ऋषिकेश:
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को फार्माकोलॉजी विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय कंप्यूटर एडिड ड्रग्स डिजाइनिंग कार्यशाला विधिवत शुरू हो गई।
जिसमें विशेषज्ञों ने दवाओं की खोज में लगने वाले अत्यधिक समय व व्यय को कम करने में कंप्यूटर की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर अपने संदेश में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा कंप्यूटर तकनीकी से नई दवाओं की खोज में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। निदेशक प्रो. रवि कांत ने विभागीय टीम को भविष्य में इस तरह के समाजोपयोगी रचनात्मक प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
मंगलवार को संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में देशभर से युवा वैज्ञानिकों व अनुसंधानकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता व विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र हांडू ने संयुक्तरूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा किए जा रहे नए प्रयोगों व गतिविधियों की सराहना की। कार्यशाला में बैंगलौर स्थित स्रोडिंगर कंपनी के वैज्ञानिक विशेषज्ञ डा. विनोद देवराजा व डा. प्रज्ज्वल नान्देकर ने नई दवाइयों की खोज में लगने वाले समय और इस कार्य पर आने वाली अत्यधिक लागत को कम करने के लिए कंप्यूटर किस तरह से सहायक साबित हो सकता है, इस बाबत कार्यशाला में देशभर से जुटे अनुसंधानकर्ताओं व युवा वैज्ञानिकों को विस्तृत जानकारिया दी।
इस अवसर पर संयोजक डा. पुनीत धमीजा, डा. मनीषा बिष्ट, डा. गौरव चिकारा, आयोजन सचिव रोहताश यादव,डा. साजिया हसन, डा. विनोद आदि मौजूद थे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को फार्माकोलॉजी विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय कंप्यूटर एडिड ड्रग्स डिजाइनिंग कार्यशाला विधिवत शुरू हो गई।
जिसमें विशेषज्ञों ने दवाओं की खोज में लगने वाले अत्यधिक समय व व्यय को कम करने में कंप्यूटर की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर अपने संदेश में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा कंप्यूटर तकनीकी से नई दवाओं की खोज में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। निदेशक प्रो. रवि कांत ने विभागीय टीम को भविष्य में इस तरह के समाजोपयोगी रचनात्मक प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
मंगलवार को संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में देशभर से युवा वैज्ञानिकों व अनुसंधानकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता व विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र हांडू ने संयुक्तरूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा किए जा रहे नए प्रयोगों व गतिविधियों की सराहना की। कार्यशाला में बैंगलौर स्थित स्रोडिंगर कंपनी के वैज्ञानिक विशेषज्ञ डा. विनोद देवराजा व डा. प्रज्ज्वल नान्देकर ने नई दवाइयों की खोज में लगने वाले समय और इस कार्य पर आने वाली अत्यधिक लागत को कम करने के लिए कंप्यूटर किस तरह से सहायक साबित हो सकता है, इस बाबत कार्यशाला में देशभर से जुटे अनुसंधानकर्ताओं व युवा वैज्ञानिकों को विस्तृत जानकारिया दी।
इस अवसर पर संयोजक डा. पुनीत धमीजा, डा. मनीषा बिष्ट, डा. गौरव चिकारा, आयोजन सचिव रोहताश यादव,डा. साजिया हसन, डा. विनोद आदि मौजूद थे।
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