Halloween party ideas 2015

प्रेऋषिकेश;
                                                                                                                                                                                                   

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में वर्ल्ड थैलेसीमिया -डे के उपलक्ष्य में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 150 लोगों ने महादान किया। इस अवसर पर कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। बृहस्पतिवार को एम्स व डि​स्ट्रिक्ट हेल्थ एंड फैमिली वैलफेयर सोसाइटी देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत व सचिव रेडक्रॉस डा. एमएस अंसारी ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि ग्लोबिन जीन में दोष के कारण हीमोग्लोबिन के लिए पर्याप्त मात्रा में ग्लोबिन की कमी हो जाती है। उन्होंने लोगाें को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि इस  कमी की आपूर्ति केवल रक्त द्वारा ही हो सकती है। निदेशक एम्स ने बताया कि थैलेसीमिया सबसे अधिक पाया जाने वाली अनुवांशिक अल्प रक्तता का रोग है, इस जटिल व गंभीर रोग का जल्द उपचार नहीं किया जाए तो इससे ग्रस्त व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में इस बीमारी के उपचार की सुविधा उपलब्ध है,इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जिससे रोगियों काे उपचार के लिए अन्यत्र परेशान नहीं होना पड़े। इस अवसर पर एनएचएम उत्तराखंड की समन्वयक पार्वती पांडे ने वर्ल्ड थैलेसीमिया- डे और ब्लड बैंक के डा.शुशांत कुमार मीनिया ने स्वैच्छिक रक्तदान के बारे में जानकारी दी। एम्स के हिमैटोलॉजिस्ट डा. उत्तम कुमार नाथ ने लोगों को थैलेसीमिया बीमारी के बाबत जागरुक किया और उसकी टेस्टिंग संबंधी जानकारी दी। इस दौरान थैलेसीमिया से ग्रस्त बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इस दौरान थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों ने कई रचनात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, संस्थान की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। एम्स ब्लड बैंक की प्रमुख डा. गीता नेगी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल सेवक कार्यक्रम आरबीएसके के हीमोग्लोबिन ओपैथी डिविजन व एम्स संस्थान की ओर से बीते बुधवार व बृहस्पतिवार को विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए गए तीन स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में 150 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस दौरान लोगों को थैलेसीमिया से ग्रस्त लोगों की सहायता के लिए स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में डीन स्टूडेंट्स वैलफेयर प्रोफेसर मनोज गुप्ता, डीन प्लानिंग प्रो.लतिका मोहन, डा.प्रतिमा गुप्ता,डा. अनुभा अग्रवाल, सुषमा मल्होत्रा,केएस मर्तोलिया, डीईआईसी के प्रबंधक रत्नानि​धि आदि मौजूद थे।

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