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रुद्रप्रयाग;

भूपेंद्र भण्डारी

जिला प्रशासन ने शहर में अतिक्रमण को हटाने के लिए अपनी प्रक्रिया शुरु कर दी है। सीवर ट्ीटमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर शहर मे 12 दुकानों को हटाया जाना है। जिस पर बडी कार्यवाही करते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में छह दुकानों को हटा दिया है।
वहीं प्रशासन की इस कार्यवाही पर व्यापारियों में भारी आक्रोश बना हुआ है और व्यापारियों ने कार्यवाही को रोकते हुए प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी दुकानों की छतों पर चढ़ गये थे ,करीब पांच घण्टों के बाद जिलाधिकारी के आश्वाशन पर आंदोलनकारी व्यापारी छतों से उतरे। 

बुद्ववार को दोपहर में प्रशासन के अधिकारी व भारी पुलिस बल जैसे ही मुख्य बाजार में जेसीबी मशीनों के साथ पहुंचा तो व्यापारियों में हडकम्प मच गया। प्रशासन ने छह दुकानों को तो गिरा दिया दिया था मगर जनता के भारी विरोध के चलते सरकारी कार्यवाही को रोकना पडा। व्यापारियों का कहना था कि पहले तो प्रशासन ने तीन दुकानें हटाने की बात कही थी मगर अब 12 दुकानों को हटाया जा रहा है जो कि इकतरफा कार्यवाही है।
व्यापारियों रमेश प्रसाद जोशी  राजेन्द्र नेगी और शंकर भट्ट प्रभावित का कहना है कि वर्षों से इन दुकानों के जरिये अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे व्यापारियों का जब तक पुर्नविस्थापन नहीं हो जाता अन्य दुकानों को टूटने नहीं देंगे। व्यापारी अपनी दुकानों की छतों पर खडे हो गये और सरकारी कार्यवाही का विरोध करने लगे।
वहीं मौके पर मौजूद तहसीलदार सदर श्रेष्ठ गुनसोला
का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेशों पर यह कार्यवाही की जा रही है और सभी 12 दुकानों को हटाया जाना है। 
प्रशासन की कार्यवाही के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा साफ दिख रहा है और ऐसे में प्रशासन ने भी अपनी कार्यवाही को फिलहाल बन्द कर दिया है मगर अभी भी शहर में तनाव बना हुआ है जिसके चलते पुलिस फोर्स को बढ़ा दिया गया है। व्यापारी अपनी मांगों पर अडे हुए हैं और प्रशासन दुकानों को हटाने के पूरी तैयारी पर है। वहीं देर रात्रि जिलाधिकारी को मिले शिष्टमण्डल ने बताया कि व्यापारी अपनी दुकानों को स्वयं हटायेंगे। और नगर पालिका प्रभावित व्यापारियों के लिए अलग से नई दुकानों की ब्यवस्था करेगी।  



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