उन्होंने लोगों को सावधानी
बरतने और किसी भी लक्षण के बारे में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा पर सूचित
करने या स्वास्थ्य मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष में 011-23978046 नंबर पर फोन
करने या ncov2019@gmail.co वेबसाइट पर ईमेल करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोनवायरस के मद्देनजर क्या करें और क्या ना करें के तहत एक सूची जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अच्छी व्यक्तिगत हाइजीन का पालन करें, और साबुन के साथ लगातार हाथ धोएं । जब हाथ स्पष्ट रूप से गंदे होते हैं, तो लोगों को बहते पानी में साबुन से हाथ धोना चाहिए।
यदि हाथ स्पष्ट रूप से गंदे नहीं हैं, तोअल्कोहल बेस्ड पर भी हाथ साफ़ किये जा सकते है जैसे कि सेनिटीज़र से भी काम चलेगा।
इस्तेमाल किए गए नेपकिन को तुरंत डस्टबिन में फेंक दिया जाना चाहिए और छींकने या खांसने के दौरान मुंह को ढंकने के बुनियादी शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। अस्वस्थ महसूस होने पर लोगों को डॉक्टर को देखना चाहिए।
लोगों को खांसी या बुखार के मामले में सार्वजनिक रूप से थूकने और किसी के साथ निकट संपर्क नहीं रखने के लिए कहा गया है।
जीवित जानवरों या कच्चे और अधपके मांस के साथ कोई संपर्क नहीं होना चाहिए। पशुओं के बाजारों में या जहां जानवरों का वध किया जाता है, उनसे बचना चाहिए।
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि 12 देशों - चीन, सिंगापुर, थाईलैंड, हांगकांग, जापान, दक्षिण
कोरिया, वियतनाम, मलेशिया, नेपाल, इंडोनेशिया, ईरान और इटली से आने वाली
सभी उड़ानों के यात्रियों की वैश्विक जांच की जा रही है। यात्रियों की 21
हवाई अड्डों, 12 प्रमुख बंदरगाहों और 65 छोटे बंदरगाहों और स्थल मार्गों
विशेष रूप से नेपाल की सीमा पर भी जांच की जा रही है।
अब तक 5,57,431
यात्रियों को हवाई अड्डों पर और 12,431 यात्रियों की बंदरगाहों पर जांच की
गई है। यात्रियों को दैनिक आधार पर आईडीएसपी नेटवर्क के माध्यम से
सामुदायिक निगरानी के तहत भी निगरानी की जाती है। इसके अलावा 25,738 यात्री
आईडीएसपी नेटवर्क के सामुदायिक निगरानी में हैं। उन्होंने बताया कि 15
प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं और 19 प्रयोगशालाओं को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
25000 नमूनों के जांच के लिए अभिकर्मकों को उपलब्ध कराया गया है। कुल 3245
नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया, जिनमें से 3217 निगेटिव और 5 नमूने
पोजिटिव पाए गए, जबकि 23 नमूने परीक्षण के तहत है। दो नए पोजिटिव मामले
सामने आए हैं, इनमें से एक दिल्ली का और एक तेलंगाना का है।
उन्होंने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि बिना वजह सिंगापुर, कोरिया
गणराज्य, ईरान और इटली की यात्रा से बचने की आवश्यकता है। 10 फरवरी 2020
से कोरिया गणराज्य, ईरान और इटली से आने वाले या ऐसी यात्रा इतिहास वाले
लोगों का भारत आने पर 14 दिनों के लिए अलग रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि
हम वैश्विक परिदृश्य पर नज़र रख रहे हैं। अन्य देशों पर भी स्थिति के
अनुसार प्रतिबंध बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि म्यांमार (2), बांग्लादेश
(22), मालदीव (2), चीन (6), दक्षिण अफ्रीका (1), संयुक्त राज्य अमेरिका
(1) और मेडागास्कर (1) के नागरिकों सहित 112 लोगों को वुहान से निकाला गया
है और छावला में आईटीबीपी कैंप में रखा गया है। इन सभी व्यक्तियों का पहला
परीक्षण निगेटिव पाया गया है। जापान से भी से 27 फरवरी को 124 लोगों को
वापस लाया गया हैं। इनमें 5 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसकी जांच भी
निगेटिव पायी गई और इन्हें मानेसर में सैन्य सुविधा में रखा गया है।
डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य मंत्रालय के सभी संयुक्त सचिवों को कोविड-19
के बारे में राज्यों की तैयारियों का आकलन करने का काम सौंपा गया है। इसके
अलावा 5 राज्यों (उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और
सिक्किम) के 21 सीमावर्ती जिलों में 3695 से अधिक ग्राम सभा की बैठकें
आयोजित की गई हैं। नेपाल सीमा पर अब तक 10,24,922 लोगों की जांच की जा चुकी
है। उन्होंने बताया कि देश में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), एन 95
मास्क आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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