गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल, बोले जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, इसे लेकर कोई कानूनी विवाद नहीं
नई दिल्ली :
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल किया है। लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अमित शाह ने कहा कि काफी सारे सदस्यों के मन में है कि जो प्रस्ताव मैं लेकर आया हूं, उसकी संवैधानिक वैधता क्या है। मैं इसकी संवैधानिक स्थिति को स्पष्ट करना चाहता हूं। कल राष्ट्रपति ने एक ऑर्डर साइन किया है जिसके तहत जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान लागू होगा। अमित शाह ने कहा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसे लेकर कोई कानूनी विवाद नहीं है। भारत के संविधान और जम्मू-कश्मीर के संविधान में इसे स्पष्ट किया गया है। जम्मू कश्मीर पर संसद में कानून बनाने और संकल्प पेश करने से हमें कोई रोक नहीं सकता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश कर दिया। इसके बाद सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आप पीओके के बारे में सोच रहे हैं, आपने सभी नियमों का उल्लंघन किया और एक राज्य को रातोंरात केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया। लोकसभा में अमित शाह और अधीर रंजन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। वहीं, लोकसभा में नंबर को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि वहां भी यह बिल आसानी से पास हो जाएगा। लोकसभा में मंगलवार को सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर से संबंधित संकल्प और विधेयक लाए जाने के मद्देनजर कांग्रेस ने सदन के अपने सभी सदस्यों को व्हिप जारी कर उपस्थित रहने को कहा था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने, जम्मू कश्मीर को विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र और लद्दाख को बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो साहसिक एवं जोखिम भरे संकल्पों एवं दो संबंधित विधेयकों को सोमवार को राज्यसभा की मंजूरी मिल गई थी। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पारित करने के लिए उच्च सदन में हुए मत विभाजन में संबंधित प्रस्ताव 61 के मुकाबले 125 मतों से मंजूरी दे दी गई थी।
नई दिल्ली :
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल किया है। लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अमित शाह ने कहा कि काफी सारे सदस्यों के मन में है कि जो प्रस्ताव मैं लेकर आया हूं, उसकी संवैधानिक वैधता क्या है। मैं इसकी संवैधानिक स्थिति को स्पष्ट करना चाहता हूं। कल राष्ट्रपति ने एक ऑर्डर साइन किया है जिसके तहत जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान लागू होगा। अमित शाह ने कहा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसे लेकर कोई कानूनी विवाद नहीं है। भारत के संविधान और जम्मू-कश्मीर के संविधान में इसे स्पष्ट किया गया है। जम्मू कश्मीर पर संसद में कानून बनाने और संकल्प पेश करने से हमें कोई रोक नहीं सकता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश कर दिया। इसके बाद सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आप पीओके के बारे में सोच रहे हैं, आपने सभी नियमों का उल्लंघन किया और एक राज्य को रातोंरात केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया। लोकसभा में अमित शाह और अधीर रंजन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। वहीं, लोकसभा में नंबर को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि वहां भी यह बिल आसानी से पास हो जाएगा। लोकसभा में मंगलवार को सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर से संबंधित संकल्प और विधेयक लाए जाने के मद्देनजर कांग्रेस ने सदन के अपने सभी सदस्यों को व्हिप जारी कर उपस्थित रहने को कहा था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने, जम्मू कश्मीर को विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र और लद्दाख को बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो साहसिक एवं जोखिम भरे संकल्पों एवं दो संबंधित विधेयकों को सोमवार को राज्यसभा की मंजूरी मिल गई थी। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पारित करने के लिए उच्च सदन में हुए मत विभाजन में संबंधित प्रस्ताव 61 के मुकाबले 125 मतों से मंजूरी दे दी गई थी।
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