Halloween party ideas 2015





अभिजीत  ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत राग पुरिया धनाश्री से की जिसमें जिन्हीने आलाप , मध्यलय अलाप , एवं द्रुतलय अलाप सुनाया । श्री अभिजीत सुखदाने  ने अपनी द्रुपद शैली की रचना 'ऐसी छवि तेरी समझत नही ' का गायन भी किया जोकि सूल ताल में है।

  श्री अभिजीत सुखदाने  ने बैजू महाराज  की रचना 'सुंदर अति नवीन प्रवीण महाचतुर मृगनयनी ' का गायन भी किया । अभिजीत  के साथ सह गायन में साथ दिया अनुज प्रताप सिंह , सुश्री यखलेश बघेल , सुदीप भदौरिया , आदित्य शर्मा ने एवं तानपुरा पे साथ दिया आकांशा एवं योगिनी ने वही पखावज पे साथ दिया अंकित पारिख जी ने जो कि बनारस से हैं ।
पहली बार विरासत में शिरकत करने आई श्रीमती अनुप्रिया देवताले  ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत की राग रागेश्री से की जिसमें अनुप्रिया ने विलाम्बित झापताल में बंदिश , एवेम स्वरचित मध्यताल , द्रुतलय तीन ताल , भी बजाया ।
तबले पे श्री अनुप्रिया  का साथ दिया सौमित्रो पॉल ने जोकि उस्ताद रहमतुल्लाह खान के शिष्य हैं ।

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