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चार धाम यात्रा 2020



श्री गंगोत्री -यमुनोत्री धाम के कपाट कल  अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को मध्यान में खुलेंगे।
 मां गंगा की चल विग्रह मूर्ति आज हुई प्रस्थान।

* कल दोपहर 12.35 बजे खुलेंगे गंगोत्री मंदिर के कपाट
यमुनोत्री धाम।
* विग्रह डोली कल प्रात: मां यमुना के शीतकालीन गद्दीस्थल खरसाली  से  यमुनोत्री प्रस्थान करेगी।
* श्री बदरीनाथ धाम के कपाट
15 मई एवं श्री केदारनाथ मंदिर कपाट 29 अप्रैल प्रात: खुलेंगे।


  • प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा  पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज ने चार धाम के कपाट खुलने के शुरूआत होने पर देवडोलियों के धामों में प्रस्थान होने पर बधाई दी है। 
  • चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ‌ममगाई‌ ने मां गंगोत्री की भोग मूर्ति के धाम रवाना होने पर बधाई दी है।
  •  उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड की ओर से उप जिलाधिकारियों को गंगोत्री-यमुनोत्री की प्रशासनिक ब्यवस्थाओं को निर्देशित किया गया।
  •  कोरोना महामारी के बचाव के तहत चारधाम के कपाट खुलने की प्रक्रियाओं में शारीरिक दूरी, सेनिटाजेशन साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


   उत्तरकाशी/ ऋषिकेश/देहरादून;


 प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज ने चार धाम कपाट खुलने की प्रक्रियाओं की शुरुआत होने पर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने आशा जताई है देश एवं दुनिया से जल्दी कोरोना महामारी समाप्त होगी। महामारी के नियंत्रित होते ही चारधाम यात्रा शुरू हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि अभी केवल निर्धारित तिथियों पर शास्त्र सम्मत ढ़ग से कपाट खुलने है।
देश में फैली महामारी के हालात को देखते  सभी तरह की यात्राओं पर रोक लगी हुई है। जिसमें तीर्थ यात्रा भी शामिल है। अत: सरकारी एडवाइजरी के अनुरूप सीमित तीर्थ पुरोहितों एवं कर्मचारियों को धामों में जाने की अनुमति दी गयी है।
 चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष शिव प्रसाद ‌ममगाई‌  ने श्री गंगोत्री - यमुनोत्री के डोली के धामों में प्रस्थान हेतु बधाई दी है।
आज 25 अप्रैल  मुखवा से विधि विधान  पूजा के बाद  मां गंगा की उत्सव डोली ने प्रस्थान किया इस अवसर पर उपजिलाधिकारी भटवाड़ी देवेन्द्र सिंह नेगी,  गंगोत्री मंदिर समिति अध्यक्ष सुरेश सेमवाल,सीओ कमल पंवार आदि मौजूद रहे। सीएमओ डा.डी.पी.जोशी द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत शारीरिक दूरी का पूर्ण ध्यान रखते हुए
डोली को रवाना किया गया।
  आज रात्रि  विश्राम  भैरव घाटी स्थित भैरव मन्दिर में है।  कल 26 तारीख  प्रातः  भैरवघाटी से प्रस्थान कर चल विग्रह डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी।  तत्पश्चात   12 बजकर 35 मिनट पर अभिजित  मुहूर्त में  गंगोत्री मंदिर के कपाट  खोले जायेंगे। इस अवसर पर किसी भी तीर्थयात्री को  गंगोत्री जाने की अनुमति नहीं है। मां गंगोत्री के कपाट खुलने के
के साथ चारधाम यात्रा की शुरुआत भी हो जायेगी।
 यमुनोत्री धाम के कपाट भी कल  अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को दिन में 12 बजकर 41 मिनट पर खुलेंगे। कल प्रात: विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली से रवाना होगी। आचार्य ममगाईं ने बताया कि ब्यवस्थायें सुचारू रहे इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन उत्तरकाशी से भी वार्ता की है।
 चारधाम यात्रा विकास परिषद उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ‌ममगाई‌ ने बताया कि मंदिरों में पूजा-अर्चना गंगोत्री एवं यमुनोत्री पंच पण्डा पुरोहित एवं मन्दिर  समिति  के लोगों  के  द्वारा  होगी। उन्होंने कहा कि
तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूक पूर्ववत सुरक्षित है।
 उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड की  व्यवस्थायें प्रशासनिक स्तर पर  है‌। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने चारधाम कपाट खुलने की ब्यवस्थाओं हेतु ब्यापक निर्देश दिए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़वाल आयुक्त / उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रमन रविनाथ ने श्री गंगोत्री एवं यमुनोत्री के कपाट खुलने की ब्यवस्थाओं के मद्दैनजर उपजिलाधिकारी भटवाड़ी  एवं उप जिलाधिकारी बड़कोट को निर्देशित किया है। जबकि  देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की ब्यवस्थाओं के सफल संचालन  तैयारियां शुरू करायी है इसी क्रम में  बदरी-केदार में अग्रिम दल भेजे गये हैं।
 उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड से जुड़े मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर खुलेंगे। जबकि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को प्रात: 6  बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली कल सड़क मार्ग से गौरीकुंड रवाना होगी 27 अप्रैल को डोली लिंचोली पहुंचेगी। 28 शाम को  भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी। 29 अप्रैल प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल जायेंगे।
चारों धामों में कपाट खुलने के कार्यक्रमों में कोरोना महामारी से बचाव सेतु शारीरिक दूरी तथा
सरकारी एडवाइजरी का पालन किया जा रहा है।कार् के शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखबा) से आज गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है।  माँ गंगा की डोली आज रात्रि विश्राम भैरव मंदिर (भैरवघाटी) में करेंगी व 26 अप्रैल को सुबह गंगोत्री धाम पहुंचेगी। जहां गंगा पूजन, गंगा सहस्त्रनाम पाठ एवं विशेष पूजा अर्चना के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रोहिणी अमृत योग की शुभ बेला पर दोपहर 12:35 बजे सादगीपूर्ण ढंग से गंगोत्री धाम के कपाट दर्शनाथ के लिये खोल दिए जाएंगे।

      गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोविड 19 व देशव्यापी लॉक डाउन के चलते इस बार मां गंगा की डोली उप जिलाधिकारी भटवाड़ी देवेंद्र सिंह नेगी की मौजूदगी में सिर्फ तीर्थ पुरोहितों द्वारा ही रवाना किया गया। कोई भी तीर्थ यात्री, श्रद्धालु मौजूद नही था। इस अवसर पर मुखबा गांव व तीर्थ पुरोहितों द्वारा सामाजिक दूरी(सोशल डिस्टेंस)का पूर्ण अनुपालन किया गया ।

      इस अवसर पर सीएमओ डॉ डीपी जोशी, सीओ कमल पंवार मन्दिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, मंदिर समिति के पदाधिकारी व तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।

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