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 रुद्रप्रयाग:
भूपेंद्र   भण्डारी



 जखोली भरदार क्षेत्र में एक पुरूष और एक महिला की जान लेने के बाद आतंक का पर्याय   बने आदमखोर गुलदार अब भी वन विभाग की पहुँच से दूर है। नरभक्षी गुलदार के खौफ ने लोगों को घरों में कैद करने पर मजबूर कर दिया है।

देखिए ये रिपोर्ट:

 पहाड़ की जिंदगी हमेशा पहाड़ जैसी कष्टकारी रही है। लेकिन लगातार पलायन के चलते गाँव वीरान और जंगलों में तब्दील हो गए हैं। ऐसे में जो लोग पहाड़ के गाँवों में रह रहे हैं उन्हें जंगली जानवर घरों के आसपास ही अपना शिकार बना रहे हैं। आए दिन भालुओं और गुलदारों के हमलों में पहाड़ की कइ जिंदगीयां असमय ही रूखसत हो गई हैं। ऐसे ही इन दिनों रूद्रप्रयाग जिले के भरदार क्षेत्र में गुलदार ने तीन दिनों के भीतर दो लोगों की जान लेकर पूरे क्षेत्र में भय का महौल पैदा कर रखा है।

जखोली भरदार के सतनी और बांसी गाँव में गुलदार द्वारा एक महिला और एक पुरूष को अपना निवाला बनाने के बाद जहां क्षेत्र के लोग दहशत के साये में जी रहे हैं वहीं लोगों का वन विभाग के प्रति भी भारी आक्रोश है। हालांकि वन विभाग ने प्रख्यात शिकारी लखपत रावत को क्षेत्र में दिनों से तैनात तो कर रखा है लेकिन नरभक्षी गुलदार अब भी शिकारी और वन विभाग की टीम की पहुँच से दूर हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई गुलदार किसी और को अपना निवाला न बना दे।

 हालांकि क्षेत्र में सूटर लखपत रावत के तैनात होने से लोगों ने कुछ राहत की सांस जरूर ली है। दरअसल शिकारी लखपत रावत ने अब तक 53 खूंखार नरभक्षी गुलदारों को ढेर कर दिया है जिसमें दो टाइगर भी शामिल हैं। लखपत का कहना है कि भरदार क्षेत्र में दो लोगों की जान लेने वाला गुलदार अपने शिकार को जंगलों में कर रहा है आबादी की तरफ नहीं आ रहा है इस कारण उसे सर्च करना मुश्किल हो रहा है।

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