ऋषिकेश;
लॉकडाउन जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एक बेहतर तरीका है वहीं इससे बेसहारा लोगों को परेशानी भी हो रही है। ऐसे में सड़क किनारे जिंदगी बिताने वाले बेसहारा लोगों के लिए नगर निगम महापौर देवदूत बनकर सामने आयी हैं।निगम अधिकारियों के साथ मेयर ममगाई ने शुक्रवार को निगम कार्यालय में जहां जरूरत मंद लोगों को राहत सामग्री के रूप में पांच किलो आटा और पांच किलो चावल बांटा वही शहर में विभिन्न स्थानों पर दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो गये विभिन्न बस्तियों में करीब साढे पांच सौ लोगों को बेहद सुव्यवस्थित तरीके भौजन बटवाया।
लॉकडाउन के चलते पूरा शहर बंद है। ऐसे में बेसहारा लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम महापौर ने उनकी हर संभव मदद का जज्बा दिखाया है। *महापौर का कहना है कि पूरे देशवासियों के लिए यह बेहद मुश्किल का वक्त है।सबसे ज्यादा परेशानी गरीब तबके के लोगों को हो रही है।जिनके दर्द को महसूस किया कर पूर्ण लॉकडाउन के दौरान बेसहारा लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।यह अभियान वृहद स्तर पर आज से शुरू हो गया है जोकि आगे भी लगातार जारी रहेगा।उन्होंने गरीबों की मदद के लिए सहयोग का हाथ बड़ाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन, सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं की भी मुक्त कंठ से सराहना की।साथ ही शहर के तमाम पूजिंपतियो से आह्वान किया कि गरीबों की मदद के लिए प्रशासन की और से चलाये जा रहे अभियान में हर संभव सहयोग करें।
मेयर का संदेश यह है कि लोग घर पर ही रहें। कोरोना के प्रकोप से तभी बचा जा सकता है। घर के कामों और परिवार के साथ समय व्यतीत करें। यह समय बंदिश नहीं, बल्कि अापके जीवन रक्षा के लिए है।उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए और इससे निपटने व आम व्यक्ति के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन कर दिया है जो जहां है वहीं रहे, लक्ष्मण रेखा ना लांघे। मेयर अनिता ममगाई भी लक्ष्मण रेखा न लांघने की अपील का अनुसरण करते हुए घरेलू कार्यों को निपटाने में दिनभर समय व्यतित कर रही हैं।महापौर का कहना है कि कोरोना के चलते घर में काम करने वालों को छुट्टी दी गयी है, अब वो खुद ही घर और रसोई का कार्य संभाल रही है। इस कार्य में उन्हें उनके पति डा हेतराम का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इस समय दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।वहीं मेयर ने सभी पतियों से अपील की कि इस समय वो अपनी पत्नियों का पूरा सहयोग करे। घर के काम काज में पूरा साथ दे और मिलकर काम करे जिससे पत्नियों पर काम का अधिक बोझ न पड़े।
महापौर का कहना था कि मैं पीएम नरेंद्र मोदी के अभी तक के सभी आदेशों का अक्षरशः पालन कर रही हूं। मैं घर में ही हूं लेकिन शहर के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन भी घर में रहकर पूरा कर रही हूं। फ़ोन के माध्यम से लगातार कोरोना से निपटने के लिए नगर निगम की ओर से किये जा रहे कार्यों की जानकारी ले रही हूं और इससे संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं जिससे शहर में अच्छी तरफ से निरंतर फॉगिंग और सफाई हो सके।महापौर ने कहा कि टेलीफोन के माध्यम से पार्षदों व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी वार्ता कर अनुरोध किया गया है कि इस समय देश संकट की घड़ी में है जो जहां रह रहा है वह वहां के आधे किलोमीटर की एरिया में यदि झुग्गी झोपड़ी, सड़क किनारे और फुटपाथ व नालों के किनारे रहने वाले गरीब लोगों को एक समय का भोजन अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि देश इस समय संकट में है और इस संकट की मार सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों और दिहाड़ी मजदूरों पर है। ऐसे संकट में जो साधन संपन्न लोग हैं, जिन पर ईश्वर की कृपा है वह अहसहाय लोगों की मदद कर सकते हैं। इतना ही नहीं महापौर ने अपील की है कि इस पुनीत कार्य को करते वक्त वह स्थानीय पुलिस प्रशासन का सहयोग लें जिससे गरीब लोगों को भोजन वितरण करने के दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत ना आए।
इसके अलावा महापौर ने ऋषिकेश के समस्त किराना व्यापारियों से यह अपील की है कि इस संकट के दौर में अगर कोई व्यापारी नो प्रॉफिट नो लॉस पर अपने सामान का विक्रय करता है तो वह मुझे अवगत कराएं। लॉक डाउन खत्म हो जाने के बाद ऐसे किराना व्यापारियों को नगर निगम की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।
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