रूद्रप्रयाग ;
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जिला कार्यालय सभागार में आलवेदर रोड़ की समीक्षा बैठक ली।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने एन.एच. के अधिशासी अभियन्ता व ठेकेदारों को निर्देश दिये कि जिन स्थानों पर अभी तक कार्य प्रारम्भ नही हुआ उन स्थानों पर कार्य प्रारम्भ किया जाय। साथ ही जो भी डम्पिंग जोन है ,मलवा उस स्थान पर डाला जाय अन्य स्थानों में डालने पर कार्यवाही की जायेगी।
जिन स्थनों पर वन विभाग की भूमि है वन विभाग से हस्तांतरण के लिए नोडल अधिकारी को प्रस्ताव भेज कर हस्तांतरण की प्रक्रिया मंे तेजी लाकर कार्य में प्रगति लाई जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी प्लान्ट मशीन लगायी गयी है उसके लिए प्रशासन से अनुमति लेे ली जाय। नही लेने पर ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। साथ ही राजस्व उप निरीक्षक को जल्दी से जल्दी भूमि एवं मकान का मुआवजा बांटने के निर्देष दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने मकान का मुआवजा ले लिया है उन्हे 05 दिन का समय देकर मकान खाली करने के नोटिस दिया जाय।
पांच दिन के अन्दर मकान खाली न करने पर पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग डोजर लगाकर कार्य प्रारम्भ कराना सुनिष्चित करे। बैठक में ठेकेदारों द्वारा अवगत कराया गया कि वन निगम द्वारा अभी तक पेड़ो का कटान का कार्य पूर्ण नही किया गया है। वन निगम के अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि मजदूरो के आने पर पेड़ो कटान का कार्य 15 दिन के अन्दर पूर्ण कर लिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदारों को निर्देष दिए कि टैकरों द्वारा सड़क पर पानी का छिडकाऊ किया जाय। साथ ही जिलाधिकारी ने सख़्त निर्देश दिए कि सभी ठेकेदार अपने मजदूरों के लिए शौचालय का निर्माण करे। यदि 10 दिन के अन्दर शौचालय नहीं बनाये गये या मजदूर बाहर शौच करते पाया तो उसके खिलाफ कार्यवाही के साथ जुर्माना भी किया जायेगा।
बैठक में उप वन संरक्षक केदारनाथ अमित कंवर, अपर जिलाधिकारी गिरीष गुणवन्त, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ गोपाल सिंह चैहान, उप प्रभागीय वनाधिकारी महिपाल सिंह सिरोही, अधिशासी अभियन्ता एन.एच. मनोज बिष्ट, अधिषासी अभियन्ता जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सहायक अभियन्ता अनिल बिष्ट, तहसीलदार ऊखीमठ जयबीर राम बधानी सहित राजस्व उप निरीक्षक एवं ठेकेदार उपस्थित थे।
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