रूद्रप्रयाग :
जिला सभागार में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में ’7वीं आर्थिक गणना’ की जिला स्तरीय को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक में जनपद में आर्थिक गणना कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी। आर्थिक जनगणना का कार्य सी.एस.सी. के प्रशिक्षित संगणकों द्वारा मोबाइल एप पर किया जा रहा है। जनपद में लगभग 1 लाख 21 हजार आर्थिक परिवारों की गणना 31 मार्च, 2020 तक संपन्न की जानी है किन्तु अभी तक मात्र 24 हजार परिवारों की गणना की जा सकी है। इस अत्यंत धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष प्रकट करते हुए अधिक संख्या में संगणक लगाने पर बल दिया।
सी. एस. सी. के जनपद प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया बहुत सारे पंजीकृत संगणक एवं सुपरवाइजर कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को दूरभाष पर इनसे बात कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्रगति न होने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही करने को निर्देशित किया। उन्होंने को-आर्डिनेशन कमेटी के सभी सदस्यों को इस कार्य की निरंतर माॅनेटरिंग करने के निर्देश दिए।
इसी संबंध में निदेशक, अर्थ एवं संख्या श्री सुशील कुमार द्वारा ग्राम रतुड़ा, रूद्रप्रयाग में ’7वीं आर्थिक गणना’ के सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया गया। वहाँ के कुछ दुकानदारों द्वारा सर्वेक्षण कार्य में मांगी जा रही कतिपय सूचनाओं पर शंका जाहिर की गयी थी जिसका समाधान निदेशक द्वारा किया गया। उन्होंने यह बताया कि यह कार्य भारत सरकार द्वारा सी.एस.सी. के माध्यम से पूरे देश में कराया जा रहा है एवं इसमें एकत्र की जा रही सारी सूचनाएं गोपनीय रखी जाएंगी।
निरीक्षण के पश्चात जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में उन्होंने आर्थिक गणना के प्रगति की समीक्षा भी की जिसमें जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एस. के. गिरि, सी.एस.सी. के जनपद प्रभारी सुभाष नेगी तथा अन्य कार्मिक उपस्थित थे। उन्होंने वर्तमान प्रगति को अपर्याप्त बताते हुए कार्य में तेजी लाने हेतु और प्रगणक नियुक्त करने तथा कार्य की प्रगति की रोजाना रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी चमन सिंह राठौर, सहायक निबंधक सहकारिता, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रूद्रप्रयाग सहित आदि उपस्थित थे।
जिला सभागार में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में ’7वीं आर्थिक गणना’ की जिला स्तरीय को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक में जनपद में आर्थिक गणना कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी। आर्थिक जनगणना का कार्य सी.एस.सी. के प्रशिक्षित संगणकों द्वारा मोबाइल एप पर किया जा रहा है। जनपद में लगभग 1 लाख 21 हजार आर्थिक परिवारों की गणना 31 मार्च, 2020 तक संपन्न की जानी है किन्तु अभी तक मात्र 24 हजार परिवारों की गणना की जा सकी है। इस अत्यंत धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष प्रकट करते हुए अधिक संख्या में संगणक लगाने पर बल दिया।
सी. एस. सी. के जनपद प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया बहुत सारे पंजीकृत संगणक एवं सुपरवाइजर कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को दूरभाष पर इनसे बात कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्रगति न होने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही करने को निर्देशित किया। उन्होंने को-आर्डिनेशन कमेटी के सभी सदस्यों को इस कार्य की निरंतर माॅनेटरिंग करने के निर्देश दिए।
इसी संबंध में निदेशक, अर्थ एवं संख्या श्री सुशील कुमार द्वारा ग्राम रतुड़ा, रूद्रप्रयाग में ’7वीं आर्थिक गणना’ के सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया गया। वहाँ के कुछ दुकानदारों द्वारा सर्वेक्षण कार्य में मांगी जा रही कतिपय सूचनाओं पर शंका जाहिर की गयी थी जिसका समाधान निदेशक द्वारा किया गया। उन्होंने यह बताया कि यह कार्य भारत सरकार द्वारा सी.एस.सी. के माध्यम से पूरे देश में कराया जा रहा है एवं इसमें एकत्र की जा रही सारी सूचनाएं गोपनीय रखी जाएंगी।
निरीक्षण के पश्चात जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में उन्होंने आर्थिक गणना के प्रगति की समीक्षा भी की जिसमें जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एस. के. गिरि, सी.एस.सी. के जनपद प्रभारी सुभाष नेगी तथा अन्य कार्मिक उपस्थित थे। उन्होंने वर्तमान प्रगति को अपर्याप्त बताते हुए कार्य में तेजी लाने हेतु और प्रगणक नियुक्त करने तथा कार्य की प्रगति की रोजाना रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी चमन सिंह राठौर, सहायक निबंधक सहकारिता, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रूद्रप्रयाग सहित आदि उपस्थित थे।
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