रुद्रप्रयाग;
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज समस्त वैदिक रीति रिवाज के सातग बन्द हो गए है। बाबा को समाधि दी गयी और गर्भ गृह के कपाट बंद करबड़िये गए। बाबा की चल -विग्रह डोली सभा मण्डप से होती हुई धाम से प्रस्थान कर चुकी है। आज बाबा की डोली रामपुर विश्राम करेगी , कल बाबा की डोली गुप्तकाशी में रहेगी तत्पश्चात उखीमठ के लुए परसो प्रस्थान करेगी। वहां श्रद्धालु आगामी ग्रीष्मकाल आने तक बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
केदार बाबा के श्रद्धालुओं में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।2013 की आपदा के बाद भगवान शिव के प्रति आस्था का एक मुख्य धाम के रूप में प्रसिद्ध होता जा रहा है आपदा से पूर्व के वर्षों में जहां वर्ष 1988 से लेकर 1999 तक लगभग एक से डेढ़ लाख यात्री प्रतिवर्ष दर्शन करते थे तथा वर्ष 2000 से लेकर 2005 तक प्रतिवर्ष लगभग 2.5 से 3 लाख दर्शनार्थी यहां पहुंचे थे वर्ष 2006 से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और 2012 तक लगभग 5 लाख यात्री प्रतिवर्ष दर्शन के हेतु यहां पहुंचते थे। 2012 में सर्वाधिक 573040 दर्शनार्थियों ने श्री केदारनाथ भगवान के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद दर्शनार्थियों की संख्या वर्ष 2013 में आपदा से पूर्व 310615 तथा आपदा के बाद 1586 यात्रियों ने , वर्ष 2014 में 40832, वर्ष 2015 में 154430, वर्ष 2016 में 395033 एवं वर्ष 2017 में 471235 तथा इस वर्ष 2018 में 730456 यात्रियों ने बाबा श्री केदारनाथ के दर्शन किए, जो कि अब तक की सर्वाधिक दर्शनार्थियों की संख्या हैं। वर्ष 2017 में 1 दिन में 16174 यात्रियों ने तथा इस वर्ष 2018 में एक दिन में सर्वाधिक दर्शनार्थियों की संख्या का रिकॉर्ड 28 मई 2018 को 23852 दर्शनार्थियों के इतनी अत्यधिक ऊंचाई पर श्री केदारनाथ धाम में पहुंच कर दर्शन किये।
श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन का श्रेय श्रीमान जिलाधिकारी श्री मंगेश घिल्डियाल तथा उनके निर्देशन में कार्यरत आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित प्रशासन टीम के साथ साथ समस्त कार्यदाई संस्थाओं के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन हुआ।
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज समस्त वैदिक रीति रिवाज के सातग बन्द हो गए है। बाबा को समाधि दी गयी और गर्भ गृह के कपाट बंद करबड़िये गए। बाबा की चल -विग्रह डोली सभा मण्डप से होती हुई धाम से प्रस्थान कर चुकी है। आज बाबा की डोली रामपुर विश्राम करेगी , कल बाबा की डोली गुप्तकाशी में रहेगी तत्पश्चात उखीमठ के लुए परसो प्रस्थान करेगी। वहां श्रद्धालु आगामी ग्रीष्मकाल आने तक बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
केदार बाबा के श्रद्धालुओं में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।2013 की आपदा के बाद भगवान शिव के प्रति आस्था का एक मुख्य धाम के रूप में प्रसिद्ध होता जा रहा है आपदा से पूर्व के वर्षों में जहां वर्ष 1988 से लेकर 1999 तक लगभग एक से डेढ़ लाख यात्री प्रतिवर्ष दर्शन करते थे तथा वर्ष 2000 से लेकर 2005 तक प्रतिवर्ष लगभग 2.5 से 3 लाख दर्शनार्थी यहां पहुंचे थे वर्ष 2006 से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और 2012 तक लगभग 5 लाख यात्री प्रतिवर्ष दर्शन के हेतु यहां पहुंचते थे। 2012 में सर्वाधिक 573040 दर्शनार्थियों ने श्री केदारनाथ भगवान के दर्शन किए। 2013 की आपदा के बाद दर्शनार्थियों की संख्या वर्ष 2013 में आपदा से पूर्व 310615 तथा आपदा के बाद 1586 यात्रियों ने , वर्ष 2014 में 40832, वर्ष 2015 में 154430, वर्ष 2016 में 395033 एवं वर्ष 2017 में 471235 तथा इस वर्ष 2018 में 730456 यात्रियों ने बाबा श्री केदारनाथ के दर्शन किए, जो कि अब तक की सर्वाधिक दर्शनार्थियों की संख्या हैं। वर्ष 2017 में 1 दिन में 16174 यात्रियों ने तथा इस वर्ष 2018 में एक दिन में सर्वाधिक दर्शनार्थियों की संख्या का रिकॉर्ड 28 मई 2018 को 23852 दर्शनार्थियों के इतनी अत्यधिक ऊंचाई पर श्री केदारनाथ धाम में पहुंच कर दर्शन किये।
श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन का श्रेय श्रीमान जिलाधिकारी श्री मंगेश घिल्डियाल तथा उनके निर्देशन में कार्यरत आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित प्रशासन टीम के साथ साथ समस्त कार्यदाई संस्थाओं के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन हुआ।
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