नई दिल्ली;
एक्ससाइज ड्यूटी में कटौती करते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर 2.50 रुपये प्रति लीटर कटौती करने का निश्चय किया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कटौती एक्साइज ड्यूटी मे करते हुए , केंद्र सरकार ₹ 1.50
और तेल मार्केटिंग कंपनियां ₹ 1 कटौती करेंगी।उन्होंने राज्य सरकारों ने भी कीमत घटाने का अनुरोध किया है।
यदि राज्य भी इतनी ही कटौती करें, तो दामों में पांच रुपये प्रति लीटर की कमी आएगी। गुरुवार को भी इनके दामों में क्रमश: 15 पैसे और 20 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 15 पैसे और 20 पैसे प्रति लीटर बढ़ाये गए हैं।
इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल अब 84 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 75.45 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह दोनों का सर्वकालिक उच्च स्तर है।
ईंधन के बढ़ते दाम से किसानों की पहले से बदहाल स्थिति और खराब होने की आशंका है। विशेषकर रबी फसलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। डीजल अभी रिकॉर्ड उच्च कीमत पर बेचा जा रहा है।
यह कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंपसेट तक डीजल से ही चलते हैं। अत: डीजल महंगा होने से किसानों पर इसका असर पड़ना तय है।इसी जे चलते सरकार ने ये कदम उठाए।
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