प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में देश और विदेश में लोगों के साथ अपने विचार साझा किये । यह मन की बात का 58 वां एपिसोड था ।उन्होंने देश की समस्त लक्ष्मियों को नमन करते हुए सरदार पटेल के कार्यों को भी सामने रखा। विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को उन्होंने देश का गौरव बताते हुए कहा कि
31 अक्टूबर को वल्लभ भाई पटेल की की जयंती है। हम सभी याद करते हुए ,स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को एक बार देखने की इच्छा मन में करनी चाहिए.
दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा , स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को लगभग साढ़े आठ लोगों ने प्रतिदिन देखा। हज़ार लोगों द्वारा प्रतिदिन देखा गया है, अतः वर्ष में जानिये कितने लोगों ने इसे देखा और यह रोजगार का जरिया बना। वहां अनेक आकर्षण के केंद्र के बारे में भी उन्होंने बताया. और पर्यटकों की सुविधा हेतु ग्रामीणों द्वारा होम स्टे की सुविधा और ड्रैगन फ्रूट के विषय में बताते हुए ,स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को अध्ययन की आवश्यकता बताया. क्योंकि वर्ष भर में ही इससे बड़ी इकॉनमी डेवेलोप हुई है. उन्होंने लोगों आह्वान किया है की पर्यटन देश की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. आप सभी अपने जीवन में , प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 15 डेस्टिनेशन अवश्य करे,
उन्होंने कहा ,31अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी के आयोजन को देश के एक लक्ष्य से जोड़ा गया है. सब लोग इस बार फिर दौड़ में शामिल होंगे. यही हमारे देश का एक भारत श्रेष्ठ भरत को दर्शाता है.
उन्होंने बताया रन फॉर यूनिटी डॉट. इन पर आप वललभ भाई पटेल से जुड़ी तमाम बातें पा सकते है. का दिया गया एकता का मन्त्र हमारे देश की नींव है. इसे सशक्त करने के लिए प्रयास करना होगा.
रामजन्मभूमि में बात करते हुए पीएम ने बयानबाज़ी और बड़बोलेपन पर प्रहार करते हुए, हाई कोर्ट के फैसले को माहौल सुधरने का श्रेय दिया.
31अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या पर अफ़सोस जताते हुए श्रद्धांजलि भी दी.
उन्होंने स्वछता के सम्बन्ध में फिर से बात करते हुए एक रोचक अनुभव बताया कि दुनिया के बैटल फील्ड लद्दाख सियाचिन में स्वछता के अभियान चलाये जाने का जिक्र करते हुए तारीफ़ की. 130 टन कचरे को ग्लैशियरों के आस पास से हटाने के लिए उनकी तारीफ़ की. जो की इकोसिस्टम को संतुलित बनाये रखने में सहायक होगा.
दिवाली पर नई खरीदारी के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि लोकल चींजे खरीदने का प्रयास करें। इससे महात्मा गाँधी का सपना भी सच होगा। पटाखों के प्रयोग करते समय सावधानी रखने की बात कही। ।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को दिए अपने आखिरी 'मन की बात' में लोगों से पटाखों के इस्तेमाल से होने वाली आग या जानमाल के नुकसान से बचने के लिए सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, दिवाली के दौरान जो भी सावधानियां या निवारक देखभाल की जानी चाहिए, वह की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आनंद का सह-अस्तित्व होना चाहिए और निश्चित रूप से उत्साह भी होना चाहिए।
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