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गोपेश्वर (चमोली):


26 नवंबर। यह ज्योतिषीय भविष्यवाणी नहीं बल्कि आंखों देखा सच है, जिला मुख्यालय गोपेश्वर से 12-14 किमी पीछे अंग्रेजों के जमाने की तहसील  चमोली  कस्बे में कर्णप्रयाग से आते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के बायें तरफ सड़क का पुस्ता महीनों पहले ढ़ह गया है। इस अंधे मोड़ पर रेलिंग भी नहीं है। सड़क से गहरी खाई साफ नजर आ रही है।  मामूली सी चूक से पलक झपकते वाहन सैकड़ों फीट नीचे अलकनंदा नदी में गिर सकते है।
 प्रस्तुत फोटोग्राफ्स एवं वीडियो में प्रत्यक्ष देख सकते हैं। चमोली कस्बे का यह सड़क मार्ग
श्री बदरीनाथ यात्रा का मुख्य मार्ग भी है ऐसी स्थिति में भगवान भरोसे यात्रा चली। यहां पर अभी-कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ढहा पुस्ता  हादसों की भविष्यवाणी कर रहा है।
प्रत्यक्ष दर्शियों ने चमोली कस्बे में बताया कि इस स्थान पर सड़क का पुस्ता/किनारा कई महीनों से ढ़हा है इस स्थान पर पिछले दिनों बाइक सवार  दर्दनाक ढ़ग से बैमौत मर गये,लेकिन किसी की नींद नहीं खुली। इस राष्ट्रीय राजमार्ग से मंत्री, संतरी, अफसर सबके वाहन गुजर रहे  दो कदम पर जिला मुख्यालय गोपेश्वर भी है  इस समय वहां गद्दियों पर संवेदशील अधिकारी बताये जा रहै हैं।लेकिन इस ढह गये पुस्ते को ठीक कराने,यहां रैलिंग लगाने हेतु कोई प्रयास  नहीं हो रहे,यही स्थिति रही तो यहां पर भीषण वाहन दुर्घटनाओं को रोकना कठिन होगा,कमोबेश ब्रिटिश गढ़वाल के समय की तहसील रही चमोली कस्बे में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

डा.हरीश गौड़

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