रूद्रप्रयाग :
केदारनाथ श्री पंचदशनाम जूना अखाडा द्वारा गत 12 अक्टूबर को आरम्भ की गयी,चारोंधाम की पवित्र छडी यात्रा ने सुबह केदारनाथ के दर्शन पूजा अर्चना की।
बीती रात केदार प्रबंध मंदिर समिति के अधिकारियों व उपजिलाधिकारी केदारनाथ सुघीर टमटा, संयुक्त मजिस्टेªट सिद्वार्थ आदि ने प्रशासन की ओर से छडी यात्रा के प्रमुख श्री मंहत प्रेम गिरि, उप प्रमुख श्री मंहत विद्यानंद सरस्वती, श्री मंहत केदारपुरी साध्वी अन्नपूर्णा, श्री महंत महेष पुरी, श्री मंहत धीरज गिरि, श्री मंहत इन्द्रा नन्द सरस्वती व साधुओं के जत्थे का भव्य स्वागत किया।
रात्रि विश्राम में बम-बम के उद्घोष के साथ पवित्र छडी को केदारनाथ मंदिर ले जाया गया। जहां विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शंकर तथा छडी का अभिषेक किया। विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात पवित्र छडी त्रिजुगीनारायण के लिये रवाना हो गयी।
छडी प्रमुख श्री मंहत प्रेमगिरि ने बताया त्रिजुगीनारायण के दर्शन पश्चात पवित्र छडी गुप्तकाशी विश्राम करेगी। 20 अक्टूबर को पवित्र छडी गुप्तकाषी से तुंगनाथ मंडल, अनुसूईया माता मंदिर, दत्रात्रेय जन्म स्थली के दर्शनों के पश्चात रात्रि विश्राम करेगी। इस पवित्र छडी यात्रा में साधुओं के जत्थे का नेतृत्व धामोपति मनोहर पुरी, धामोपति विवेेक पुरी, धामोपति रत्तन गिरि, धामोपति सहजानंद सरस्वती आदि कर रहे है।
केदारनाथ श्री पंचदशनाम जूना अखाडा द्वारा गत 12 अक्टूबर को आरम्भ की गयी,चारोंधाम की पवित्र छडी यात्रा ने सुबह केदारनाथ के दर्शन पूजा अर्चना की।
बीती रात केदार प्रबंध मंदिर समिति के अधिकारियों व उपजिलाधिकारी केदारनाथ सुघीर टमटा, संयुक्त मजिस्टेªट सिद्वार्थ आदि ने प्रशासन की ओर से छडी यात्रा के प्रमुख श्री मंहत प्रेम गिरि, उप प्रमुख श्री मंहत विद्यानंद सरस्वती, श्री मंहत केदारपुरी साध्वी अन्नपूर्णा, श्री महंत महेष पुरी, श्री मंहत धीरज गिरि, श्री मंहत इन्द्रा नन्द सरस्वती व साधुओं के जत्थे का भव्य स्वागत किया।
रात्रि विश्राम में बम-बम के उद्घोष के साथ पवित्र छडी को केदारनाथ मंदिर ले जाया गया। जहां विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शंकर तथा छडी का अभिषेक किया। विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात पवित्र छडी त्रिजुगीनारायण के लिये रवाना हो गयी।
छडी प्रमुख श्री मंहत प्रेमगिरि ने बताया त्रिजुगीनारायण के दर्शन पश्चात पवित्र छडी गुप्तकाशी विश्राम करेगी। 20 अक्टूबर को पवित्र छडी गुप्तकाषी से तुंगनाथ मंडल, अनुसूईया माता मंदिर, दत्रात्रेय जन्म स्थली के दर्शनों के पश्चात रात्रि विश्राम करेगी। इस पवित्र छडी यात्रा में साधुओं के जत्थे का नेतृत्व धामोपति मनोहर पुरी, धामोपति विवेेक पुरी, धामोपति रत्तन गिरि, धामोपति सहजानंद सरस्वती आदि कर रहे है।
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