ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की लापरवाही का उदाहरण राजकीय प्राथमिक विद्यालय चकजोगीवाला में देखा जा सकता है। यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए आठ साल पहले नया भवन तो बन गया ।लेकिन खंडहर हो चुका पुराना जर्जर भवन आज तक नहीं हटाया गया। यह खंडहर मासूम बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय चकजोगीवाला का नया भवन वर्ष 2011-12 में बनाया गया। लेकिन विभागीय लापरवाही का आलम देखिए कि नया भवन तो बन गया लेकिन पुराने जर्जर भवन को आज तक ध्वस्त नहीं किया गया। यह खंडहर यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। दरअसल यह नए भवन से सटा हुआ है। खंडहर भवन में कंटीली झाड़ियां उगी हुई हैं और सांप व जहरीले कीड़े घूमते रहते हैं। खंडहर की वजह से बच्चों का खेल मैदान भी बाधित है। खतरे से अनजान मासूम बच्चे अक्सर खेलते हुए खंडहर में चले जाते हैं। हालांकि विद्यालय प्रबंधन बच्चों को खंडहर में न जाने की हिदायत देता है लेकिन बच्चे तो मासूम हैं और जाने-अनजाने में अक्सर गलती कर देते हैं। वहीं खंडहर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा भी बना हुआ है। वही
सुरक्षा दीवार भी नहीं है जहां पर विद्यालय एक बड़े बरसाती नाले के किनारे बना हुआ है। स्कूल के चारों तरफ बाउंड्रीवाल भी नहीं है। यह विद्यालय सौंग नदी के समीप राजाजी टाइगर रिजर्व से भी सटा है। जहां गुलदार व हाथियों का मूवमेंट भी रहता है। प्रभारी अध्यापिका विद्या जोशी ने बताया कि खंडहर को जल्द हटाया जाना जरूरी है। इसके लिए संकुल समन्वयक के माध्यम से विभाग से कई बार पत्राचार किया जा चुका है।
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