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देहरादून
जनपद देहरादून के अन्तर्गत देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72 (नयी संख्या-7)  पर स्थित ‘‘रिस्पना पुल’’ का नाम ‘‘स्वामी दयानन्द सरस्वती’’ के नाम पर परिवर्तित कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने बताया कि  मुख्यमंत्री  की घोषणा के अन्तर्गत देहरादून स्थित ‘‘रिस्पना पुल‘‘ का नाम परिवर्तन सम्बंधी शासनादेश जारी कर दिया गया है। 

देहरादून :
मा.उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर निगम देहरादून एवं जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जन सामान्य हेतु बनाये गये फुटपाथों, गलियों सड़कों एवं अन्य स्थलों पर किये गये अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध अतिक्रमणों में ध्वस्तीकरण, चिन्हांकन व सीलिंग का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत सोमवार को 270 अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, 250 अतिक्रमणों के चिन्हिकरण व 11 भवनों के सीलिंग का कार्य किया गया है। इस प्रकार अब तक कुल 1085 अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, 2817 अतिक्रमणों के चिन्हिकरण व 87 भवनों के सीलिंग का कार्य सम्पादित किया जा चुका है।
अपर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने सोमवार को महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, अतिक्रमणों के चिन्हीकरण व अवैध भवनों में किये जा रहे सीलिंग व इस संबंध में आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। श्री ओमप्रकाश ने इस अभियान से जुडे हुए जल निगम, बीएसएनएल, लो.नि.वि., ऊर्जा व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर ध्वस्तीकरण का कार्य किया गया है, उन स्थानों पर संबंधित विभाग अपने से संबंधित कार्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें। जिससे आम जनमानस को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो। श्री ओमप्रकाश ने कहा कि ध्वस्तीकरण किये गये स्थानों पर लगाये गये पीलरों पर जीयो-टैगिंग का कार्य तीव्रता के साथ किया जाए।
श्री ओमप्रकाश ने कहा कि अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण व सौन्दर्यीकरण के कार्य में विद्युत व लोक निर्माण विभाग का कार्य सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने निर्देश दिये कि रिस्पना से प्रिंस चौक व सर्वे चौक से रायपुर रोड स्थित डील फैक्ट्री तक जो भी सड़कों के चौड़ीकरण व सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जाना है, इसका एस्टीमेट एम.डी.डी.ए., लोक निर्माण विभाग व ऊर्जा विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयार करें, ताकि अग्रीम कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकें।
श्री ओमप्रकाश ने नगर निगम को निर्देश दिये कि वेंडिंग जोन बनाने की कार्यवाही जल्द से जल्द की जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दुकानें अतिक्रमण के दौरान हटाया गया है, उनका एक रिकार्ड बनाया जाए, ताकि वेंडिंग जोन बनने के बाद उन्हें दुकानें पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ आवंटित की जा सकें। श्री ओमप्रकाश ने निर्देश दिये कि अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण के कार्य में लगे हुए कार्मिकों के लिये जिस स्थान पर खाना बनाया जा रहा है। उस स्थान पर फूड इंस्पेक्टर की तैनाती भी की जाए, जो कि बन रह खाने की टेस्टिंग का कार्य सुनिश्चित करें।
अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, चिन्हांकन व सीलिंग का कार्य मुख्य सड़कों पर 25 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि मुख्य सड़कों पर 27 जुलाई, 2018 तक अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, चिन्हांकन व सीलिंग की कार्यवाही पूरी की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी श्री एस.ए.मुरूगेशन, एसएसपी सुश्री निवेदिता कुकरेती, सचिव एम.डी.डी.ए. श्री पी.सी.दुमका, अनु सचिव श्री दिनेश कुमार पुनेठा सहित अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुडे संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


देहरादून:
15वां वित्त आयोग करेगा अक्टूबर में प्रदेश का भ्रमण
15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य इस वर्ष अक्टूबर में प्रदेश के भ्रमण पर आयेंगे। आयोग प्रदेश के वित्तीय आय-व्यय के साथ ही आर्थिक संसाधनों की समीक्षा करेगा। 15वें वित्त आयोग को इस माह में राज्य के आर्थिक संसाधनों एवं वित्तीय आय-व्यय आदि का विस्तृत विवरण तैयार कर प्रेषित किया जाना है। इस संबंध में सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत एवं सलाहकार वित्त श्री इंदु कुमार पाण्डे के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 15वें वित्त आयोग को प्रस्तुत किये जाने वाले विवरण में, 14वें वित्त आयोग में हुए बेसिक परिवर्तन के कारण राज्य को हो रही कठिनाइयों का विस्तृत उल्लेख किया जाए। इस विवरण में अबतक राज्य को हुई आर्थिक हानि का आकलन कर इसकी भरपायी के लिये भी ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनावरण के साथ ही पर्वतों एवं ग्लेशियरों को भी इससे जोडने की बात इसमें सम्मिलित की जानी चाहिए। इससे ग्रीन बोनस का हमारा पक्ष भी मजबूत हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि हमारी हिस्सेदारी केन्द्रीय करो में किस प्रकार और अधिक बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि हमारी प्राकृतिक भौगोलिक परिस्थिति, भागीरथी ईको सेंसटिव जोन, सेन्चुरीज, आदि के कारण अनेक जल विद्युत परियोजनां रूकी है। इससे हमारा ऊर्जा प्रदेश का सपना अधूरा रहने के साथ ही राज्य की आर्थिकी को भी नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य की फ्लोटिंग पापुलेशन आपदा प्रभावित क्षेत्र आदि के कारण राज्य को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई का भी इसमें उल्लेख किया जाना भी उपयुक्त होगा। प्रदेश की विपरीत भौगोलिक परिस्थिति के कारण अन्य राज्यों की अपेक्षा अपनी आय व्यय के अन्तर की भरपाई के लिये इसमें राज्य का पक्ष मजबूती से रखने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हिमांचल प्रदेश को मिल रही सुविधाओं तथा उनके द्वारा दिये जाने वाले तथ्यों आदि का भी अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के सभी मानको का बिन्दुवार अध्ययन कर सभी तथ्यों का इसमें समावेश करते हुए रिपोर्ट तैयार की जाए।
इस संबंध में सलाहकार वित्त श्री इंदु कुमार पाण्डे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 15वें वित्त आयोग को प्रेषित की जाने वाली रिपोर्ट में सभी तथ्यों का समावेश किया जायेगा। आयोग से प्रदेश के संसाधनों की कमी के दृष्टिगत रेवन्यू डेफसिट ग्रांट उपलब्ध कराने के साथ ही राज्य का बडा भू-भाग वनावरण माउण्टेन ग्लेश्यिरों व सेन्चुरीज आदि के अधीन होने के कारण ग्रीन बोनस की मांग प्रमुख रूप से रखी जायेगी।
बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव श्री अमित नेगी, श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, श्रीमती सौजन्या, डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव श्री एल.एन.पंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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