उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता, उत्तराखण्ड के गाँधी श्रदेय इन्द्रमणि बडोनी जी को उनकी जयन्ती (24दिसम्बर,1925)पर शत शत नमन।
उत्तराखण्ड राज्य के लिए वर्षों तक लड़ाई लड़ने वाले महापुरुष इन्द्रमणि बडोनी आज भी सभी उत्तराखण्डियों के लिए आदर्श है।
,टिहरी जिले के अखोड़ी में जन्मे बडोनी जी ने ग्राम प्रधान से जखोली ब्लॉक प्रमुख और देवप्रयाग विधायक का पद सुशोभित किया,वे एक उम्दा कलाकार,समाजसेवक औऱ जाने माने राजनीतिज्ञ थे,आजीवन सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले आदरणीय बडोनी जी सभी के लिए एक मिसाल है,एक जननेता के रूप में उनके सराहनीय योगदान के लिए पूरा उत्तराखंड सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े नेताओं और समाजसेवियों का मानना है कि ये उत्तराखण्ड का दुर्भाग्य है कि राज्य गठन से पूर्व ही इस महानायक का निधन हो गया था,यदि बडोनी जी 10 वर्ष और जिन्दा रहते तो उत्तराखण्ड की दशा और दिशा कुछ और ही होती,राजनीत्तिक स्थिति भी कुछ और ही होती।
उत्तराखण्ड राज्य के लिए वर्षों तक लड़ाई लड़ने वाले महापुरुष इन्द्रमणि बडोनी आज भी सभी उत्तराखण्डियों के लिए आदर्श है।
,टिहरी जिले के अखोड़ी में जन्मे बडोनी जी ने ग्राम प्रधान से जखोली ब्लॉक प्रमुख और देवप्रयाग विधायक का पद सुशोभित किया,वे एक उम्दा कलाकार,समाजसेवक औऱ जाने माने राजनीतिज्ञ थे,आजीवन सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले आदरणीय बडोनी जी सभी के लिए एक मिसाल है,एक जननेता के रूप में उनके सराहनीय योगदान के लिए पूरा उत्तराखंड सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े नेताओं और समाजसेवियों का मानना है कि ये उत्तराखण्ड का दुर्भाग्य है कि राज्य गठन से पूर्व ही इस महानायक का निधन हो गया था,यदि बडोनी जी 10 वर्ष और जिन्दा रहते तो उत्तराखण्ड की दशा और दिशा कुछ और ही होती,राजनीत्तिक स्थिति भी कुछ और ही होती।
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