उत्तराखंड में एम्स में भी कोरोना के दो संदिध मरीज़ आये है, जिसमे एक महिला एक पुरुष है. इन्होने गुवाहटी और दिल्ली की क्रमश यात्रा की , तब इनमे बुखार और खांसी के लक्षणों की शिकायत के साथ इनके नमूने जांच के लिए भेजे गए है.
उत्तराखंड में कोरोना वॉयरस पहला पुष्टि मामला फ़िनलैंड से लौटे भारतीय वन प्रशिक्षु के दल में पाया गया था.
देश में COVID 19 मामलों की संख्या बढ़कर उत्तराखंड के साथ 110 हो गई है, जिसमें पहला मामला महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दर्ज किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, मामलों की संख्या में दिल्ली और कर्नाटक में मरने वाले दो व्यक्ति शामिल हैं।
दिल्ली में अब तक सात सकारात्मक मामले दर्ज किए गए हैं और उत्तर प्रदेश 12. कर्नाटक में छह कोरोनावायरस मरीज हैं जबकि महाराष्ट्र में 32, लद्दाख में तीन और जम्मू और कश्मीर में दो हैं। तेलंगाना में तीन मामले सामने आए।
राजस्थान में भी दो मामले सामने आए। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पंजाब में एक-एक मामले सामने आए हैं।
केरल में 22 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें तीन मरीज शामिल हैं जिन्हें पिछले महीने डिस्चार्ज किया गया था जब वे फ्लू जैसे लक्षणों के साथ संक्रामक संक्रमण से उबर गए थे।
चीन में कोरोनोवायरस की 14 नई मृत्यु के साथ संख्या 3,213 हो गई,
स्पैनिश फुटबॉल क्लब वालेंसिया ने पुष्टि की है किपांच खिलाड़ियों और कर्मचारियों में पॉजिटिव टेस्ट आया है, जिसमें अर्जेंटीना के डिफेंडर इजेक्वियल गारे शामिल हैं।
स्पैनिश फुटबॉल क्लब वालेंसिया ने पुष्टि कि पांच खिलाड़ियों और कर्मचारियों ने कोरोनोवायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है, जिसमें अर्जेंटीना के डिफेंडर इजेक्वियल गारे शामिल हैं।
स्पेनिश फुटबॉल क्लब वेलेंसिया की पुष्टि की पांच खिलाड़ियों और स्टाफ कोरोना के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं अर्जेंटीना के रक्षक इज़ेक्विल गैरेय भी शामिल है।
ख़ास तो ये भी है
पूरी दुनिया में मानो शोर थम गया है. प्रदूषित हवा बहनी बंद हो गयी है. लोग जाने अनजाने भी स्वछता का ध्यान रख रहे है. शाकाहार की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ रहा है. परिवर्तन की बयार बह रही है. एक बीमारी ने दुनिया को घुटने पर लाकर खड़ा कर दिया है. नमस्ते दुनिया का अभिवादन ब्रांड बन गया है. भारत की जनसंख्या ने कोरोना को हराने का मन बना लिया है. और बच्चों को लग रहा है ऐसे दिन हमेशा आते रहें। हालांकि अर्थव्यवस्था चरमरा रही है. अमीरों को डॉ अहइ धन का कर गरीबों को जान का। फिर भी भारत की जिन्दादली कोविद को हरा देगी ऐसा विश्वास लेकर भारत की जनता अपने संसाधणो के द्वारा इसे हारने में जुटी है. आयुर्वेद की और बढ़ रहे रोगी, योग की और झुकता ये जहां निश्चय ही भारतीय संस्कृति के आधार को मजबूती प्रदान करेगा. भारत के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाये गए स्वछता अभियानो और योग को विश्वभर में फैलाने का सर दिख रहा है. भारत की जनता जागरूक है और सचेत भी. जो नहीं है उन्हें जागरूक किया जा रहा है फिर भी सावधानी और स्वयं की सुरक्षा ही बचाव का मंत्र भारतियों को इस मुश्किल से अवश्य निकलेगा।
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