हरिद्वार:
बहादराबाद ब्लॉक के गांव रोहालकी किशनपुर गांव, ब्लॉक बहादराबाद की घटना है जहां एक कलयुगी बेटे ने पिता पुत्र के रिश्ते को तार तार किया है। चित्र में दिखाई दे रहा रतींराम नाम का यह व्यक्ति अपने पुत्र बाबू के पास रहताथा।, हालांकि उसके दो अन्य पुत्र भी है। उसने अपनी सब सम्पति और जमीन अपने छोटे पुत्र बाबू को दी और तभी से उनके ही साथ रहने लगा। परन्तु कल उसके बेटे ने इसे घर से निकाल दिया जबकि वह चलने में भी असमर्थ है। सड़क के किनारे एक कोने में कल सी वह लावारिस की भांति पड़ा है। गांव के कुछ लोग उसकी मदद को आये और उसे भोजन दिया। परंतु उसके पुत्र को दया नही आई। ग्राम प्रधान ने भी घटना का कोई संज्ञान नही लिया। भावविहीन हो चुके समाज मे रिश्ते भी उलझे उलझे है। समाज अपने कर्णधारों को क्या शिक्षा देगा, ये बात विचारणीय है?
बहादराबाद ब्लॉक के गांव रोहालकी किशनपुर गांव, ब्लॉक बहादराबाद की घटना है जहां एक कलयुगी बेटे ने पिता पुत्र के रिश्ते को तार तार किया है। चित्र में दिखाई दे रहा रतींराम नाम का यह व्यक्ति अपने पुत्र बाबू के पास रहताथा।, हालांकि उसके दो अन्य पुत्र भी है। उसने अपनी सब सम्पति और जमीन अपने छोटे पुत्र बाबू को दी और तभी से उनके ही साथ रहने लगा। परन्तु कल उसके बेटे ने इसे घर से निकाल दिया जबकि वह चलने में भी असमर्थ है। सड़क के किनारे एक कोने में कल सी वह लावारिस की भांति पड़ा है। गांव के कुछ लोग उसकी मदद को आये और उसे भोजन दिया। परंतु उसके पुत्र को दया नही आई। ग्राम प्रधान ने भी घटना का कोई संज्ञान नही लिया। भावविहीन हो चुके समाज मे रिश्ते भी उलझे उलझे है। समाज अपने कर्णधारों को क्या शिक्षा देगा, ये बात विचारणीय है?
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