंगे।            

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में आए प्रवासियों के व्यापक हित में उन्हें खाद्यान्न आदि की कोई समस्या ना हो इसके लिए जितने भी प्रवासी उत्तराखंड वासी यहां आ रहे हैं, उनके लिए राशन किट वितरित करने के व्यवस्था किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में खाद्यान्न की पूरी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए हैं। यह सभी के व्यापक हित में है। संक्रमण को रोकने में इससे बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मास्क का उपयोग नहीं करे उसपर आर्थिक जुर्माना लगाने  का प्रावधान किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से आज भाजपा पदाधिकारियों के शिष्टमंडल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोविड-19 के दृष्टिगत आमजन को राहत पहुंचाने के लिए उनके सुझाव सुने और कहा कि राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें सभी का सहयोग मिल रहा है।

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