देहरादून;
चकराता के क्षेत्रीय वन विभाग एवं पेयजल कार्यालय गत वर्षो से क्रमशः कालसी और डाकपत्थर विकास नगर में खुले आम चल रहे। परंतु पक्ष -विपक्ष दोनो जानबूझ कर मौन धारण किये बैठे हुए है ।
उक्त दोनों कार्यालय के सम्बन्ध में नवक्रान्ति कार्यकर्ताओं ने आज जिलाधिकारी की जनता दरबार में अपनी बात रखी ।
जबकि क्षेत्र के स्थानीय लोगो को पेयजल या वनविभाग संबंधी समस्या हेतु डाकपत्थर और कालसी आना पड़ता है ।
सवाल यह उठता है कि जब कार्यालय चकराता में जन सुविधा हेतु संचालित ही नही करना था तो वहाँ के नाम से कार्यालय क्यों आवंटित किया गया ?
किस प्रकार देहरादून बैठ कर ही पहाड़ो के कार्यालय संचालित हो पाते है,ताकि क्षेत्र की समस्या निदान हो।
उस पर उन्हें जिलाधिकारी द्वारा एक माह में उक्त दोनों कार्यालय चकराता में शिप्ट होने की बात कही गई है।
नवक्रान्ति का मानना है कि जिलाधिकारी द्वारा स्थानांतरण हेतु आदेश निर्गत नही हुए तो उक्त दोंनो कार्यालयो में तालाबन्दी एवं उग्रआन्दोलन होंगे ।
जिसकी समस्त जिमेदारी शासन प्रशासन की होगी । मौके पर नवक्रान्ति कानूनी सलाहकार गम्भीर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र जोशी जी, कुलदीप चौहान संयोजक,सतपाल सिंह, विजय चौहान, जुमान चौहान संजय आदि मौजूद रहे।
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