नई दिल्ली और इस्लामाबाद ने आज करतारपुर कॉरिडोर पर समझौता किया। यह समझौता जीरो प्वाइंट, अंतर्राष्ट्रीय सीमा, डेरा बाबा नानक में करतारपुर साहिब कॉरिडोर के परिचालन के तौर-तरीकों से संबंधित है।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे। इस समझौते पर हस्ताक्षर के साथ, करतारपुर साहिब गलियारे के संचालन के लिए एक औपचारिक रूपरेखा तैयार की गई है। बताया गया है कि करतारपुर कॉरिडोर को कुछ विशेष दिनों को छोड़कर अन्य दिनों के लिए चालू रखा जायेगा ।
समझौते की मुख्य बातें हैं, सभी धर्मों के भारतीय तीर्थयात्री और भारतीय मूल के व्यक्ति कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं और यात्रा वीज़ा मुक्त होगी। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों को केवल एक वैध पासपोर्ट ले जाने की जरूरत है और कॉरिडोर सुबह से शाम तक खुला है। श्री दास ने कहा, सुबह यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को उसी दिन वापस लौटना होगा।
श्री दास ने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार से शुल्क वसूलने पर पुनर्विचार करने का आग्रह करती रहती है।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे। इस समझौते पर हस्ताक्षर के साथ, करतारपुर साहिब गलियारे के संचालन के लिए एक औपचारिक रूपरेखा तैयार की गई है। बताया गया है कि करतारपुर कॉरिडोर को कुछ विशेष दिनों को छोड़कर अन्य दिनों के लिए चालू रखा जायेगा ।
समझौते की मुख्य बातें हैं, सभी धर्मों के भारतीय तीर्थयात्री और भारतीय मूल के व्यक्ति कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं और यात्रा वीज़ा मुक्त होगी। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों को केवल एक वैध पासपोर्ट ले जाने की जरूरत है और कॉरिडोर सुबह से शाम तक खुला है। श्री दास ने कहा, सुबह यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को उसी दिन वापस लौटना होगा।
श्री दास ने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार से शुल्क वसूलने पर पुनर्विचार करने का आग्रह करती रहती है।
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