रुद्रप्रयाग:
भूपेंद्र भंडारी
मंहगाई के इस दौर में जहां सरकारी कर्मचारी हो या फिर
राजनेता अपनी बेतन व भत्तों को बडाने के लिए हर संभव जुगत में लगे रहते हैं
वहीं इस खबर को सुनकर आप जरुर चौंक जायेंगे। जी हां उत्तराखण्ड के
फार्मासिस्ट आज भी 04 रुपये का भत्ता पाते हैं वो भी एक जटिल प्रक्रिया के
लिए।
राकेश रावत अध्यक्ष जिला फार्मासिस्ट संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में तैनात फार्मासिस्ट पर दवा वितरण
के साथ ही पोस्टमार्टम का भी जिम्मा रहता है। पीएम की प्रक्रिया के दौरान
चिकित्सक के साथ ही एक स्वीपर व फार्मासिस्ट की भी डियूटी रहती है। जिनका
कार्य पीएम सम्बन्धी रिपोर्ट को तैयार करना होता है।
एचएस बिष्ट जिला कोषाध्यक्ष के अनुसार पूर्व में इस कार्य के
लिए चिकित्सक को 10 रुपये, फार्मासिस्ट को 04 रुपये और स्वीपर को 02 रुपये
मिलते थे। इस प्रक्रिया में संशोधन के बाद भत्ते को बढ़ाया गया, जिसमें
चिकित्सक को 500 रुपये, स्वीपर को 150 रुपये और फार्मासिस्ट के भत्ते को 04
रुपया ही रखा गया। अब फार्मासिस्टों का कहना है कि सरकार के इस रवेये से वे
कुठित हैं और लम्बे समय बाद भी सरकार उनके भत्ते को नहीं बडा रही है।
फार्मासिस्ट संगठन का कहना है उनकी कई मांगे शासन स्तर पर लंबित हैं और
सरकार इस दिशा में कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं कर रही है।
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